"निडर रहिए, आउट होने के बारे में सोचना ही नहीं है" - क्या इस विश्व कप में 300 का स्कोर बनेगा ?
क्या इस T20 विश्व कप में 300 रनों का आंकड़ा पार किया जाएगा ?
आज से कुछ साल पहले यह सवाल कई लोगों को चौंका सकता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। हालिया क्रिकेट में बल्लेबाज़ बेहद आक्रमकता के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। गेंदबाज़ों को लगातार निशाना बनाते हुए, मैदान के चारों ओर गगनचुंबी शॉट्स लगाए जा रहे हैं। पुरुषो के T20 में अब तुक कुल पांच 300 या उससे ज़्यादा के स्कोर बनाए गए हैं। वहीं अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो तीन बार उस आंकड़े को पार किया गया है।
अंतिम बार इंग्लैंड की टीम ने ऐसा किया था। तब फ़िल सॉल्ट और जोश बटलर ने कई बड़े रिकॉर्ड को धराशाई कर दिया था। मेनचेस्टर में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ खेले गए उस मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों ने एक अलग ज़ोन में बल्लेबाज़ी की थी। इसमें कोई दो मत नहीं सॉल्ट और बटलर की वह आतिशबाज़ी क्रिकेट के बेहतरीन नज़ारों में से एक था लेकिन ऐसा नहीं है कि उस तरह का क्रिकेट पहली या आख़िरी बार खेला गया। भारतीय टीम एक से ज़्यादा बार 300 के आंकड़े को पार करने के काफ़ी क़रीब गया। बांग्लादेश के ख़िलाफ़ हैदराबाद में तो वह सिर्फ़ तीन रन से पीछे रह गए थे।
हालांकि जब हम ये सारी बातें कर रहे हैं तो एक बात का ख़्याल रखना चाहिए कि T20 विश्व कप का सर्वोच्च टीम स्कोर 20 साल पहले बनाया गया था। तब श्रीलंका की टीम ने 6 विकेट पर 260 रनका स्कोर बनाया था। वह टूर्नामेंट का पहला संस्करण था।
साथ ही एक और बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह विश्व कप भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा, जहां ज़्यादातर स्टेडियम की बाउंड्री छोटी है और आउटफ़ील्ड काफ़ी तेज़ है। साथ ही ओस के असर की पूरी संभावना है। कुल मिला कर 300 से ज़्यादा के स्कोर बनने की संभवना हमेशा ही बनी रहेगी।
सफ़ेद गेंद के फ़ॉर्मैट में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को दुनिया के बेहतरीन पावर हिटर्स में गिना जाता है। उनका मानना है कि इस T20 विश्व कप में 300 रन बन सकते हैं। गुरुवार को टूर्नामेंट से पहले कप्तानों की मीडिया ब्रीफ़िंग में ब्रूक ने कहा, "भारत में कई ऐसे मैदान हैं, जहां 300 से ज़्यादा का स्कोर बन सकता है। पिचें इस वक़्त काफ़ी अच्छी दिख रही हैं। आउटफ़ील्ड तेज़ हैं और बाउंड्री भी काफ़ी छोटी हैं। ऐसे में आपको बस निडर होकर खेलना है, आउट होने की चिंता नहीं करनी है और जितना हो सके आक्रमण करते रहना है।"
T20 बल्लेबाज़ी में एक ख़ास चीज़ देखने को हमेशा मिलती है। जैसे-जैसे बल्लेबाज़ ज़्यादा निडर होते गए, वैसे-वैसे बल्लेबाज़ी के कई पुराने सिद्धांत टूट चुके हैं। अब एंकर बल्लेबाज़ बोझ माने जाने लगे हैं। टीमें ऑलराउंडर्स से भरी बल्लेबाज़ी लाइन अप उतार रही हैं। एक और नया रुझान यह है कि मैच अप्स को ज़्यादा तवज्जो नहीं दी जा रही है। उदहारण के लिए अगर किसी बल्लेबाज़ को किसी गेंद पर या किसी गेंदबाज़ ख़िलाफ़ कोई कमज़ोरी है तो उस बल्लेबाज़ बच कर नहीं, बल्कि खुल कर खेलने को कहा जा रहा है। पहले के बल्लेबाज़ अपनी कमज़ोरी के प्रति रक्षात्मक रूख़ अपनाते थे।
बुधवार शाम नवी मुंबई में वार्म अप मैच के दौरान इशान किशन ने साउथ अफ़्रीका के अनरिख़ नॉर्खिए की रफ़्तार का इस्तेमाल करते हुए 6, 6, 4, 6 जड़े। नॉर्खिए के कप्तान ऐडन मारक्रम लगभग हर गेंद के बाद फ़ील्ड बदलने के लिए अपने गेंदबाज़ के पास दौड़ते रहे। इसका कोई असर नहीं पड़ा। मारक्रम का कहना है कि उन्होंने एक नया ट्रेंड देखा है, जिसमें बल्लेबाज़ अब गेंदों के छोटे-छोटे समूह पर हावी हो रहे हैं।
मारक्रम ने गुरुवार को कहा, "आजकल खेल बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। अब आप ओवर जीतने की नहीं, बल्कि गेंदों के छोटे समूह जीतने की सोचते हैं। मैच के अंत में दो-तीन अच्छी गेंदों का एक साथ निकलना बड़ा फ़र्क़ पैदा करता है। ऐसे में गेंदबाज़ों के लिए हालात वाक़ई मुश्किल हो जाते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "यह आसान काम नहीं है, ख़ासकर तब जब आप ऐसे देश में खेल रहे हों जहां पिचें बेहतरीन हों, बाउंड्री छोटी हों और बल्लेबाज़ खुलकर खेल रहे हों। लेकिन हमारी यूनिट इसे एक चुनौती और अवसर के तौर पर देखती है। हालात हमारे ख़िलाफ़ हो सकते हैं, लेकिन हम उसी चुनौती पर ध्यान देंगे और देखते हैं कि लड़ाई हमें कहां ले जाती है।"
औसत प्रति गेंद बाउंड्री (BPB) के आंकड़े पिछले दो T20 विश्व कप के बीच बल्लेबाज़ों के बदले इरादों की तस्वीर पेश करते हैं। 2022 और 2024 के बीच सभी T20 मैचों में BPB 7.24 रहा, जबकि सिर्फ़ फुल मेंबर देशों के लिए यह आंकड़ा 5.67 था। 2024 संस्करण और मौजूदा टूर्नामेंट के बीच यह आंकड़े 7.11 और 5.59 हैं। पावर हिटर्स से भरी टीमें अब पहले छह ओवर में क़रीब 100 रन बनाना सामान्य बना चुकी हैं। 2024 विश्व कप के बाद से अब तक 12 फुल मेंबर देशों के बीच T20I में पावरप्ले रन रेट 8.29 से बढ़कर 8.62 हो गया है।
कप्तान के तौर पर ब्रूक का मानना है कि जब बल्लेबाज़ आक्रमकता के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, तब शांत रहना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "आपको जितना हो सके ठंडे दिमाग़ से काम लेना होगा। कुछ देर के लिए खेल को धीमा करना होगा और जब लगे कि आप हावी हैं, तब रफ़्तार बढ़ानी होगी। साथ ही अपने गेंदबाज़ों को भी शांत रखना होगा।"
ब्रूक के दाईं ओर अफ़ग़ानिस्तान के स्टार गेंदबाज़ राशिद ख़ान बैठे थे। उन्हें पिछले एक दशक का शायद सबसे बेहतरीन T20 गेंदबाज़ माना जाता है।
उन्होंने कहा, "एक गेंदबाज़ के तौर पर आप यह नहीं सोच सकते कि सामने वाली टीम 200 या 300 बना लेगी। अगर आप इसे स्वीकार कर लेंगे कि उतना ही रन बनेगा तो वही होगा। मैं कभी यह नहीं मानता कि टीम 200 बनाएगी। मैं हमेशा उन्हें जितना हो सके कम स्कोर पर रोकने की सोच लेकर उतरता हूं। अगर आप ग्रुप में यह ऊर्जा बनाए रखते हैं कि 250 या 300 बनेंगे, तो यक़ीन मानिए, वही होगा। ऐसे मौक़ों पर अनुभव काम आता है। जब हालात आपके पक्ष में नहीं हों, तब आप अपनी स्किल्स पर भरोसा करते हैं।"
उन्होंने टॉस के प्रभाव पर भी बात की और कहा, "पिछले चार-पांच सालों में मैंने देखा है कि टॉस के परिणाम से मैच तय हो जाते हैं। लोग मान लेते हैं कि टॉस जीतो और मैच जीतो। इससे स्किल्स खेल से बाहर हो जाती हैं। आप तीन-चार घंटे अभ्यास करते हैं। लगातार मेहनत करते हैं लेकिन उस पर भरोसा नहीं करते। मैं टॉस पर नहीं, अपनी स्किल्स पर भरोसा करता हूं।"
"अगर आप एक अच्छी यॉर्कर डालते हैं, तो दुनिया का कोई भी बल्लेबाज़ उस पर सिक्सर नहीं मार सकता। अगर आप स्टंप्स पर और सही एरिया में गेंदबाज़ी करते हैं, तो लगातार चार-पांच सिक्सर नहीं पड़ेंगे। लेकिन अगर आप ख़राब गेंद डालेंगे, तो कोई भी बल्लेबाज़ आपके ख़िलाफ़ बड़े शॉट लगाएगा। यह आप पर निर्भर करता है कि आप छह गेंदों को कैसे मैनेज करते हैं और सही नतीजे के लिए कौन सी गेंदें डालते हैं।"
वहीं भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव मारक्रम की बातें सुन कर मुस्कुराते हुए सिर हिलाते रहे।
सूर्यकुमार ने कहा, "खेल वाक़ई बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। गेंदबाज़ों के लिए यह मुश्किल है, लेकिन हम कुछ कर नहीं सकते। मैं ख़ुश हूं कि मैं बल्लेबाज़ हूं, लेकिन अपने गेंदबाज़ों और बाक़ी गेंदबाज़ों के लिए बुरा ज़रूर लगता है। खिलाड़ी मौक़ों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं, निडर होकर खेल रहे हैं। और दर्शकों के लिए यह शानदार मनोरंजन है।"