BCB ने खिलाड़ियों के बॉयकॉट के कारण नज़मुल इस्लाम को उनके पद से हटाया

ESPNcricinfo स्टाफ़

BCB के प्रेसीडेंट अमीनुल इस्लाम © Daily Sun

गुरुवार को खिलाड़ियों के बॉयकॉट के कारण काफ़ी मैच नहीं खेले जा सके और इस कारण से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने बोर्ड के फाइनेंस कमिटी के चेयरमैन के पद से नजमुल इस्लाम को हटा दिया है।

BPL के दो मैच और ढाका क्रिकेट लीग के चार मैच बॉयकॉट के कारण शुरू नहीं हुए क्योंकि टॉस के लिए टीमें नहीं आईं। खिलाड़ियों की संस्था CWAB ने इस्लाम के इस्तीफ़ा नहीं देने पर पूरे देश में सभी तरह की क्रिकेट के बॉयकॉट की घोषणा की थी।

ढाका क्रिकेट लीग के मैच नहीं शुरू होने के कारण बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस्लाम के ख़िलाफ़ कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें 48 घंटे का समय दिया था। लेकिन जब खिलाड़ियों ने BPL के भी दो मैच को बॉयकॉट किया तब BCB ने बयान जारी करते हुए इस्लाम को उनके पद से हटाए जाने की जानकारी दी। BPL के जो मैच प्रभावित हुए वो चट्टोग्राम रॉयल्स बनाम नोख़ली एक्सप्रेस एवं राजशाही वॉरियर्स बनाम सिलहट टाइटंस थे।

हालांकि अभी यह जानकारी नहीं आई है कि क्या यह बॉयकॉट ख़त्म होगा और शुक्रवार के मुक़ाबले तय समय पर शुरू हो पाएंगे।

BCB ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए बताया, " हालिया घटनाओं और संस्था के हित में BCB के अध्यक्ष ने नजमुल इस्लाम को बोर्ड के फाइनेंस कमिटी के चेयरमैन के पद से हटाने का फ़ैसला लिया है। यह फ़ैसला BCB संविधान के आर्टिकल 31 के तहत लिया गया है ताकि बोर्ड के अंदर काम सुचारु रूप से चल सके। फ़िलहाल के लिए BCB अध्यक्ष ही चेयरमैन की ज़िम्मेदारी संभालेंगे। BCB के हिसाब से खिलाड़ियों का हित सर्वोपरि होना चाहिए। बोर्ड सभी खिलाड़ियों के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"

"BCB को यह भी उम्मीद है कि इस फ़ैसले के बाद खिलाड़ी इस मुश्किल समय में बांग्लादेश क्रिकेट का साथ देंगे और बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के मैचों में आगे हिस्सा लेंगे।"

BCB के फ़ैसले से पहले CWAB प्रेसीडेंट मोहम्मद मिथुन ने ढाका में लिटन दास, नुरुल हसन, नजमुल हसन शान्तो और मेहदी हसन मिराज़ के साथ प्रेस कांफ्रेंस में हिस्सा लिया था। यह कांफ्रेंस पहला BPL मैच बॉयकॉट के कारण नहीं शुरू होने के बाद किया गया था।

इस्लाम के बयान के बारे में मिथुन ने कहा," यह एक क्रिकेटर के आत्मसम्मान और गौरव का मामला है। यह बात सिर्फ़ क्रिकेटरों की नहीं, बल्कि क्रिकेट से जुड़े लोगों के लिए भी है। उन सबका अपमान किया गया है। वह अपने बयानों से खिलाड़ियों को छोटा दिखाने की कोशिश कर रहे थे और उनकी कमाई का ज़िक्र करके उन्होंने इसकी शुरुआत की थी। वह जिस पद पर हैं, उनके लिए ऐसे बयान देना शोभा नहीं देता। हमें बोर्ड द्वारा 48 घंटे के कारण बताओ नोटिस के बारे में बताया गया, जिसके बाद मैंने खिलाड़ियों के साथ चर्चा की और फ़िर फ़ैसला लिया कि अगर उसके बाद भी वह इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो बॉयकॉट जारी रहेगा। अगर BCB आधिकारिक तौर पर कुछ घोषणा करती है तो फ़िर हम अपने फ़ैसले को बदल सकते हैं।"

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