कोहली का शतक गया बेकार, न्यूज़ीलैंड ने पहली बार भारत में जीती सीरीज़
न्यूज़ीलैंड 337/8 (मिचेल 137, फ़िलिप्स 106, अर्शदीप 3-63, राणा 3-84) ने भारत 296/10 (कोहली 124, रेड्डी 53, राणा 52, क्लार्क 3-54, फ़ॉक्स 3-77) को 41 रनों से हराया
इंदौर में खेले गए निर्णायक मुक़ाबले में भारत को 41 रनों से हराकर न्यूज़ीलैंड ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज़ जीतने का कारनामा किया। इससे पहले पिछले साल न्यूज़ीलैंड ने भारत में पहली बार टेस्ट सीरीज़ भी जीती थी और तब से भारतीय टेस्ट टीम को घर पर भी लगातार दुर्लभ हारों का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद करना होगा कि वनडे में भी यह इस सिलसिले की शुरुआत ना हो।
338 रनों के एक बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कुछ ख़ास नहीं रही थी और उनके कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी रोहित शर्मा पहले सात ओवरों में ही पवेलियन में थे। इसके बाद टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर और केएल राहुल भी अपने रनों की संख्या को दहाई तक नहीं पहुंचा सके और 13वें ओवर में भारतीय टीम का स्कोर चार विकेट पर 71 रन था।
इसके बाद पूरा दारोमदार विराट कोहली पर था और उन्होंने इसे पूरी तरह निभाया। सबसे पहले उन्होंने नीतीश कुमार रेड्डी (53) के साथ पांचवें विकेट के लिए 88 गेंदों में 88 रनों की साझेदारी की। रेड्डी जब सही लय में दिखने लगे, तो विल यंग ने मिडविकेट पर एक अच्छा कैच लपककर उन्हें पवेलियन भेज दिया। ख़राब फ़ॉर्म से जूझ रहे रवींद्र जाडेजा ने यहां भी निराश किया और सिर्फ़ 12 रन बनाकर बाएं हाथ के स्पिनर जेडेन लेनॉक्स का शिकार हुए।
इसके बाद दिल्ली के एक अन्य खिलाड़ी हर्षित राणा ने कोहली का साथ दिया। कोहली ने पहले अर्धशतक और फिर शतक पूरा किया, लेकिन उसका जश्न नहीं मनाया। वह मैच को ख़त्म कर इसका जश्न मनाना चाहते थे। कोहली और राणा की साझेदारी ने यह उम्मीद भी दी। दोनों ने मैदान के चारों तरफ़ शॉट लगाए और सातवें विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी की। इस दौरान राणा ने अपना पहले वनडे अर्धशतक लगाया, लेकिन इसके तुरंत बाद न्यूज़ीलैंड की बेहतरीन फ़ील्डिंग का शिकार हुए। उन्होंने जैक फ़ॉक्स की फ़ुलटॉस गेंद को लॉन्ग ऑन पर हवा में मारा था और वहां खड़े हेनरी निकल्स ने आगे गोता लगाकर एक बेहतरीन कैच लपका।
इसके अगले ही गेंद पर मोहम्मद सिराज भी विकेट के पीछे आउट थे और इसी के साथ भारत की जीत की उम्मीदें भी जाती रही। कोहली आउट होने वाले नौवें खिलाड़ी थे और इसके दो गेंद बाद कुलदीप यादव को रनआउट कर न्यूज़ीलैंड ने जीत की औपचारिकता पूरी की।
इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम ने डैरिल मिचेल और ग्लेन फ़िलिप्स के शतकों की मदद से आठ विकेट पर 337 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत की तरह उनकी शुरुआत सही नहीं रही थी और उनके पहले दो विकेट पहले दो ओवरों में ही गिर गए थे। इसके बाद विल यंग और मिचेल के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई, लेकिन राणा ने यंग को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया।
तीन विकेट जल्दी गिर जाने के बाद मिचेल और फ़िलिप्स ने शुरुआत में क्रीज़ पर धैर्य और संयम के साथ खेलने की रणनीति अपनाई और जब जम गए तब मैदान के चारों तरफ़ शॉट खेले। मिचेल ने लगातार दूसरा शतक लगाया और अंततः 137 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 3 छक्के शामिल थे। वहीं दूसरे छोर पर फ़िलिप्स ने भी 106 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल थे। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 188 गेंदों में 219 रनों की साझेदारी हुई, जिससे कीवी टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई।
इन दोनों के अलावा माइकल ब्रैसवेल ने भी पारी के अंतिम हिस्से में तेज़ 28 रन जोड़े, जिससे टीम 337 के स्कोर तक पहुंच गई। भारत की तरफ़ से अर्शदीप सिंह और राणा ने तीन-तीन विकेट लिए, लेकिन मोहम्मद सिराज को छोड़कर सभी गेंदबाज़ बहुत महंगे साबित हुए।