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मैजिकल मिताली के अंतर्राष्ट्रीय करियर का हुआ अंत

भारत की टेस्ट और वनडे कप्तान ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की

Mithali Raj wants to win the elusive World Cup trophy before finishing up

Getty Images

अपने शानदार करियर को अंजाम देते हुए भारतीय टेस्ट और वनडे टीम की कप्तान मिताली राज ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फ़ैसला किया है। उन्होंने ट्विटर पर संदेश जारी करते हुए ने अपने संन्यास की घोषणा की।
39 वर्षीय मिताली ने लिखा, "मुझे लगता है कि यह मेरे करियर को समाप्त करने का सही समय है। टीम की कमान प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों के हाथों में हैं और भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है।"
वैसे तो मिताली ने अपने भविष्य को लेकर कोई संकेत नहीं दिए हैं, उन्होंने कहा कि वह खेल से जुड़ी रहेंगी। उन्होंने आगे लिखा, "जब भी मैंने मैदान पर क़दम रखा, मैंने भारत को जीतने में मदद करने के इरादे से अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मैं हमेशा तिरंगे का प्रतिनिधित्व करने के लिए मुझे दिए गए अवसर को संजो कर रखूंगी। इतने सालों तक टीम का नेतृत्व करना सम्मान की बात थी। इस ज़िम्मेदारी ने मुझे विकसित होने में मदद की और मुझे उम्मीद है कि इससे भारतीय महिला क्रिकेट का विकास भी हुआ है।" "यह सफ़र भले ही समाप्त हो गया है, अगला सफ़र ज़्यादा दूर नहीं है। मैं इस खेल से जुड़े रहना चाहती हूं और भारत तथा विश्व भर में महिला क्रिकेट के विकास में अपना योगदान देना चाहती हूं।"
अपने करियर में मिताली ने 12 टेस्ट, 232 वनडे और 89 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस साल की शुरुआत में खेले गए विश्व कप में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ उन्होंने अपना आख़िरी अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था। तीन विकेट से मिली हार के बाद भारत विश्व कप से बाहर हो गया था।
उस मैच में भारत की कप्तान मिताली ने 84 गेंदों का सामना करते हुए 68 रन बनाए थे जो वनडे क्रिकेट में उनका 63वां अर्धशतक था। इस प्रारूप में सात शतकों की मदद से मिताली ने 50.68 की औसत से कुल 7805 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतकों समेत 699 रन जोड़े। "प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों" के उभरने के बाद टी20 क्रिकेट में एक क़दम पीछे ले चुकी मिताली ने 37.52 की औसत से 2364 रन बनाए। इस दौरान टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में उनके बल्ले से 17 अर्धशतक निकले।
कुल मिलाकर 10,868 रन बनाकर मिताली महिला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज़ बनीं। साथ ही वनडे मैचों में भी उनके नाम सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है। वह महिला वनडे मैचों में लगातार सात अर्धशतक बनाने वाली पहली खिलाड़ी बनी थीं।
16 साल की आयु में मिताली ने अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू मैच में आयरलैंड के विरुद्ध वनडे मुक़ाबले में नाबाद 114 रन बनाए थे। वह उस समय महिला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतक बनाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं। आज भी महिला वनडे क्रिकेट में यह रिकॉर्ड मिताली के नाम है।
इस शतक ने उस करियर की शुरुआत की जिसमें मिताली भारतीय बल्लेबाज़ी की सबसे मज़बूत कड़ी बनकर उभरी। उन्होंने 2005 के वनडे विश्व कप में भारत को फ़ाइनल तक पहुंचाया। इसके बाद 2017 में जब उन्होंने इस कारनामे को दोहराया तो वह भारत (पुरुष या महिला टीम) को दो विश्व कप फ़ाइनल में ले जाने वाली पहली कप्तान बनी। हालांकि दोनों मौक़ों पर सफलता ने उनसे मुंह फेरा और दोनों फ़ाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।