फ़ीचर्स

आख़िरकार रोहित ने विदेश में पहले टेस्ट शतक का रास्ता ढूंढ ही लिया

अगर वह 99 पर आउट हो भी जाते तो उनकी क्षमता पर कोई शक नहीं करता

बस इंतज़ार कीजिए, विदेशी सरज़मीं पर वह शतक ज़रूर आएगा
संभावना है कि वह ऐसी किसी शॉट से आएगा जिसने रोहित शर्मा को सफ़ेद गेंद की क्रिकेट में बेशूमार सफलता दिलाई है। इंग्लैंड दो फ़ील्डरों को पीछे भेजेगा, उनको बाउंसर डाला जाएगा और रोहित उनमें से किसी एक फील्डर को कैच थमा बैठेंगे। ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने ट्रेंट ब्रिज में लगभग 40 ओवर बल्लेबाज़ी करने के बाद किया था। या हेडिंग्ले की तरह जहां 19 रन बनाने के लिए उन्होंने तीन घंटे बल्लेबाज़ी की और एक विचित्र पुल शॉट पर शॉर्ट मिड ऑन पर कैच आउट हुए। या फिर साल की शुरुआत में सिडनी की तरह जब अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने पैट कमिंस की गेंद को बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के फ़ील्डर के हाथों में दे मारा। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो की गेंद-दर-गेंद कॉमेंट्री में कहा गया, "रोहित ख़ुद से बेहद निराश होंगे।"
ओवल की पिच पर इंग्लैंड के पास मार्क वुड या जोफ़्रा आर्चर की तरह लगातार तेज़ गति से गेंदबाज़ी करने वाला विकल्प मौजूद नहीं था। फिर भी 50वें ओवर में फ़ाइन लेग और बैकवर्ड स्क्वेयर लेग का खिलाड़ी पीछे भेजकर क्रिस वोक्स ने पटकी हुई गेंद डाली। वह उम्मीद कर रहे थे कि रोहित फिर एक बार अपने पसंदीदा पुल शॉट पर विकेट गंवाएंगे। सीरीज़ से पहले स्काई के लिए दिनेश कार्तिक से बातचीत के दौरान रोहित ने कहा था कि उन्हें लगता है कि बाक़ी बल्लेबाज़ों की तुलना में उनके पास गेंदों को खेलने के लिए अधिक समय होता है। हालांकि वोक्स के शॉर्ट गेंद को खेलते समय ऐसा ही कुछ देखने मिला। रोहित ने गेंद को देखा, उछाल को पढ़ा और कलाईयों को मोड़ते हुए ज़मीन के सहारे खेला और एक रन पूरा करते हुए 56 रनों पर जा पहुंचे।
चलिए अब तो शतक आने ही वाला है
मोईन अली गेंदबाज़ी पर है। रोहित, वीरेंद्र सहवाग के तत्वज्ञान का पालन करते हुए हमें दिखाएंगे कि भारतीय बल्लेबाज़ ऑफ़ स्पिन गेंदों पर कितनी आसानी से रन बटोरते हैं। वह स्वीप करेंगे, कदमों का इस्तेमाल करेंगे और मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलेंगे। लंच से पहले मोईन को थोड़ा घुमाव मिला था तो स्वीप की कोशिश में अंदरूनी किनारा लगकर बोल्ड होने की संभावना भी थी। लंच के बाद मोईन की पहली ही गेंद पर रोहित ने स्वीप लगाया और ज़मीन के सहारे गेंद को स्क्वायर लेग की दिशा में खेला। वह बढ़िया लय में नज़र आ रहे थे।
बस थोड़ा इंतज़ार और
इंग्लैंड शायद उन्हें स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाज़ी करेगा। साथ ही तीसरे दिन रोहित कई बार मिड ऑन की ओर हवा में शॉट्स खेल रहे थे। वह भाग्यशाली रहे क्योंकि एक बार वोक्स गेंद की दिशा को पढ़ नहीं पाए और दूसरी बार गेंद उनके पास जाने से पहले ज़मीन पर गिर गई। इंग्लैंड ने शॉर्ट मिड ऑन भी लगाया पर वह किसा काम ना आया। कुछ मौक़ों पर रोहित इन स्विंग गेंदों पर बीट ज़रूर हुए, गेंद पैड पर भी जा लगी लेकिन उछाल के साथ स्टंप्स को छोड़ती हुई निकल जाती।
दूसरे सेशन में रोहित मोईन की गेंद पर एक्स्ट्रा कवर की ओर अपनी ड्राइव को नियंत्रण में नहीं रख पाए और गेंद को हवा में खेल बैठे, गेंद मिड ऑफ़ पर खड़े जेम्स एंडरसन के बायीं ओर से सीमा रेखा के पार चली गई। 80 के स्कोर पर उन्होंने डीप मिडविकेट पर पीछे खिलाड़ी तैनात होने के बावजूद मोईन के अगले ओवर में स्वीप लगाया। वह नियंत्रण में नहीं थे और गेंद हवा में टंग गई थी लेकिन भाग्य ने फिर एक बार उनका सहारा दिया और गेंद सुरक्षित स्थान पर गिरकर बाउंड्री के बाहर चली गई।
क्या फिर एक बार रोहित शतक के क़रीब आकर चूक जाएंगे?
विकेट लेने के लिए एक अच्छी गेंद काफ़ी होती है। ऊपर से यह इंग्लैंड है और ड्यूक की गेंद से मैच खेला जा रहा है। पहले भी दो अच्छी गेंदों ने रोहित को फंसाया था जब रोहित छह और 31 रनों पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे लेकिन स्लिप में रोरी बर्न्स कैच को लपक नहीं पाए। ख़ैर छोड़िए पुरानी बातों को। दो ओवरों में दो चौके लगाकर रोहित 94 पर पहुंच गए थे। क्या आख़िरकार आज विदेशी सरज़मीं पर उनका पहला टेस्ट शतक आएगा?
अरे नहीं...
अगर रोहित तीसरे दिन 99 पर आउट हो जाते तो भी कोई उनकी क़ाबिलियत पर शक नहीं करता। कोई इस पारी के मोल को कम नहीं कर सकता था। इस सीरीज़ में उन्होंने पहले भी दर्शाया है कि उनका ध्यान टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाने पर केंद्रित हैं। इसलिए उस सैकड़े को पार करने के बाद रोहित ने केवल हवा में बल्ला लहराकर ख़ुशी मनाई। उनके इस स्वभाव से साफ़ ज़ाहिर होता है कि उनके अनुसार काम अभी पूरा नहीं हुआ था।
मैं कह रहा था कि आज पिछले मौक़ों की तरह निराशा का सैलाब नहीं आएगा। शतक तो आना ही था और वह आया भी शानदार अंदाज़ से। मोईन की गेंद पर कदमों का इस्तेमाल करते हुए रोहित गेंद के क़रीब पहुंचे और उसे लांग ऑन के ऊपर से दर्शक दीर्घा में भेज दिया।
इसी के साथ आख़िरकार विदेशी सरज़मीं पर रोहित का पहला टेस्ट शतक आ ही गया।

उस्मान समिउद्दीन ESPNcricinfo में सीनियर एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।