अहम मुक़ाबले में GG के सामने लय में लौटी DC की चुनौती

ESPNcricinfo स्टाफ़

वड़ोदरा में बल्लेबाज़ी अब तक आसान नहीं रही है © BCCI

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दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम जब गुजरात जायंट्स (GG) के सामने मैदान पर कदम रखेगी, तो उनके पास जीत का ठोस हौसला होगा। पिछले तीन मैचों में से दो जीतकर उन्होंने न केवल अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारी है, बल्कि विरोधियों को कड़ा संदेश भी दिया है। उनकी इस वापसी की सबसे बड़ी हाईलाइट टेबल-टॉपर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) पर मिली एकतरफा जीत रही, जिसने टीम के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

कैपिटल्स के लिए सबसे सुखद पहलू जेमिमाह रोड्रिग्स का फ़ॉर्म में आना है। कप्तानी की नई ज़िम्मेदारी के साथ अपने पहले ही सीज़न में जेमिमाह अब रणनीतिक और व्यक्तिगत, दोनों मोर्चों पर खुलकर खेल रही हैं। टूर्नामेंट के इस नाज़ुक मोड़ पर कप्तान के बल्ले और सोच में दिख रही यह स्थिरता DC के प्लेऑफ़ तक पहुंचने के इरादों को मज़बूती दे रही है।

इस मज़बूत लय की बदौलत DC फ़िलहाल एक आरामदायक स्थिति में नज़र आ रही है। समीकरण साफ़ है। अगर टीम अपने अंतिम दोनों मुक़ाबले जीत लेती है, तो टॉप-2 में उनका स्थान पक्का हो जाएगा। हालांकि एक जीत भी उन्हें सुरक्षित रख सकती है, बशर्ते रन रेट का गणित और दूसरी टीमों के नतीजे उनके पक्ष में रहें।

GG के विरुद्ध जीत हासिल करना DC के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है, क्योंकि इससे यूपी वॉरियर्ज़ के ख़िलाफ़ होने वाले आख़िरी लीग मैच से पहले टीम का बोझ हल्का हो जाएगा। इसके उलट, यदि यहां बाज़ी हाथ से निकलती है, तो दिल्ली के लिए प्लेऑफ़ की राह पेचीदा हो सकती है और उन्हें 'नेट रन रेट' के साथ-साथ दूसरी टीमों की हार-जीत की दुआ मांगनी पड़ सकती है।

तालिका में DC के ठीक नीचे GG के हौसले भी इस समय बुलंद हैं। लगातार तीन हार के बाद टीम ने UPW के विरुद्ध सीज़न के सबसे छोटे स्कोर का सफ़लतापूर्वक बचाव किया और खेल की बाज़ी पलट दी। इस नाटकीय जीत की सूत्रधार अनुभवी राजेश्वरी गायकवाड़ की फिरकी और सोफ़ी डिवाइन का दमदार ऑलराउंड खेल रहा।

हालांकि, GG के लिए चुनौती अभी कम नहीं हुई है। बेहद कमज़ोर नेट रन रेट की वजह से वे जानते हैं कि महज़ जीत की लय से काम नहीं चलेगा; उन्हें अंकों के साथ-साथ अपने रन रेट को भी तेज़ी से सुधारना होगा। DC के ख़िलाफ़ होने वाला यह मुक़ाबला गुजरात के लिए किसी 'नॉकआउट' से कम नहीं है, क्योंकि यहां एक भी चूक उनके अगले दौर के समीकरण बिगाड़ सकती है।

इन खिलाड़ियों पर रहेगी नज़र: नंदिनी शर्मा और ऐश्ली गार्डनर

इस सीज़न नंदनी शर्मा डेथ ओवर्स की निर्विवाद रानी बनकर उभरी हैं। उनके नाम दर्ज 13 विकेटों में से नौ तो महज़ अंतिम चार ओवरों (17 से 20) के दौरान आए हैं। लीग के चारों सीज़नों के इतिहास पर नज़र डालें, तो इस फ़ेज़ में किसी भी अन्य गेंदबाज़ ने इतने विकेट नहीं चटकाए हैं। सोने पर सुहागा यह है कि इन निर्णायक क्षणों में भी उनका इकॉनमी रेट महज़ 6.5 का रहा है।

नंदनी की इसी सटीकता के चलते DC इस सीज़न डेथ ओवर्स में सबसे कंजूस टीम साबित हुई है, जिसने प्रति ओवर सिर्फ़ 8.19 रन ख़र्च किए हैं। जैसे-जैसे टूर्नामेंट अपने अंजाम की ओर बढ़ रहा है, अंतिम ओवरों में नंदनी का नियंत्रण और उनकी 'बैक ऑफ़ द हैंड' स्लोअर गेंदें DC के डिफ़ेंस की सबसे मज़बूत कड़ी बनी रहेंगी।

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