MI के सामने उतरेगी मुश्किलों से जूझ रही UPW
बड़ी तस्वीर
यूपी वॉरियर्ज़ (UPW) के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीज़न में तीन मैच खेलने के बाद भी वे इकलौती ऐसी टीम हैं जिसे अब तक जीत नहीं मिली है। राहत की कोई ख़ास गुंजाइश भी नहीं है, क्योंकि वे बिना किसी ब्रेक के अपना अगला मुक़ाबला खेलने उतरेंगी। इस बार सामने है शानदार फ़ॉर्म में चल रही मुंबई इंडियंस (MI), जो लगातार तीसरी जीत की तलाश में हैं।
UPW के पिछले मैच में कुछ सकारात्मक संकेत जरूर दिखे, जहां उनके गेंदबाजों ने दिल्ली कैपिटल्स को कड़ी टक्कर दी। लेकिन बल्लेबाज़ी ने एक बार फिर निराश किया। कप्तान मेग लानिंग ने अपनी पुरानी फ़्रेंचाइज़ी के ख़िलाफ़ शानदार अर्धशतक के साथ आगे बढ़कर नेतृत्व किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिल सका।
UPW एक रणनीतिक फैसले में भी परेशानी में ही दिखी। WPL में पहली बार रिटायर्ड आउट देखने के एक दिन बाद ही UPW ऐसा करने वाली दूसरी टीम बनी। लेकिन हरलीन देओल को 47 रन पर रिटायर्ड आउट करने के बाद, टीम ने अगले चार विकेट सिर्फ़ 11 रन के भीतर गंवा दिए।
ऐसा लगता है कि UPW अब तक अपना बल्लेबाज़ी क्रम तय नहीं कर पाई है। तीन मैचों में लगातार कुछ ख़ास नहीं कर पाने के बावजूद किरण नवगिरे को ओपनर के रूप में बनाए रखा गया है। क्या फ़ीबी लिचफ़ील्ड को ओपनिंग के लिए ऊपर भेजा जाना चाहिए। या फिर श्वेता सहरावत को पारी की शुरुआत का मौक़ा देकर नवगिरे को मिडिल ऑर्डर या फिनिशर की भूमिका दी जाए। टूर्नामेंट तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और UPW को ऐसे सवालों के जवाब तुरंत तलाशने की जरूरत है।
वहीं MI के सामने एक अच्छी परेशानी है। निकोला कैरी ने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया है, जबकि हेली मैथ्यूज़ ने चोट से वापसी करते हुए अपनी दमदार बल्लेबाज़ी की झलक दिखाई। एमेलिया कर गेंद से लगातार असरदार रही हैं और शबनिम इस्माइल तीनों मैचों में सटीक रही हैं। MI की एकमात्र दुविधा यह है कि नैट सिवर-ब्रंट की वापसी पर कैरी, मैथ्यूज़, कर या इस्माइल में से किस विदेशी खिलाड़ी को बाहर रखा जाए। यह परेशानी भी उनकी ताकत को ही दर्शाता है।
इन खिलाड़ियों पर होंगी निगाहें
MI के पास कई ऑलराउंडर हैं, जिनमें बड़े विदेशी नाम भी शामिल हैं, लेकिन एक भारतीय खिलाड़ी लगातार अलग पहचान बना रही है। अमनजोत कौर ने इस साल भी शांत लेकिन असरदार योगदान दिया है। RCB के ख़िलाफ़ MI के पहले मैच में उन्होंने तीन ओवर में 18 रन देकर एक विकेट लिया। GG के ख़िलाफ़ गेंद से वह महंगी रहीं और चार ओवर में 48 रन दे बैठीं, लेकिन बल्लेबाज़ी से इसकी भरपाई करते हुए 26 गेंदों में 40 रन बनाए। हरमनप्रीत के साथ उनकी 72 रन की साझेदारी ने MI की जीत की नींव रखी।
UPW को यह दोबारा सोचना पड़ सकता है कि वे दीप्ति शर्मा का उपयोग कैसे कर रहे हैं। DC के ख़िलाफ़ वह 20वें ओवर में नंबर 9 पर बल्लेबाज़ी करने उतरीं, जबकि पिछले मैच में वह नाबाद 45 रन बना चुकी थीं। गेंदबाज़ी में भी उन्हें 15वें ओवर तक रोके रखा गया, लेकिन आते ही उन्होंने असर डाला और फ़ॉर्म में चल रही लिजेल ली से गलत शॉट निकलवाया। उन्होंने तीन ओवर में 26 रन देकर दो विकेट लिए। पहले मैच में भी दीप्ति ने सिर्फ़ तीन ओवर ही डाले थे। उनके अनुभव और परिस्थितियों की समझ को देखते हुए, क्या UPW उनसे और बेहतर उपयोग निकाल सकती है।