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भारत के हारने के बाद मिताली राज ने स्ट्राइक रोटेशन की कमी पर जताया दुख

भारत ने ब्रिस्टल में 8 विकेट खोकर 201 रन बनाएं और इस दौरान 181 डॉट गेंदें भी खेली

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मिताली राज ने स्वीकार किया है कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चल रही तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला को बचाने के लिए भारत को अपने डॉट-बॉल प्रतिशत को कम करने और स्ट्राइक रोटेट करने में असमर्थता का निवारण करना होगा।
भारत ने अपनी बल्लेबाज़ी के दौरान 181 डॉट गेंदें खेली (30 ओवर से भी ज़्यादा) और 8 विकेट खोकर 201 रनों का छोटा लक्ष्य इंग्लैंड के सामने रखा। जवाब में इंग्लैंड ने 15 ओवर पहले ही लक्ष्य को पूरा कर लिया। डेब्यू कर रही शेफ़ाली वर्मा और स्मृति मांधना के विकेट सस्ते में गिरने के बाद, भारत ने पावरप्ले में 2 विकेट पर 27 रन बनाए, नवंबर 2019 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ दूसरे एकदिवसीय मैच के बाद से पावरप्ले में यह उनका सबसे कम स्कोर था।
राज ने 108 गेंदों में 72 रनों की पारी खेली, लेकिन वर्मा के अलावा, भारत का कोई भी बल्लेबाज़ 90 से अधिक स्ट्राइक रेट से स्कोर नहीं कर सका। इंग्लैंड के चौतरफ़ा सीम आक्रमण ने भारत के स्कोरिंग रेट पर पकड़ बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाई।
भारत की टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान राज ने बाद में कहा, "ज़ाहिर है, हमें उस पहलू पर ग़ौर करने और स्ट्राइक रोटेट करने पर काम करने की ज़रूरत है। हमें रन बनाने के लिए शीर्ष पांच में कम से कम एक और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ की आवश्यकता है।"
"हमें यह भी समझने की ज़रूरत है कि इंग्लैंड के गेंदबाज़ हमारे गेंदबाज़ों की तुलना में बहुत अनुभवी हैं। वे अपनी परिस्थितियों में गेंदबाज़ी कर रहे हैं; वे जानते हैं कि उनकी परिस्थितियों में कैसे गेंदबाज़ी करनी है और उन्होंने आज वास्तव में अच्छी गेंदबाज़ी की है।"
भारत के बल्लेबाज़ों का अगला सर्वश्रेष्ठ स्कोर नंबर 3 पूनम राउत का रहा, उन्होंने 61 गेंदों में 32 रन की पारी ने खेली। 2017 विश्व कप के बाद से 18 मौक़ों पर, राज ने अपने पारंपरिक नंबर 3 स्थान से नीचे - नंबर 4 या 5 पर बल्लेबाज़ी की है - जिनमें से 13 मामलों में राउत को उस स्थान पर खेलने का मौका मिला है। पिछले 14 एकदिवसीय मैचों में से प्रत्येक में राउत ने नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी की और राज ने उनसे नीचे बल्लेबाज़ी की और उनकी स्ट्राइक रेट में अक्सर कमी पाई गई।
यह पूछे जाने पर कि क्या ख़ुद को वन-डाउन में बढ़ावा देने से वह अधिक स्वतंत्र रूप से बल्लेबाज़ी कर सकती हैं, और भारत अपने बल्लेबाज़ी कर्मियों का बेहतर उपयोग कर सकता है, राज ने कहा कि शीर्ष क्रम के बाहर बल्लेबाज़ी करने का उनका निर्णय लंबी अवधि के परिदृश्यों में तय किया गया था।
"मुझे लगता है कि मैंने अपने अधिकांश रन नंबर 3 स्लॉट में बनाए हैं लेकिन टीम में बल्लेबाजों का होना भी महत्वपूर्ण है, हम वास्तव में अपने बैटिंग लाइन-अप को उन ऑलराउंडरों से नहीं भर सकते हैं जो गेंदबाज़ी या बल्लेबाज़ी में आधा-अधूरा प्रदर्शन करें। हमें ऐसे बल्लेबाजों की ज़रूरत है जो रन बना सकें। अगर मैं नंबर 4 पर जाती हूं तो मैं टीम के अन्य खिलाड़ियों के लिए एक मौक़ा भी दे रही हूं क्योंकि मैं इस तथ्य के लिए जानती हूं कि मैं हमेशा के लिए नहीं खेलने जा रही हूं।
2017 के एकदिवसीय विश्व के बाद से, भारत की औसत पहली पारी का लक्ष्य 213 रहा है, जो आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष नौ एकदिवसीय टीमों में खेले गए मैचों के अनुसार पांचवीं सर्वश्रेष्ठ टैली है। न्यूजीलैंड में मार्च-अप्रैल 2022 के लिए निर्धारित विश्व टूर्नामेंट के अगले संस्करण के साथ, भारत के पास काफ़ी कम समय है, अगर उन्हें ऑस्ट्रेलिया के 289 के औसत पहली पारी के स्कोर या गत चैंपियन इंग्लैंड के 259 औसत स्कोर के क़रीब आना है।
राज ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में, मैंने देखा है कि हम लक्ष्य का पीछा करने में कहीं अधिक सहज हैं क्योंकि हम जानते हैं कि अपनी रन रेट कैसे बढ़ाई जाती है। लेकिन जब पहली पारी में बल्लेबाज़ी करने की बात आती है तो मुझे लगता है कि इस क्षेत्र में हमें काम करने की ज़रूरत है कि हम कब और कैसे 250 तक पहुँचते हैं क्योंकि हम शीर्ष क्रम में तेज़ शुरूआत के बाद विकेट नहीं गंवा सकते हैं और आपके पास निचला क्रम है जो हमें 200 या 210 तक ले जाएगा, लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते हैं।"
"हाँ, एक बल्लेबाज़ी इकाई के रूप में, बल्लेबाज़ी कोच के साथ, हमें एक रास्ता तलाशने की जरूरत है, जहां, अगर हम पहले बल्लेबाज़ी करते हैं तो कैसे हम बोर्ड पर 250 रन बनाने की कोशिश कर सकते हैं।"
राज ने भारत के लिए उपयुक्त प्रतिभाओं को तलाशने के लिए घरेलू पूल में फिनिशरों की कमी पर भी अफसोस जताया।
"दुर्भाग्य से, हमारी घरेलू प्रतियोगिताओं में अधिकांश बल्लेबाज जिन्हें मौक़ा मिलता है, वे शीर्ष क्रम के खिलाड़ी होते हैं और सिर्फ़ वो ही बढ़िया स्कोर करते हैं। फिर उन्हें भारतीय टीम के लिए चुना जाता है और हम सभी के पास ऐसे बल्लेबाज़ होते हैं जो अपने-अपने पक्ष में शीर्ष क्रम में होते हैं। इसलिए जब फ़िनिशर या निचले-मध्य क्रम या नंबर 6 या 7 की बात आती है तो हमारे पास स्पष्ट रूप से उस विशेष स्लॉट के लिए खिलाड़ी नहीं होते हैं जिन्होंने घरेलू सर्किट पर रन बनाए हैं। दुर्भाग्य से, हमारे पास अभी उस भूमिका में कोई नहीं है, लेकिन हां, हमें किसी ऐसे व्यक्ति को तैयार करना होगा जो उस क्षेत्र में क्षमता दिखाता है। हम उस क्षेत्र को देख रहे हैं।"
दूसरे एकदिवसीय मैच के लिए बदलावों के बीच, राज ने कहा कि गेंदबाज़ी आक्रमण के साथ-साथ बल्लेबाज़ी क्रम में भी बदलाव ज़रूरी था। यह देखते हुए कि झूलन गोस्वामी विकेट लेने के लिए एकमात्र तेज गेंदबाज़ थीं और ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर ने नंबर 7 पर 17 गेंदों में 15 रनों का योगदान दिया - हालांकि वह अपने 4 ओवरों में विकेटहीन रही - ऐसे में शिखा पांडे की जगह संदेह के दायरे में आ सकती है।"
"स्पष्ट रूप से, हमारी सीम गेंदबाज़ी के संयोजन को बदलने की ज़रूरत है।" मिताली ने आगे कहा, "अगर आपको वो विकेट नहीं मिलते हैं तो यह बहुत दबाव डालता है। जब स्पिनर आते हैं तो उन पर विकेट लेने और यहां तक ​​कि रनों को नियंत्रित करने का बहुत दबाव होता है। ऐसा नहीं है कि उन्होंने पहले ऐसा नहीं किया है लेकिन उनसे बार-बार अपेक्षा नहीं कर सकते। कहीं न कहीं मुझे लगता है कि हमें अपने तेज़ गेंदबाज़ी विभाग को भी तैयार करने की ज़रूरत है।"
"झूलन गोस्वामी के अलावा, जो अन्य बोलर टीम में हैं, जब उन्हें मौका मिलता है तो उन्हें आगे बढ़ने में सक्षम होना चाहिए क्योंकि ये स्थितियां सीमर को सहायता करती हैं। इसलिए उन्हें इन परिस्थितियों का उपयोग अच्छी गेंदबाज़ी करने के लिए करना चाहिए।"
राज ने कहा, "निश्चित रूप से, यह एक निरंतर उत्तर होगा कि बल्लेबाज़ी लाइन-अप को किसी बिंदु पर हमें ज्यादा से ज्यादा मज़बूत बनाना है। इसलिए हम दूसरे गेम में जाने पर विचार कर रहे हैं। हम टीम की संरचना पर ग़ौर करेंगे और शायद हम बल्लेबाज़ी क्रम में थोड़ा और फेरबदल करेंगे ताकि हम उन चीज़ों में सुधार कर सकें जो हमने आज इस खेल में वास्तव में अच्छा नहीं किया है।"

ऑन्नेशा घोष ESPNcricinfo की सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।