T20 विश्व कप में प्रबल दावेदार होगा ऑस्ट्रेलिया, लेकिन सवाल अब भी हैं क़ायम
शेड्यूल
11 फरवरी: आयरलैंड, कोलंबो (3pm स्थानीय समयानुसार)
13 फरवरी: ज़िम्बाब्वे, कोलंबो (11am स्थानीय समयानुसार)
16 फरवरी: श्रीलंका, पल्लेकेले (7pm स्थानीय समयानुसार)
20 फरवरी: ओमान, पल्लेकेले (7pm स्थानीय समयानुसार)
बड़ी तस्वीर: कमिंस और स्टार्क के बिना नया है ऑस्ट्रेलिया का तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण
अपने बेहतरीन प्रदर्शन के कारण 2026 T20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया जीत की दावेदारों में से एक के रूप में उतरेगी। पिछले विश्व कप से अब तक उन्होंने 24 पूरे हुए मैचों में 17 जीते हैं और केवल सात में हार का सामना किया है। लाहौर में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पिछले हफ़्ते हुई 3-0 की क्लीन स्वीप से पहले उन्होंने 21 में से 17 मैच जीते थे।
हालांकि, टूर्नामेंट में उनका कुल मिलाकर प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। 2021 में जीते गए ख़िताब का अपने घर में बचाव उनके लिए काफ़ी निराशाजनक रहा था क्योंकि केवल एक मैच गंवाने के बावजूद वे नॉकआउट से बाहर हो गए थे। 2024 में भारत ने उन्हें सेमीफ़ाइनल में हरा दिया था। उसके बाद डेविड वॉर्नर और मैथ्यू वेड के संन्यास लेने के बाद से चीज़ें काफ़ी बदल गईं और अब मिचेल स्टार्क और ऐश्टन एगार भी इस प्रारूप में खेलते नहीं दिखेंगे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की मानसिकता में काफ़ी बदलाव आया है और बल्लेबाज़ी में उन्होंने काफ़ी आक्रामकता दिखाई है।
खिलाड़ियों का जाना-पहचाना सीनियर कोर ग्रुप अभी भी मौजूद है, जिसमें अब रेगुलर नामों के तौर पर कैमरन ग्रीन, जॉश इंग्लिस और नाथन एलीस भी जुड़ गए हैं। पैट कमिंस की गैरमौजूदगी और अब संन्यास ले चुके स्टार्क के न होने से तेज़ गेंदबाज़ों की एक नई पौध सामने आई है, जिसमें ज़ेवियर बार्टलेट अपने पहले विश्व कप का हिस्सा बने हैं।
इस टूर्नामेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी स्पिन गेंदबाज़ी को भी मज़बूत किया है। ऐडम ज़ैम्पा और ग्लेन मैक्सवेल की जमी-जमाई जोड़ी के साथ, बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू कुनमन और कूपर कॉनली को शामिल किया गया है। कॉनली पर्थ स्कॉर्चर्स के लिए गेंदबाज़ी करते हुए एक सफल BBL सीज़न के बाद टीम में आए हैं।
टूर्नामेंट के लिए बन रहे माहौल के बीच स्टीव स्मिथ की BBL फ़ॉर्म ने उनकी वापसी की संभावनाएं जिंदा की थीं, लेकिन चयनकर्ताओं ने इस विकल्प पर विचार नहीं किया है। किसी बल्लेबाज़ को चोट लगने की स्थिति में उन्हें स्टैंडबाई पर रखा गया है। चयनकर्ताओं ने मैथ्यू शॉर्ट को हटाकर मैट रेनशॉ का चयन अंतिम समय में किया है।
शेड्यूल भी शायद ऑस्ट्रेलिया की परीक्षा लेने वाली है। उनके पहले चरण के सारे मैच श्रीलंका में ही हैं और यदि वे अगले राउंड में गए तो फिर सुपर-8 के मैच भारत में खेलेंगे। मेज़बान टीम के उनके ही पूल में होने के कारण उनकी श्रीलंकाई स्पिनर्स द्वारा परीक्षा ली जा सकती है। यदि अगले राउंड में पहुंचे तो भारत में उन्हें IPL जैसी पिचें मिल सकती हैं, लेकिन इस बात की भी उम्मीद है कि उन्हें स्पिनर्स की मददगार चेन्नई की पिच पर खेलना पड़ सकता है।
हालिया फ़ॉर्म
पिछले साल जुलाई से अक्तूबर के बीच उन्होंने वेस्टइंडीज़, साउथ अफ़्रीका और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सीरीज़ जीत हासिल की और इन सबमें उन्हें केवल एक मैच में हार मिली। हालांकि, भारत ने इस विजयरथ पर ब्रेक लगाया और इस सीज़न की शुरुआत में 2-1 से सीरीज़ जीती। जून 2024 के बाद ऑस्ट्रेलिया की यह पहली बैक-टू-बैक हार थी। पाकिस्तान में उन्हें अपनी आधी ताक़त वाली टीम के साथ बुरी तरह हार झेलनी पड़ी। सभी तीन मैचों में उन्होंने टॉस गंवाए और सभी में दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर्स ने उनकी कमर तोड़ दी।
इन खिलाड़ियों पर होंगी निगाहें
ट्रैविस हेड वनडे विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल में मैच जिताने वाली पारियां खेल चुके हैं। इस फ़ॉर्मेट में अब तक वह ऐसा करने में नाकाम रहे हैं। वेस्टइंडीज़ में खेले गए पिछले विश्व कप में उन्होंने प्रभावित किया था और ऑस्ट्रेलिया के लिए सर्वाधिक तो वहीं टूर्नामेंट में तीसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे थे। 43 गेंदों में 76 रनों की पारी के साथ सेमीफ़ाइनल में उन्होंने अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा था।
टिम डेविड अपने बल्ले से कोई मैच और यहां तक कि विश्व कप भी जिता सकते हैं। बल्लेबाज़ी क्रम में ऊपर भेजे जाने का मतलब है कि अब वह केवल फ़िनिशर नहीं रह गए हैं और वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 37 गेंदों में 102 रनों की पारी के साथ उन्होंने दिखाया था कि क्रीज़ पर अधिक समय मिलने पर वह क्या कर सकते हैं। BBL में लगी चोट के कारण विश्व कप से पहले उनके पास अधिक क्रिकेट खेलने का मौक़ा नहीं था।
पुरुष T20I में 100 या उससे अधिक विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के इकलौते गेंदबाज़ ऐडम ज़ैम्पा लिमिटेड ओवर्स की क्रिकेट में दुनिया के बेहतरीन स्पिनर्स में से एक हैं। भारत और श्रीलंका की परिस्थितियों में वह काफ़ी असरदार साबित हो सकते हैं। उन्होंने श्रीलंका में केवल दो मैच खेले हैं और 2016 से ही इस देश में कोई T20I नहीं खेला है।
आख़िरी मौक़ा?
मैक्सवेल और मार्कस स्टॉयनिस इस श्रेणी में आने वाले दो सबसे संभावित खिलाड़ी हैं। हालांकि मैक्सवेल ने अभी BBL में दो और सालों के लिए करार किया है, इसलिए वे अभी कुछ समय और नज़र आ सकते हैं। 2028 में अपने घर में होने वाला T20 विश्व कप (जिसकी मेज़बानी न्यूज़ीलैंड के साथ मिलकर होगी) कुछ खिलाड़ियों के लिए खेलने की एक वजह हो सकती है। कप्तान मिचेल मार्श ने रेड-बॉल क्रिकेट और गेंदबाज़ी से दूरी बना ली है, इसलिए वे एक और विश्व कप खेल सकते हैं। जब अगला टूर्नामेंट आएगा, तब जॉश हेज़लवुड 37 साल के होंगे। उनके और पैट कमिंस के लिए, यह अलग-अलग फ़ॉर्मेट्स के बीच संतुलन बनाने का भी सवाल होगा।
सर्वश्रेष्ठ एकादश
1 मिचेल मार्श (कप्तान), 2 ट्रैविस हेड, 3 कैमरन ग्रीन, 4 जॉश इंग्लिस (विकेटकीपर), 5 टिम डेविड, 6 मार्कस स्टॉयनिस, 7 ग्लेन मैक्सवेल, 8 ज़ेवियर बार्टलेट, 9 नेथन एलिस, 10 ऐडम ज़ैम्पा, 11 जॉश हेज़लवुड
बाकी दल: मैट रेनशॉ, कूपर कॉनली, बेन ड्वारश्विस और मैट कुनमन
एंड्रयू मैक्ग्लाशन ESPNcricinfo में डिप्यूटी एडिटर हैं
