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रसल मोड में बल्लेबाज़ी करें पंत, रवि शास्त्री की सलाह

वेटोरी का भी मानना है कि पंत को आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करनी चाहिए

यश झा
10-May-2022
गेंद को सीमारेखा की दिशा दिखाते पंत  •  BCCI

गेंद को सीमारेखा की दिशा दिखाते पंत  •  BCCI

अग़र ऋषभ पंत एक बल्लेबाज़ के तौर पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं और सीज़न के बचे मुक़ाबलों में अपनी टीम को मदद पहुंचना चाहते हैं तो उन्हें बिना सोचे आंद्रे रसल मोड में बल्लेबाज़ी करनी चाहिए। पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम कोच रवि शास्त्री की यह सीधे तौर पर हिदायत है, जिन्हें खुद यह विश्वास है कि अग़र दिल्ली कैपिटल्स पंत का उपयोग नंबर तीन पर करती है तो वह अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेल सकते हैं।
शास्त्री ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो टी20 टाउम आउट पर कहा, "मुझे लगता है कि एक बार लय में आने के बाद उन्हें अपना गियर बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्हें क्रिकेट इस प्रारूप में आंद्रे रसल मोड में बल्लेबाज़ी करनी चाहिए। यदि आपने नज़रें जमा ली हैं, गेंद को अच्छे से स्ट्राइक कर पा रहे हैं। तो ज़्यादा मच सोचें, प्रहार करने योग्य गेंदों को प्रहार करें। क्या पता लोग जितना आपसे अपेक्षा रखते हैं आप उससे अधिक मुक़ाबले अपनी टीम को जिता दें।"
दिल्ली कैपिटल्स इस समय शीर्ष चार में जगह बना पाने से चार अंक दूर है। अब तक खेले कुल 11 मुक़ाबलों में से उन्हें 6 मुक़ाबलों में हार मिली है। पंत ने कुल आठ पारियों में 20 या उससे अधिक रन बनाए हैं, लेकिन वह इन पारियों को अर्धशतक या बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए हैं। शास्त्री मानते हैं कि जो स्पष्ट मानसिकता रसल को टी20 क्रिकेट का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ बनाती है, वही पंत को भी लाभ पहुंचा सकती है।
शास्त्री ने रसल की मिसाल देते हुए कहा, "वह एक स्पष्ट सोच के साथ बल्लेबाज़ी करते हैं। जब वह अपने मूड में होते हैं तो उन्हें रोक पाना बेहद मुश्किल होता है। ऋषभ भी उसी शैली में बल्लेबाज़ी कर सकते हैं। मुझे लगता है कि वह भी कुछ इसी तरह से सोचते हैं और आप टी20 क्रिकेट में उनके बल्ले से कुछ ख़ास पारियां देखेंगे।" शुरुआती दिनों में पंत की आक्रामक शैली की बल्लेबाज़ी ने ही उन्हें बल्लेबाज़ों की लीक में अलग खड़ा कर दिया था। 2018 और 2019 में खेली कुल 30 पारियों में पंत ने 45 के औसत और लगभग 170 के स्ट्राइक रेट से नौ अर्धशतक जड़े थे।
हालांकि 2021 में कप्तानी मिलने के बाद पंत की बल्लेबाज़ी में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने पिछले सीज़न में 130 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जबकि इस साल वह ज़रूर 150 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं लेकिन उनके बल्ले से लंबी पारियां नहीं आ रही हैं। हालांकि शास्त्री की मानें तो पंत को अपनी कोशिश में बदलाव करने की कोई ज़रूरत नहीं है। शास्त्री का कहना है कि उन्हें अच्छी शुरुआत मिल रही है, लेकिन वह निश्चित तौर पर उस तरीके से आउट होना नहीं चाहते होंगे, जिस तरह से वह अपना विकेट गंवा रहे हैं।
टाइम आउट शो पर डैनियल वेटोरी ने भी पंत की आक्रामक बल्लेबाज़ी की तारीफ़ की। वेटोरी ने कहा, "ऋषभ पंत जब अपनी धुन में होते हैं तो वह अपने सर्वश्रेष्ठ पर होते हैं और हमने उनके बल्लों से कई ऐसी पारियां देखी हैं जब उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी के बलबूते विपक्षी टीम को धराशाई कर दिया।"
चेन्नई के ख़िलाफ़ पिछले मुक़ाबले में मिली हार दिल्ली के लिए सात मैचों में से पांचवीं हार थी जब वह 172 से 223 के रेंज के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। इन सभी पांचों हार में पंत के बल्ले से 43(29), 34(17), 44(24), 44(30) और 21(11) रन निकले थे। पुणे में गुजरात टाइटंस के ख़िलाफ़ खेले मुक़ाबले में जब पंत आउट हुए तब 172 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही दिल्ली को 36 गेंदों में 54 रनों की दरकार थी, यह मैच दिल्ली 14 रनों से हार गई। जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स के ख़िलाफ़ 196 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय जब वह आउट हुए तब दिल्ली को 43 गेंदों में 76 रनों की दरकार थी और दिल्ली यह मुक़ाबला भी छह रनों से हार गई।
अगले तीन मुक़ाबलों में दिल्ली कैपिटल्स को हर मैच जीतना होगा। दिल्ली की जीत सुनिश्चित करने के लिए पंत के बल्ले से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आना बेहद ज़रूरी है। शास्त्री का मानना है कि पंत को नंबर तीन पर आकर बल्लेबाज़ी करनी चाहिए। वहीं वेटोरी का कहना है कि अगले तीन मैचों में पंत के बल्ले से बड़ी पारियां देखने को मिल सकती हैं।