'काफ़ी उथल-पुथल रही' - MI कोच काइटली ने उतार-चढ़ाव भरे सीज़न पर की बात

Hayley Matthews के लिए शीर्ष पर निराशाजनक रहा सीज़न © BCCI

मुंबई इंडियंस (MI) के लिए WPL 2026 अब तक काफ़ी निराशाजनक रहा है। इसकी एक बड़ी वजह बल्लेबाज़ों का दबाव में आना और हमेशा उसे न झेल पाना है। यह कहना है हेड कोच लीसा काइटली का, जिन्होंने शार्लेट एडवर्ड्स की जगह यह ज़िम्मेदारी संभाली है। एडवर्ड्स के कार्यकाल में टीम ने तीनों सीज़न में फ़ाइनल में जगह बनाई थी और दो बार जीत हासिल की थी।

MI ने टूर्नामेंट में ओपनिंग को लेकर एक स्पष्ट योजना के साथ कदम रखा था। हेली मैथ्यूज़ और जी कमालिनी की एक सेट ओपनिंग जोड़ी थी, लेकिन सीज़न शुरू होने से पहले ही यह योजना बिखर गई, जब ट्रेनिंग के दौरान मैथ्यूज़ को जांघ की मांसपेशी में चोट लग गई, जिसके चलते टीम को तुरंत बदलाव करने पड़े।

यह परेशानी प्रतियोगिता के बीच में और बढ़ गई जब उंगली में चोट लगने के कारण कमालिनी बाहर हो गईं। आठ मैचों के अंत तक, MI चार अलग-अलग ओपनिंग जोड़ियों को आज़मा चुकी थी, लेकिन उन्हें वह स्थिरता कभी नहीं मिल पाई जिसने पिछले तीन सीज़न में उन्हें इतनी बड़ी कामयाबी दिलाई थी।

काइटली ने इस सीज़न की अपनी पांचवीं हार के बाद कहा, "हमारी दो प्रमुख खिलाड़ियों का चोटिल और बीमार होना मुश्किल भरा रहा।"

शुक्रवार को गुजरात जायंट्स (GG) के ख़िलाफ़ मिली यह हार उनके ख़िलाफ़ MI की पहली हार भी थी। उन्होंने आगे कहा, "हमें नए कॉम्बिनेशन तलाशने पड़े और शायद कुछ चीज़ें थोड़ी अलग करनी पड़ीं। हम शायद अपने सीज़न में वो लय हासिल करने के लिए जूझते रहे और ज़ाहिर है, शुरुआत में ही दबाव में आ जाना और मैच हारना सही स्थिति नहीं थी। हम टूर्नामेंट में अपनी लय बनाने के लिए ज़रूरी कॉम्बिनेशन और साझेदारियां नहीं बना पाए, जो निराशाजनक है।"

एस सजना, जो उनकी कामचलाऊ ओपनर्स में से एक हैं, उन्हें मूल रूप से एक फ़िनिशर की भूमिका के लिए रखा गया था। टूर्नामेंट की शुरुआत 25 गेंदों में 45 रनों की मैच का रुख़ बदलने वाली पारी के साथ करने के बाद, सजना को कमालिनी की जगह भरने और मैथ्यूज़ का साथ देने के लिए बैटिंग ऑर्डर में ऊपर भेजा गया। वह 10, 9, 7 और शुक्रवार को 25 गेंदों में 26 रन ही बना सकीं। शुक्रवार को MI 168 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रही, जिसके चलते अब उनके एलिमिनेटर में पहुंचने पर संशय बना हुआ है।

"बात बस यह है कि आप उसके इर्द-गिर्द अपनी टीम कैसे बनाते हैं और घरेलू खिलाड़ी कैसे ज़िम्मेदारी संभालते हैं। हमारे साथ बस काफ़ी उथल-पुथल रही।"
लीसा काइटली

RCB के ख़िलाफ़ एक अर्धशतक को छोड़ दें, तो मैथ्यूज़ भी अपनी लय के लिए जूझती दिखी हैं, ठीक वैसे ही जैसे उनकी एक और विदेशी ओपनिंग विकल्प एमेलिया कर। काइटली ने कहा, "जब आपकी एक विश्व स्तरीय ओपनिंग बल्लेबाज़ टीम में नहीं होती, तो यह मुश्किल होता है। उनकी जगह भरना कठिन है। मुझे नहीं लगता कि MI के लिए पिछले तीन सालों और इस साल में कोई फ़र्क रहा है। ज़्यादातर टीमों में प्रमुख खिलाड़ी अहम होते हैं।"

"बात बस यही है कि आप उस स्थिति के इर्द-गिर्द अपनी टीम कैसे बनाते हैं और घरेलू खिलाड़ी कैसे ज़िम्मेदारी लेते हैं। सच कहूं तो, हमारे पास काफ़ी उथल-पुथल थी, जैसे सजना के मामले में। हमने उन्हें छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए चुना था, उन्होंने टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की और अपनी भूमिका बखूबी निभाई। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि कमालिनी के घर लौटने के बाद हमें कुछ बदलाव करने पड़े।"

"लेकिन सजना की तारीफ़ करनी होगी, वह मैदान पर जाकर टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। इस प्रतियोगिता में विश्व स्तरीय गेंदबाज़ों का सामना करना आसान नहीं है। वह वाक़ई 'टीम पहले' की सोच के साथ खेल रही थीं और टीम के लिए जितना अच्छा कर सकती थीं, करने की कोशिश कर रही थीं और अपना काम पूरा करने में जुटी थीं।"

"उन्होंने ट्रेनिंग में काफ़ी मेहनत की ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि उनकी तैयारी अच्छी हो और वे अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें। इसलिए आज उन्हें कुछ रन बनाते हुए देखना अच्छा लगा। अगर वह थोड़ा और लंबा खेल पातीं, तो मुझे लगता है कि यह पिछले कुछ हफ़्तों में उनके द्वारा की गई कड़ी मेहनत का एक बहुत अच्छा इनाम होता।"

MI को टॉस के वक़्त वही मिला जो वे चाहते थे, लक्ष्य का पीछा करना। लेकिन 167 रन आख़िरकार 11 रन ज़्यादा साबित हुए। कमज़ोर या शायद न के बराबर मौजूद निचले मध्य क्रम के कारण, लक्ष्य का पीछा करने का पूरा दारोमदार एक समय पूरी तरह से हरमनप्रीत कौर पर आ गया था।

Harmanpreet Kaur को अकेले निभानी थी बड़ी जिम्मेदारी © BCCI

ऑलराउंडर संस्कृति गुप्ता ने हर मैच में टीम का हिस्सा होने के बावजूद प्रतियोगिता में इससे पहले सिर्फ़ एक बार बल्लेबाज़ी की थी। पूनम खेमनार ने सारे मैच खेलने के बावजूद सिर्फ़ एक गेंद का सामना किया था, और राहिल फ़िरदौस ने दो मैचों में एक भी गेंद नहीं खेली थी।

काइटली ने कहा, "संदेश यह था कि अमनजोत [कौर] को जाना है और हरमन के ऊपर से थोड़ा दबाव कम करना है। उन्होंने कोशिश भी की और फिर हरमन जानती थीं कि अंत में दो बड़े ओवर होंगे और फिर देखेंगे कि आख़िरी ओवर के लिए क्या बचता है। कोशिश यही थी कि लक्ष्य को हासिल करने लायक स्थिति में लाया जाए।"

"लेकिन गुजरात की तारीफ़ करनी होगी, उन्होंने वाक़ई अच्छी गेंदबाज़ी की। हरमन सेट हो चुकी थीं। आप जानते हैं कि वह ऐसी स्थितियों को संभालने में बहुत माहिर हैं। लेकिन गुजरात के पास बहुत अच्छी योजनाएं थीं और उन्होंने उस पर अच्छी तरह अमल किया, कुल मिलाकर आज वे हम पर भारी पड़े।"

काइटली ने ख़ास तौर पर GG की पारी के 15वें से 17वें ओवर का ज़िक्र किया, जिसे उन्होंने 'टर्निंग पॉइंट' बताया। इन ओवरों में MI ने एश्ली गार्डनर और जॉर्जिया वेयरहम के सामने 36 रन लुटा दिए थे।

उन्होंने कहा, "वहां से मैच का रुख़ एकदम बदल गया। मुझे लगा कि तब तक सब हमारे कंट्रोल में था और मैं जानती थी कि उन्हें जल्द ही आक्रामक होना होगा और शायद यह ड्रिंक्स ब्रेक के बाद होगा। मुझे लगता है कि बल्लेबाज़ी में वही फ़र्क साबित हुआ, वह दो ओवर का खेल।"

MI के लिए अभी सब कुछ ख़त्म नहीं हुआ है। उनके पास अभी भी प्लेऑफ़ में पिछले दरवाज़े से जगह बनाने का मौक़ा हो सकता है। इसके लिए उन्हें ज़रूरत है कि यूपी वॉरियर्ज़ दिल्ली कैपिटल्स को हरा दे।

शशांक किशोर ESPNcricinfo के वरिष्ठ संवाददाता हैं

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