'अब हर कोई नेत्रवलकर नाम को जानता है'
रात के एक बजे का समय था, जब कुछ लोग मुंबई में नेत्रवलकर परिवार के घर पहुंच गए। उस रात USA ने डैलेस में खेले गए 2024 T20 विश्व कप मैच में पाकिस्तान को हराया था, और नरेश नेत्रवलकर के बेटे सौरभ नेत्रवलकर ने कुछ मिनट पहले ही USA के लिए एक सफल सुपर ओवर फेंका था।
सौरभ की छोटी बहन निधि को पड़ोसियों ने बधाई दी, जिनमें कुछ ऐसे लोग भी थे, जो सालों पहले सौरभ के साथ क्रिकेट खेल चुके थे। अगले दिन उनके फ़ोन दोस्तों और रिश्तेदारों के मैसेज से भर गए। सुबह होते-होते एक न्यूज़ चैनल की टीम उनके लिविंग रूम में उनका इंटरव्यू ले रही थी। "उन्हें हमारा नंबर कहां से मिला, हमें समझ नहीं आया," निधि दो साल बाद भी हैरानी से कहती हैं।
जब लोग उनका कम सुनाई देने वाला सरनेम सुनते हैं, तो पूछते हैं, "क्या आप सौरभ को जानते हैं?" "हम कहते हैं, 'हां, वो मेरे भाई हैं,'" निधि बताती हैं। "और फिर वे कहते हैं, 'ओह माय गॉड, ये तो कमाल है।' अब हर कोई हमारा सरनेम जानता है।"
नेत्रवलकर परिवार अब भी जून 2024 की उस रात के बाद बदली हुई चीज़ों का आदी हो रहा है। उनकी मां विश्व कप से कुछ समय पहले सैन फ्रैंसिस्को गई थीं, ताकि उनकी गर्भवती बहू के साथ रह सकें। USA की कनाडा पर पहली जीत के बाद नेत्रवलकर ने अचानक अपनी मां और पत्नी को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ होने वाले अगले मैच के लिए डैलेस आने को कहा। ऐसे में जब पिता और बहन मुंबई से मैच देख रहे थे, तब मां और पत्नी स्टैंड्स से उनका हौसला बढ़ा रही थीं।
"जब वह नहीं खेल रहा होता था, तो बस घर पर ही रहता था," निधि कहती हैं। "उसने अपनी ज़िंदगी में कभी ऐसा नहीं किया था। वह हमेशा पढ़ाई करता रहता था या कुछ न कुछ करता ही रहता था। उस समय वह बहुत तनाव में और उदास रहता था। तभी उसने GRE की तैयारी शुरू की। उसने बस ऐसे ही आवेदन किया और अच्छा स्कोर आ गया, तो उसे लगा शायद यह कोई इशारा है। उसने इसे गंभीरता से आज़माने का फैसला किया।"
2015 में नेत्रवलकर पढ़ाई के लिए USA चले गए। वहां उन्होंने लोकल लीग्स में क्रिकेट खेलना जारी रखा और जब ICC ने एसोसिएट टीम के लिए पात्रता की रेज़िडेंसी शर्त सात साल से घटाकर तीन साल कर दी, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिला। 2019 में उन्होंने USA के लिए वनडे और T20I डेब्यू किया। तब तक वे कैलिफ़ोर्निया में सॉफ़्टवेयर कंपनी ओरेकल में काम भी करने लगे थे। सोमवार से शुक्रवार तक टेक की नौकरी और वीकेंड पर क्रिकेट, जिसके लिए कई बार उन्हें एक तरफ़ का सात-आठ घंटे का सफ़र करना पड़ता था।
निधि ने अपने भाई को एक अनुशासित इंसान बनते देखा है, जिसने अब पिता बनने की ज़िम्मेदारी भी संभाल ली है। आजकल नेत्रवलकर हर सुबह डेढ़ घंटे योग करते हैं और नियमित रूप से खाना पकाते हैं। वे पिछले चार साल से वीगन भी हैं।
"उसकी ज़िंदगी काफ़ी बदल गई है," निधि कहती हैं। "बचपन में वह बहुत शरारती था और हमेशा किसी न किसी चीज़ में लगा रहता था। लेकिन अब वह बिल्कुल अलग है, पूरी तरह शांत और संतुलित। अपने पुराने रूप से बिल्कुल उलट।
"उन्होंने सिर्फ़ खाने में ही नहीं, बल्कि पूरी तरह वीगन जीवनशैली अपनाई है," वह अपने भाई और भाभी के बारे में कहती हैं। "उन्होंने एक कुत्ता भी गोद लिया है और वे ऊन नहीं पहनते हैं।
"मुझे लगता है इससे उसकी फ़िटनेस को काफ़ी फ़ायदा हुआ है। वह आध्यात्मिकता में रुचि रखता है, बहुत पढ़ता है। वह अपनी नौकरी में अच्छा है, घर में अच्छा है, अच्छा खाना बनाता है, अपनी बेटी का ध्यान रखता है।"
पिछले डेढ़ साल में सोशल मीडिया पर नेत्रवलकर के युकूलेले बजाते हुए काफ़ी वीडियो वायरल हुए हैं। निधि बताती हैं कि वह स्कूल बैंड में बांसुरी भी बजाया करते थे। मैदान के बाहर उनकी रुचियों की विविधता परिवार के लिए कोई हैरानी की बात नहीं है। बचपन से ही वह कई चीज़ों में साथ-साथ लगे रहते थे। पढ़ाई और क्रिकेट के बीच उन्होंने कॉलेज प्रोजेक्ट के तौर पर CricDecode नाम का एक क्रिकेट ऐप भी बनाया था।
"यह काफ़ी हद तक क्रिकइंफ़ो जैसा था। उस समय ऐसे प्लेटफ़ॉर्म कम थे, जहां एक स्थानीय क्रिकेटर भी अपने आंकड़ों का विश्लेषण कर सके," निधि कहती हैं। "मैच खेलने के बाद आप घर आकर अपना डेटा उस ऐप में भर सकते थे।"
नेत्रवलकर साल में लगभग एक बार अपने परिवार से मिलने आते हैं और कई बार उन्होंने अपने पिता को टेनिस-बॉल सीनियर सिटीजन क्रिकेट टीम में खेलते हुए भी देखा है। ऐसी ही एक यात्रा के दौरान उनसे एक लोकल सीनियर सिटीजन टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ़ द मैच पुरस्कार देने को कहा गया और वह पुरस्कार उनके पिता को मिला।
2024 की उस यादग़ार रात के क़रीब 18 महीने बाद, निधि और नरेश उसी सोफ़े पर बैठे हैं, जहां से उन्होंने नेत्रवलकर के विश्व कप कारनामे देखे थे। कुछ ही दिनों में वह 2026 T20 विश्व कप में USA का पहला मैच भी देखेंगे। इस बार जगह मुंबई है और विपक्षी टीम भारत है। संभव है कि नेत्रवलकर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव को गेंदबाज़ी करें, जिनके साथ उन्होंने अंडर-17 क्रिकेट खेला था और जिनकी कप्तानी में मुंबई के लिए भी खेले थे।
2024 T20 विश्व कप में भारत के ख़िलाफ़ नेत्रवलकर के आंकड़े बिल्कुल वही थे जो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ थे, लेकिन USA यह मैच सात विकेट से हार गया। "उसने दो बड़े विकेट लिए थे - विराट कोहली और रोहित शर्मा," नरेश याद करते हैं।
आने वाले मैच से नेत्रवलकर परिवार की उम्मीदें बिल्कुल साफ़ हैं। निधि बिना झिझक कहती हैं, "हम चाहते हैं कि वह अच्छा खेले, लेकिन अंत में हम भारत की जीत चाहते हैं।"
नरेश जोड़ते हैं, ""भारत नंबर 1 है। लेकिन कम से कम वे [USA] अच्छा खेलें और एक कड़ा मुकाबला दें।"
उनका कहना है कि नेत्रवलकर अपने देश और अपने अपनाए हुए देश के बीच होने वाले मैच से जुड़ी भावनाओं से खुद को अलग रखते हैं। "वह ऐसे नहीं सोचता कि 'मैं भारत के ख़िलाफ़ खेल रहा हूं।' उसके लिए यह बस एक मैच है, जिसे उसे खेलना है और जो वह करता है, उसे करना है। मुझे लगता है कि यही चीज़ उसकी मदद करती है।"
जैसा कि उन्होंने 2024 में भारत के ख़िलाफ़ हुए मैच में भी किया था, नेत्रवलकर इस बार भी 7 फ़रवरी को मैच शुरू होने से पहले दोनों राष्ट्रीय गान गाएंगे।
भारत के अलावा USA के ग्रुप में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और नामीबिया शामिल हैं। नेत्रवलकर परिवार जानता है कि दो साल पहले टीम ने जो हासिल किया था, उसके बावजूद USA सुपर-8 में पहुंचने के फ़ेवरिट नहीं माने जा रहे हैं। लंबे समय में नेत्रवलकर की नज़र अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप पर है, जिसमें पिछली बार के विपरीत 10 नहीं बल्कि 14 टीमें हिस्सा लेंगी।
USA सात अन्य टीमों के साथ ICC विश्व कप League 2 से अपनी क्वालिफ़िकेशन यात्रा शुरू करेगा। वहां से शीर्ष चार टीमें 10 टीमों वाले विश्व कप क्वालिफ़ायर में जाएंगी और क्वालिफ़ायर से शीर्ष चार टीमें मुख्य टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी।
कई सालों से नेत्रवलकर का परिवार अलग-अलग टाइम ज़ोन में रहते हुए ऑनलाइन और टेलीविज़न पर उनके मैचों को फॉलो करता आया है। अगले हफ़्ते वे वानखेड़े में अपनी सीटों से उनका समर्थन कर पाएंगे, जो उनके नए घर से दूर उनका पहला घरेलू मैदान है।
विशाल दीक्षित ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं
