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राहुल: मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं ख़राब फ़ॉर्म से गुज़र रहा हूं

भारतीय उपकप्तान ने कहा कि उनका आत्मविश्वास भी काफ़ी बढ़िया है, बस उनके बल्ले से रन नहीं आ रहे थे

KL Rahul raises his bat upon getting to fifty, Bangladesh vs India, ICC Men's T20 World Cup 2022, Adelaide, November 2, 2022

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ राहुल ने तेज़-तर्रार अर्धशतक बनाया  •  Associated Press

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेले गए मैच से एक दिन पहले भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने प्रेस कान्फ़्रेस के दौरान लगातार के एल राहुल के समर्थन में कई बातें कही थी। राहुल ने पहले तीन मैचों में एक बार भी दहाई के आंकड़े को भी नहीं छुआ था। द्रविड़ ने कहा था कि राहुल जिस तरह से बल्लेबाज़ी करने का प्रयास कर रहे हैं, हम उनका पूरा समर्थन करते हैं क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर शुरुआती ओवरों में बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं है। साथ ही द्रविड़ ने यह भी कहा था कि जब हम ऐसी पिचों पर खेलें, जहां 180 का स्कोर बनाया जा सकता है तो राहुल उसी हिसाब से बल्लेबाज़ी करें। राहुल ने द्रविड़ क इस भरोसे को सही साबित करते हुए बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 32 गेंदों में 50 रन बनाए।
राहुल ने एक मुश्किल दौर में उनका साथ देने के लिए कप्तान रोहित और टीम प्रबंधन के बाक़ी सदस्यों की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा, "हम सभी ने पहले भी कई बार यह कहा है कि सहयोगी स्टाफ़ टीम में सकारात्मक माहौल को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जहां उसकी क्षमताओं पर पूरी तरह से विश्वास जताया जाता है। हमारी टीम के माहौल को वास्तव में हर समय संतुलित रखा गया है, चाहे हम अच्छा करें या न करें।"
उन्होंने आगे कहा, "सहयोगी स्टाफ़ और कप्तान ने हमेशा अपने खिलाड़ियों का समर्थन किया है और यह जगजाहिर है। यही कारण है कि हम जैसे खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने का एक तरीका ढूंढते हैं। यह ऐसी चीज़ है जिस पर आप एक टीम के रूप में काम करते हैं। सहयोगी स्टाफ़, कोच, कप्तान, जब वे आपका समर्थन करते हैं तो यह आपको एक खिलाड़ी के रूप में वह आत्मविश्वास देता है कि अगर आप सही दिशा में जा रहे हैं तो आपको समर्थन मिलेगा।"
पहले तीन मैचों में राहुल के ख़राब प्रदर्शन करने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि वह तेज़ी से रन बनाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। हालांकि राहुल ने इस मामले में कहा, "ऐसा बिल्कुल नहीं था। हालांकि यह बात भी है कि इस प्रदर्शन के कारण मैं निराश भी था। मुझे ऐसा नहीं लग रहा था कि मेरा फ़ॉर्म ख़राब है या मेरा आत्मविश्वास कम है। मैं सिर्फ़ रन नहीं बना पा रहा था। यह खेल में होता है। आप हमेशा रन नहीं बना पाएंगे। अगर आपका आत्मविश्वास अच्छा है, तो आप जानते हैं कि एक अच्छी पारी आएगी। मैं अपने दिल में जानता था कि मैं गेंद को अच्छे से देख रहा हूं। मेरी प्रक्रियाएं सही थीं। मुझे पता था कि टीम के लिए अच्छी पारी या अच्छा योगदान आने वाला है।"
राहुल ने कहा कि रन बनाने के मामले मैं अपनी भावनाओं पर काबू रख सकता हूं, चाहे परिणाम जो भी हो। "ऐसे स्तर पर खेलने के लिए आप हमेशा उत्साहित होते हैं। हम सभी खिलाड़ियों के लिए यह एक बेहतरीन मंच है। पिछेल 10-12 महीनों में इस आयोजन के लिए हमने कड़ी मेहनत की है।"
उन्होने आगे कहा, "मैं अभी भी तनावमुक्त था। मैंने हमेशा एक व्यक्ति के रूप में जितना हो सके संतुलित रहने की कोशिश की है। चाहे मैं अच्छा प्रदर्शन करूं या न करूं। मैं बस यह देखता हूं कि मेरी मानसिकता सही है या नहीं। मैं उस भूमिका और ज़िम्मेदारी को निभाने की कोशिश कर रहा हूं जो टीम मुझसे करने की उम्मीद करती है। अगर मुझे लगता है कि मैं वह अच्छा कर रहा हूं, तो मैं शांति से सो सकता हूं।"

सिद्धार्थ मोंगा Espncricinfo के असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद Espncricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।