मावी: मेरा एक ही लक्ष्य है भारतीय टीम में वापसी और उसके लिए हर मैच अहम है
पूरी तरह से टूट चुके मावी जानते थे कि वापसी का एकमात्र रास्ता ख़ुद पर विश्वास करना ही है और एक ऐसा गेंदबाज़ बनना जिस पर टीमें भरोसा कर सकें
दया सागर और शशांक किशोर
29-Aug-2025 • 5 hrs ago
शिवम मावी ने भारत के लिए छह T20I में सात विकेट लिए हैं • BCCI
इस साल मार्च की एक दोपहर में नेट पर गहन गेंदबाज़ी सत्र के बाद, शिवम मावी सांस रोककर मैदान के बाहर इंतज़ार कर रहे थे, जब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ मोहसिन ख़ान की चोट के कारण उनके रिप्लेसमेंट पर चर्चा कर रहे थे।
लेकिन मावी की उम्मीदें धूमिल हो गईं। IPL 2025 की नीलामी में न बिकने के बाद, इस लीग में पिछले दरवाज़े से वापसी का जो रास्ता खुला था वह तब बंद हो गया जब मोहसिन के रिप्लेसमेंट के लिए शार्दुल ठाकुर को उनसे पहले तरजीह दी गई।
मावी पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन वह जानते थे कि वापसी का एकमात्र रास्ता ख़ुद पर विश्वास करना ही है। एक ऐसे गेंदबाज़ के रूप में तैयार करना जिस पर टीमें फिर से भरोसा कर सकें।
मावी फ़िलहाल उत्तर प्रदेश T20 लीग में काशी रुद्राज़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ESPNcricinfo से बातचीत में उन्होंने कहा, "ज़ाहिर है IPL फ़्रैंचाइज़ियों को मेरी लगातार चोटें दिखी होंगी। शायद उन्हें लगा होगा कि इस खिलाड़ी को चोट लगने की संभावना बहुत ज़्यादा है और नीलामी में इसे चुनना जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन सीज़न के दौरान, LSG ने मुझे [रिप्लेसमेंट के तौर पर ट्रायल के लिए] सिर्फ़ इसलिए बुलाया क्योंकि उन्होंने देखा कि मैं पूरी तरह से फ़िट हूं और अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं। मेरा फ़ोकस बस यही था: जो मेरे बस में हो, वही करूं और अगर मौक़ा मिले, तो ज़्यादा से ज़्यादा खेलूं और अच्छा प्रदर्शन करूं।"
दो साल पहले तक, जब मावी भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए तेज़ गेंदबाज़ों में से एक थे, तब चीज़ें काफ़ी बेहतर लग रही थीं। तेज़ गति और लेट स्विंग का संयोजन करके, उन्होंने T20I में जगह बना ली थी। निचले क्रम में छक्के लगाने की क्षमता एक अतिरिक्त फ़ायदे की चीज़ थी। लेकिन छह T20I और सात विकेट लेने के बाद, उनके युवा करियर में रुकावट आ गई।
मावी ने अपनी गति में गिरावट देखी। वह पिच से पहले जैसी गति नहीं पैदा कर पा रहे थे। और स्विंग के बिना, उन्होंने अपने एक और अहम औज़ार खो दिया था। 6 करोड़ रुपये की क़ीमत पर चुने जाने के बावजूद वह IPL 2023 में गुजरात टाइटन्स (GT) के बेंच पर ही बैठे रहे।
हालांकि मावी निराश थे, लेकिन उन्होंने आगामी घरेलू सीज़न को खुद को फिर से साबित करने के मौक़े के रूप में देखा। लेकिन जैसे ही उन्होंने तैयारी शुरू की, ज़िंदगी ने एक और झटका दिया: साइड स्ट्रेन और फिर पसलियों में स्ट्रेस फ़्रैक्चर ने उनके 2023-24 के अभियान को शुरू होने से पहले ही ख़त्म कर दिया। आख़िरी झटका तब लगा जब BCCI ने उन्हें अपने टारगेटेड खिलाड़ियों के पूल से बाहर कर दिया।
शिवम मावी ने IPL में अब तक KKR, GT और LSG का प्रतिनिधित्व किया है•BCCI
मावी मानसिक और भावनात्मक रूप से निराश थे, लेकिन उनके लिए सब कुछ ख़त्म नहीं हुआ था। LSG ने तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्हें नीलामी में 6.4 करोड़ रुपये में चुना। अगर वह फ़िट होते, तो उम्मीद थी कि वह प्लेइंग-XI में जगह बनाने के लिए चुनौती पेश कर सकते थे, क्योंकि उन्होंने आवेश ख़ान को राजस्थान रॉयल्स (RR) को बेच दिया था।
लेकिन मावी का दुर्भाग्य यहां भी उनके साथ ही था, सीज़न की शुरुआत से पहले एक फ़िटनेस टेस्ट के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। मावी ने इसके लिए पूर्व नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) और भारतीय फ़िज़ियो आशीष कौशिक की ओर रुख़ किया। उन्होंने बेंगलुरु में कौशिक के निजी क्लिनिक में जाकर अपनी बायोमैकेनिक्स की जांच कराई और नए सिरे से ख़ुद की फ़िटनेस पर काम किया। पूरी तरह से फ़िट और तैयार होने में उन्हें अपने एक्शन पर एक साल तक काम करना पड़ा और उसे बेहतर बनाना पड़ा।
मावी याद करते हैं, "हर बार जब मैं अधिक गेंदबाज़ी करता था, तो मेरा बैक स्ट्रेस बढ़ जाता था। यह अचानक नहीं था, यह मेरे एक्शन की वजह से था। मैं गेंद डालते समय बाईं ओर गिर जाता था। जैसे-जैसे स्पेल बढ़ता गया, यह और भी बदतर होता गया और यही खिंचाव का कारण था। आशीष सर ने मुझे यह समझाने में मदद की एक तरफ़ ज़्यादा झुकना ही इसका कारण था। अब मेरे शरीर का वज़न लंबे स्पेल के बाद भी, एक तरफ़ नहीं जाता। उस समय तक, किसी ने भी मेरे एक्शन को इतने क़रीब से नहीं देखा था।"
नतीजे उत्साहजनक रहे हैं: मावी कहते हैं कि सालों में पहली बार उन्हें दर्द नहीं हो रहा है।
"अब मैं बिना किसी तकलीफ़ के लंबे स्पेल डाल सकता हूं। मैं अपने शरीर को फिर से मज़बूत बना सकता हूं। मैं समझ गया हूं कि फ़िटनेस एक ऐसी चीज़ है जिस पर आपको लगातार काम करने की ज़रूरत है। पिछले साल से, मैं बिना किसी तकलीफ़ के खेल पा रहा हूं। यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। गेंदबाज़ी के लिहाज़ से, मैंने अपने एक्शन पर काफ़ी काम किया है और इसी वजह से मेरी लय बेहतर हो गई है, गति कम नहीं हुई है।"शिवम मावी अपनी फ़िटनेस पर
शारीरिक पीड़ा के अलावा, लंबे रिहैब ने भी उनके दिमाग़ की भी परीक्षा ली। बेंगलुरु में अकेले, परिवार से दूर, हर दिन एक ही तरह के अभ्यास करते हुए, एकरसता ने उन्हें बुरी तरह प्रभावित किया। अब वे हंसते हुए कहते हैं, "यह बहुत परेशान करने वाला था। यह मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। लेकिन मैं ख़ुद से कहता रहा, 'जब मेरा मौक़ा आए, तो मुझे इसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।' यही विचार मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा।"
आज का मावी पिछले कुछ सालों में लगातार असफल रहे मावी से अलग है। उनकी गति फिर से 143-144 किलोमीटर प्रति घंटे की रेंज में आ गई है, उनका एक्शन ज़्यादा सहज दिखता है, और उनकी लय वापस आ गई है। UP T20 लीग में, वह न केवल एक नए गेंदबाज़ के रूप में, बल्कि एक ऑलराउंडर के रूप में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
अपने पहले छह मैचों में उन्होंने 10 विकेट लिए हैं और 21 गेंदों में 54 रन की पारी भी खेली है जिसमें उन्होंने छह छक्के लगाए। वे कहते हैं, "पहले, मैं सोचता था कि मैं सिर्फ़ एक गेंदबाज़ हूं। अब, मैं अपनी बल्लेबाज़ी पर भी उतना ही ध्यान देता हूं। T20 में, जब आप अंतिम ओवरों में बल्लेबाज़ी के लिए आते हैं, तो आपके पास समय नहीं होता। आपको पहली गेंद से ही हिट करना होता है। मैं इस भूमिका के लिए तैयारी कर रहा हूं।"
2024-25 का पूरा सीज़न बिना किसी परेशानी के खेलने के बाद, मावी आगामी घरेलू सीज़न के लिए इससे बेहतर शुरुआत की उम्मीद नहीं कर सकते थे। फ़िलहाल, उनका ध्यान UP T20 में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर है, लेकिन जब उनसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के बारे में पूछा जाता है, तो वे बेझिझक कहते हैं, "भारतीय टीम में वापसी।"
"मैं जो भी मैच खेलूंगा, मैं सिर्फ़ उसी पर ध्यान केंद्रित करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करूंगा। अगर मैं ऐसा करता रहा, तो भारतीय टीम में वापसी अपने आप हो जाएगी।"
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