अथर्व तायडे के शतक से विदर्भ ने पहली बार जीता विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी का ख़िताब

अथर्व तायडे ने फ़ाइनल में शतक जड़ा © PTI

विदर्भ 317/8 (तायडे 128, राठौड़ 54, पंवर 4-65) ने सौराष्ट्र 279 (मांकड़ 88, ठाकुर 4-50, भूते 3-46) को 38 रन से हराया

2024-25 में ख़िताब से चूकने के बाद, विदर्भ ने इस बार कोई ग़लती नहीं की और एक हाई-स्कोरिंग मुक़ाबले में सौराष्ट्र को हराकर अपना पहला विजय हज़ारे ख़िताब जीत लिया।

दोनों सेमीफ़ाइनल लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने आसानी से जीता था, लेकिन फ़ाइनल में विदर्भ ने 317/8 का मजबूत स्कोर खड़ा कर स्कोरबोर्ड का दबाव बनाया और उम्दा तेज गेंदबाज़ी के दम पर ओस के असर को बेअसर करते हुए सौराष्ट्र की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

सौराष्ट्र ने विशालराज जाडेजा और हार्विक देसाई के जल्दी आउट होने के बावजूद अंत तक अपना संघर्ष दिखाया। उन्हें आख़िरी 15 ओवरों में 127 रन चाहिए थे, जबकि उनके छह विकेट शेष थे। ऐसे में मैच में बढ़त सौराष्ट्र के पास थी। लेकिन 38वें ओवर में विदर्भ के कप्तान हर्ष दुबे ने प्रेरक मांकड़ को 88 रन पर LBW आउट कर मैच का रुख़ पलट दिया।

93 रन की साझेदारी टूटने के बाद पूरा दबाव चिराग जानी पर आ गया। उन्होंने 64 रन बनाकर आख़िर तक संघर्ष किया और आख़िरी सात ओवरों में रनगति में तेज़ी लाने की कोशिश की। लेकिन दर्शन नालकंडे ने शानदार स्लोअर गेंद पर जानी को लॉन्ग ऑफ़ पर अमन मोखाड़े के हाथों कैच कराकर सौराष्ट्र की सभी उम्मीदों को ख़त्म कर दिया। इसके बाद यश ठाकुर ने जयदेव उनादकट और रुचित अहीर को आउट कर विदर्भ की जीत पक्की कर दी।

जहां विदर्भ के तेज़ गेंदबाज़ों ने सही समय पर असर दिखाया, वहीं उनकी बल्लेबाज़ी भी उतनी ही मजबूत रही। मैच से ठीक पहले अनुभवी ध्रुव शौरी पीठ में ऐंठन के कारण बाहर हो गए थे, लेकिन टीम के संतुलन पर इसका ज़्यादा असर नहीं पड़ा।

सेमीफ़ाइनल की तरह इस मैच में भी फ़ॉर्म में चल रहे मोखाड़े और अथर्व तायडे ने सधी हुई शुरुआत की। 17वें ओवर में मोखाड़े 33 रन बनाकर अंकुर पंवर की गेंद पर आउट हुए, जिससे 80 रन की साझेदारी टूटी। इसके साथ ही वह विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के एक सीज़न में सबसे ज्यादा रन बनाने के एन जगदीशन के रिकॉर्ड से 17 रन दूर रह गए।

नंबर तीन पर उतरे यश राठौड़ ने एक छोर संभाले रखा और तायडे को खुलकर खेलने का मौका दिया। 8 रन पर थर्ड अंपायर अभिजीत बेंगेरी के फ़ैसले से रनआउट होने से बचे तायडे ने 66 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रफ़्तार बदलते हुए उन्होंने लगातार दो ओवरों में दो छक्के लगाए।

शतक पूरा करते ही तायडे ने एक जोशीला जश्न मनाया। यह उनका तीसरा और 2021 बाद पहला लिस्ट ए शतक था। इस शतक में दूसरे पचास रन सिर्फ़ 31 गेंदों में आए।

तायडे के आउट होने के बाद सौराष्ट्र ने पंवर और सकारिया के ज़रिए वापसी की और नियमित विकेट गिराए। आखिरी पांच ओवरों में विदर्भ सिर्फ़ 36 रन ही जोड़ सका, जिससे लगा कि स्कोर थोड़ा कम रह गया है।

लेकिन ठाकुर और नचिकेत भूते की शुरुआती गेंदबाज़ी और बाद में नालकंडे की धारदार गेंदों ने यह सुनिश्चित किया कि विदर्भ लगातार दूसरे साल ख़िताब से वंचित न रहे।

शशांक किशोर ESPNcricinfo के वरिष्ठ संवाददाता हैं

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