धोनी : मौजूदा समय में भारतीय टीम T20 में दुनिया की सबसे ख़तरनाक टीम है
पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी की नज़र में 2026 के T20 विश्व कप के लिए भारत सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरेगा।
आंकड़े भी धोनी के इस भरोसे की गवाही देते हैं। डिफ़ेंडिंग चैंपियन टीम इंडिया ने अक्तूबर 2023 से अब तक खेले गए T20 अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबलों में 51 बार जीत का स्वाद चखा है, जबकि महज़ 8 मैचों में उसे नाकामी मिली। टीम की असली ताक़त उसकी विस्फोटक बल्लेबाज़ी है, जहां बड़े-बड़े सिक्सर जड़ने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। गेंदबाज़ी में भी भारत का पलड़ा भारी है, क्योंकि उनके पास जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे वर्तमान दौर के दो सबसे अच्छे गेंंदबाज़ मौजूद हैं।
एक इवेंट में धोनी ने कहा, "एक अच्छी टीम के लिए जो कुछ भी चाहिए, सब कुछ इसमें मौजूद है। ख़ास तौर पर इस फ़ॉर्मैट में इनके पास अनुभव की कोई कमी नहीं है। उन्होंने दबाव में खेला है। टीम में जो भी खिलाड़ी जिस भी भूमिका में है, वह उस भूमिका को काफ़ी समय से निभाता आ रहा है।"
धोनी को जिस एक चीज़ की चिंता है, वह ओस है, जो रात के मैच में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के पक्ष में पलड़ा झुका सकती है।
उन्होंने कहा, "जो चीज़ मुझे परेशान करती है, वह है ओस। मुझे ओस बिल्कुल पसंद नहीं है। ओस बहुत कुछ बदल देती है। जब मैं खु़द खेलता था, तब भी ओस से सबसे ज़्यादा डर लगता था, क्योंकि वहां टॉस बेहद अहम हो जाता है और कई चीज़ें उसी पर निर्भर हो जाती हैं।" इसके अलावा फ़ॉर्मैट की अपनी अनिश्चितता भी है, जहां किसी भी दिन कोई भी टीम किसी को भी हरा सकती है।
उन्होंने कहा, "अगर हम बेहतरीन टीमों के ख़िलाफ़ दस मैच खेलें और हालात बराबर हों, तो ज़्यादातर मौकों पर हम ही विजेता बनकर निकलेंगे। समस्या तब आती है, जब आपकी टीम के कुछ खिलाड़ियों का दिन ख़राब होता है और सामने वाली टीम का कोई खिलाड़ी शानदार दिन बिता देता है। T20 क्रिकेट में ऐसा हो सकता है। ऐसे मौकों पर, चाहे लीग स्टेज हो या नॉकआउट, वही समय होता है जब दुआओं की ज़रूरत पड़ती है। कोई भी खिलाड़ी चोटिल न हो। जो भी भूमिकाएं दी गई हैं, खिलाड़ी उन्हें पूरा करें। अगर ऐसा होता है, तो नज़र न लगे, लेकिन यह टीम वाकई सबसे ख़तरनाक टीमों में से एक है।"