T20 विश्व कप ख़िताब डिफ़ेंड करने और घर में जीतने के लिए भारत प्रबल दावेदार
ग्रुप शेड्यूल
बनाम USA, मुंबई, 7 फ़रवरी
बनाम नामीबिया, दिल्ली, 12 फ़रवरी
बनाम पाकिस्तान, कोलंबो, 15 फ़रवरी
बनाम नीदरलैंड्स, अहमदाबाद, 18 फ़रवरी
बड़ी तस्वीर: भारत के पास क़ाबिलियत की भरमार
T20 विश्व कप जीतने के लिए कभी कोई टीम इतनी बड़ी फ़ेवरिट नहीं रही है। न ही किसी टीम ने कभी अपने ख़िताब का सफलतापूर्वक बचाव किया है या घरेलू मैदान पर इसे जीता है। भारत को इन दोनों उपलब्धियों से रोकने के लिए किसी चमत्कार की ज़रूरत होगी।
भारत में T20 प्रतिभा की क़ाबिलियत और गहराई ऐसी है कि यह टीम उस टीम से भी बेहतर है, जिसने दो साल पहले USA और वेस्टइंडीज़ की अलग-अलग परिस्थितियों में अपराजित अभियान चलाया था। यह टीम आख़िरी बार T20 विश्व कप से काफ़ी पहले अगस्त 2023 में कोई सीरीज़ हारी थी। पिछले विश्व कप की शुरुआत से अब तक इस अनिश्चित माने जाने वाले फ़ॉर्मेट में भारत की जीत-हार का अनुपात 6.5 का है।
पिछले विश्व कप के बाद से भारत ने अपनी टीम में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की मारक क्षमता, वरुण चक्रवर्ती की मिस्ट्री स्पिन और हर्षित राणा की निचले क्रम की हिटिंग और हार्ड लेंथ की एक अतिरिक्त परत को शामिल किया है। यह ऐसी टीम है, जिसमें श्रेयस अय्यर, शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल के लिए भी जगह नहीं बन पा रही।
हालांकि, यह T20 है और विश्व कप कोई आसान फ़ॉर्मैट नहीं है। इसके अलावा, भारत को सुपर-8 में 'ग्रुप ऑफ़ डेथ' मिला है, जहां भारत को एक सप्ताह में तीन अलग-अलग वेन्यू पर रात के तीन मैचों में ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ़्रीका और वेस्टइंडीज़ में से कम से कम दो को हराना होगा। और फिर अगले हफ़्ते दो नॉकआउट भी जीतने होंगे।
ओस भरी रात के मैचों में कुछ भी हो सकता है। टॉस हार गए, जसप्रीत बुमराह और वरुण में से किसी एक का दिन ख़राब हो गया, तो फिर नतीजा पलट सकता है। विरोधी टीमें खुद को उम्मीद में रखने के लिए यही बातें दोहराती रहेंगी।
हालिया फ़ॉर्म
विश्व कप में जिन परिस्थितियों की उम्मीद है, उनसे मिलती-जुलती परिस्थितियों में भारत ने हाल ही में न्यूज़ीलैंड को 4-1 और साउथ अफ़्रीका को 3-1 से हराया है। इन सात मैचों में तीन में जीत टॉस हारने के बावजूद आई हैं।
इन पर रहेंगी नज़रें: अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती
पूर्ण सदस्य टीमों में से कोई भी खिलाड़ी दो विश्व कपों के बीच अभिषेक शर्मा के 88 छक्कों के क़रीब भी नहीं पहुंचता है। शे होप 50 छक्कों के साथ अगले नंबर पर हैं। अभिषेक अपने पहले विश्व कप में सबसे रोमांचक बल्लेबाज़ के रूप में उतर रहे हैं।
वरुण चक्रवर्ती गेंदबाज़ी में अभिषेक के बराबर रहे हैं और पूर्ण सदस्य देशों में दो विश्व कपों के बीच उनके नाम सर्वाधिक 57 विकेट है। उनकी इकॉनमी रेट 7.42 की रही है। उन्होंने हर 11.2 गेंदों में एक विकेट लिया है, यानी प्रति मैच दो विकेट, जो एक सपनों जैसा रिकॉर्ड है। यह वरुण का पहला विश्व कप नहीं है, लेकिन 2021 के काफ़ी फीके अभियान के बाद वह इस बार गहरी छाप छोड़ना चाहेंगे।
आख़िरी दांव?
भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव अगले विश्व कप तक 37 या 38 साल के हो जाएंगे। देश में उपलब्ध प्रतिभा को देखते हुए पूरी संभावना है कि यह विश्व कप ख़त्म होते ही अगले चक्र के लिए टीम, सूर्यकुमार के विकल्प को तैयार करना शुरू कर दे। अभिषेक जैसे खिलाड़ियों के आने से पहले सूर्यकुमार भारत के पहले मूल T20 स्पेशलिस्ट थे।
अगर सब कुछ ठीक रहा, तो सूर्यकुमार विश्व कप का सफल बचाव करेंगे, कप्तान के रूप में उनके जीत-हार का अनुपात 5 से ऊपर होगा और T20I हॉल ऑफ़ फ़ेम में उनकी जगह पक्की हो जाएगी। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो एक खिलाड़ी और कप्तान के तौर पर इतनी मज़बूत टीम के साथ विश्व कप न जीत पाना दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
सर्वश्रेष्ठ एकादश
1 अभिषेक शर्मा, 2 संजू सैमसन/इशान किशन (wk), 3 तिलक वर्मा, 4 सूर्यकुमार यादव (कप्तान), 5 हार्दिक पंड्या, 6 रिंकू सिंह, 7 शिवम दुबे, 8 अक्षर पटेल, 9 हर्षित राणा/अर्शदीप सिंह, 10 जसप्रीत बुमराह, 11 वरुण चक्रवर्ती
बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों से भरी टीम के ख़िलाफ़ कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर में से कोई भी एक विकल्प प्रभावी साबित हो सकता है।
सवाल
सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में वरिष्ठ लेखक हैं