गुवाहाटी में सीरीज़ अपने नाम करना चाहेगा भारत
बड़ी तस्वीर - भारत ने अपनी ताक़त और गहराई दिखाई
भारत ने रायपुर में दूसरे T20I में कुछ अहम मोर्चों पर कामयाबी हासिल की: सूर्यकुमार यादव ने अपने T20I अर्धशतक के सूखे को ख़त्म किया और इशान किशन आसानी से तिलक वर्मा की जगह पर फ़िट हो गए। जसप्रीत बुमराह (जिन्हें आराम दिया गया था) और अक्षर पटेल (जो उंगली की चोट से जूझ रहे हैं) की ग़ैरमौजूदगी में, कुलदीप यादव ने वरुण चक्रवर्ती के साथ मिलकर न्यूज़ीलैंड की मुश्किलें बढ़ा दीं, जबकि रायपुर में ओस जल्दी गिरने लगी थी।
ज़्यादातर दूसरी टीमों को तिलक जैसे बहुमुखी बल्लेबाज़ की जगह भरना मुश्किल लगता, लेकिन भारत के पास पहले ही ओवर में आने के लिए किशन थे। जब तक वो 32 गेंदों में 76 रन बनाकर वापस लौटे, भारत 209 के लक्ष्य का पीछा करते हुए काफ़ी आगे निकल चुका था। इसके बाद सूर्यकुमार ने किशन से भी ज़्यादा रन बनाए और लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया। जब तक टॉस हारने के बाद हालात बहुत ज़्यादा नहीं बदलते, या विपक्षी टीम की तरफ़ से कोई करिश्माई प्रदर्शन नहीं होता, तब तक भारत 2026 T20 विश्व कप के लिए प्रबल दावेदार बना रहेगा।
विश्व कप नज़दीक आने के साथ न्यूज़ीलैंड अभी भी अपनी पूरी ताक़त वाली प्लेइंग XI मैदान पर उतारने का इंतज़ार कर रहा है। बिग बैश लीग (BBL) में छक्कों की बरसात कर रहे फिन एलेन, पर्थ स्कॉर्चर्स के लिए फ़ाइनल खेलने के बाद टीम से जुड़ेंगे। वो शायद तिरुवनंतपुरम में होने वाले केवल आख़िरी T20I के लिए ही उपलब्ध होंगे। बांग्लादेश प्रीमियर लीग जीतने के बाद, ऑलराउंडर जिमी नीशम भी गुवाहाटी में तीसरे T20I से पहले न्यूज़ीलैंड टीम से जुड़ जाएंगे। तेज़ गेंदबाज़ लॉकी फ़र्ग्यूसन पहले ही टीम में शामिल हो चुके हैं, लेकिन वो अभी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं।
फ़ॉर्म गाइड - भारत का विजय रथ जारी
भारत WWWWL (पिछले पांच पूरे हुए T20I हालिया सबसे पहले) न्यूज़ीलैंड LLWWW
इन खिलाड़ियों पर होंगी निगाहें
कभी हार्दिक पंड्या के बैक-अप माने जाने वाले, शिवम दुबे ने भारत की विश्व विजेता टीम में एक मुख्य खिलाड़ी के तौर पर ख़ुद को स्थापित कर लिया है। भले ही स्पिन को मारना उनकी ख़ासियत है, लेकिन वो तेज़ गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ भी काफ़ी सहज हो गए हैं और गेंद के साथ भी उपयोगी ओवर डालते हैं। उन्होंने अपनी पिछली सात गेंदबाज़ी पारियों में से छह में कम से कम एक विकेट चटकाया है।
T20 क्रिकेट रचिन रविंद्र का सबसे कमज़ोर प्रारूप है, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने पावरप्ले में आक्रामक रवैया दिखाया। उन्होंने बीच के ओवरों में वरुण को दो छक्के जड़े और 169.23 के स्ट्राइक रेट से 26 गेंदों में 44 रन बनाए, जो T20 में उनके करियर स्ट्राइक रेट से लगभग तीस अंक ज़्यादा है। न्यूज़ीलैंड चाहेगा कि रविंद्र इस आक्रामकता को बनाए रखें और इस प्रारूप में भी सफ़लता पाएं।