USA के ख़िलाफ़ इतिहास बनाने के अभियान की शुरुआत करेगा भारत
बड़ी तस्वीर
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की टीम में सिर्फ़ चार ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका जन्म वहीं हुआ हो और वह भी वहां के प्रवासियों के ही बच्चे हैं। इसके अलावा 11 खिलाड़ी विदेशी मूल के हैं। उन 11 में से तीन खिलाड़ियों का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। कप्तान मोनांक पटेल के अलावा चार और खिलाड़ियों का जन्म भारत में हुआ था। मोनांक ने हाल ही में PTI से बार करते हुए कहा था कि जब आप USA के लिए खेल रहे हैं तो कोई भारतीय या पाकिस्तानी नहीं रहता।
भारतीय, पाकिस्तानी, साउथ अफ़्रीकी और श्रीलंका के प्रवासियों से भरी इस USA की टीम का सामना T20 विश्व कप के पहले मैच में भारतीय टीम के ख़िलाफ़ होगा।
सभी राजनितिक उठापटक के बीच यह ध्यान देने वाली बात है कि भारतीय टीम का जिस तरह से पिछले कुछ समय में T20 में वर्चस्व रहा है उसकी उतनी तारीफ़ नहीं की जाती है। T20 विश्व कप के पिछले नौ संस्करणों में अभी तक किसी टीम ने अपने ख़िताब का बचाव नहीं किया है। शनिवार को वानखड़े स्टेडियम (जहां भारतीय टीम ने 2011 वनडे विश्व कप का ख़िताब जीता था) में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत करेगी और एक महीने में वह पहली टीम भी बन सकती है जो शायद अपने ख़िताब का बचाव कर ले।
फ़ॉर्म गाइड
भारत WLWWW (पिछले पांच T20I, हालिया सबसे पहले) USA WWLWW
इन खिलाड़ियों पर रहेगी नज़रें: हरमीत सिंह और इशान किशन
14 साल पहले इयान चैपल ने मुंबई में जन्मे और अंडर-19 विश्व कप विजेता बाएं हाथ के स्पिनर हरमीत सिंह के बारे में लिखा था कि वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं। हरमीत को देखते हुए चैपल को बिशन सिंह बेदी की याद आई थी। अब हरमीत अपने देश में उसी देश के ख़िलाफ़ विश्व कप मैच खेलने के लिए तैयार हैं। इस बार अपने मुंबई दौरे के दौरान उन्हें ट्रैन के प्लेटफ़ॉर्म के बारे में भी सोचने की ज़रूरत नहीं है।
6 महीने पहले, इशान किशन दूर-दूर तक विश्व कप के रडार में नहीं थे। उसके बाद शुभमन गिल चोटिल हुए और वापसी पर वह बल्ले से ज़्यादा कमाल नहीं दिखा सके। सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में किशन ने जबरदस्त बल्लेबाज़ी की। उसके बाद विश्व कप में टीम में उन्हें बैक-अप कीपर-बल्लेबाज़ के तौर पर शामिल किया गया। इसके बाद संजू सैमसन का बल्ला भी ख़ामोश हो गया। अब विश्व कप वॉर्म-अप मैच को देखते हुए टूर्नामेंट में भी अभिषेक शर्मा के साथ किशन ही ओपनिंग के सबसे प्रबल दावेदार हैं। अगर उनकी शुरुआत अच्छी रहती है तो फ़िर टूर्नामेंट के अंत तक किशन ही ओपनर रह सकते हैं।