"देर आए दुरुस्त आए" वाली कहावत को सही ठहराने की कोशिश करेगा स्कॉटलैंड

स्कॉटलैंड की टीम ने पिछले कई विश्व कप में बड़े उलटफेर किए हैं और 2024 में इंग्लैंड ने उसे नेट रन रेट के आधार पर बेहद क़रीबी अंतर से पीछे छोड़ा

मार्क वॉट इससे पहले भी T20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं © ICC/Getty Images

ग्रुप मैच

बनाम वेस्टइंडीज़, कोलकाता, 7 फ़रवरी
बनाम इटली, कोलकाता, 9 फ़रवरी
बनाम इंग्लैंड, कोलकाता, 14 फ़रवरी
बनाम नेपाल, मुंबई, 17 फ़रवरी

बड़ी तस्वीर

स्कॉटलैंड का यह विश्व कप खेलना लगभग नामुमकिन था। जब यूरोप रीजनल फ़ाइनल क्वालिफ़ायर में वह नीदरलैंड्स, इटली और जर्सी से पीछे रह गया था तो ऐसा लगा कि उन्होंने यह मौक़ा गंवा दिया है। लेकिन जनवरी में ICC के एक देर से आए फ़ैसले ने तस्वीर पलट दी। सुरक्षा कारणों से भारत में अपने तय मैच खेलने से इनकार करने वाले बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल कर लिया गया।

टूर्नामेंट के लिए पहले से क्वालिफ़ाई न कर पाने वाली टीमों में सबसे ऊंची रैंकिंग होने के कारण स्कॉटलैंड अगली कतार में था। साथ ही T20 विश्व कप के मंच पर उसका हालिया रिकॉर्ड भी भरोसा जगाने वाला रहा है। 2021 में ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश को हराकर उसने पहली बार सुपर 6 में जगह बनाई। इसके बाद अगले संस्करण में उसने वेस्टइंडीज़ पर पहली जीत दर्ज की। फिर 2024 में इंग्लैंड ने उसे नेट रन रेट के आधार पर बेहद क़रीबी अंतर से पीछे छोड़ दिया।

भारत में स्कॉटलैंड की चुनौती दोहरी है। महज़ पंद्रह दिन से भी कम समय की सूचना पर क्रिकेट स्कॉटलैंड का स्टाफ़ दिन-रात काम करता रहा है, ताकि टीम मानसिक और शारीरिक रूप से इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए तैयार हो सके। इसके अलावा स्कॉटलैंड ने जुलाई में हुए क्वालिफ़ायर के आख़िरी मैच में हेग में जर्सी से मिली हार के बाद कोई T20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है।

राहत की बात यह है कि टीम में ज़्यादातर चेहरे जाने पहचाने हैं। 18 महीने पहले कैरेबियन में इंग्लैंड को कड़ी टक्कर देने और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मुक़ाबले को आख़िरी तक खींचने वाली टीम से सिर्फ़ चार बदलाव हुए हैं। इनमें स्कॉटिश वंश के ज़रिये पूर्व न्यूज़ीलैंड बल्लेबाज़ टॉम ब्रूस की एंट्री भी शामिल है। अगर टीम जल्दी लय पकड़ लेती है, तो वह एक दो और टीमों को कड़ी चुनौती देने की उम्मीद जरूर करेगी।

हालिया फ़ॉर्म

स्कॉटलैंड ने आख़िरी बार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट सितंबर में कनाडा में खेला था, जहां वह क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के तहत 50 ओवर फ़ॉर्मैट में उतरा था। सर्दियों के दौरान टीम ने इंडोर ट्रेनिंग की और फिर आख़िरी वक़्त पर भारत पहुंचकर अफ़ग़ानिस्तान और नामीबिया के ख़िलाफ़ वॉर्म अप मैच खेले।

इन खिलाड़ियों पर रहेगी नज़र

बाएं हाथ के स्पिनर मार्क वॉट पिछले एक दशक से स्कॉटलैंड सेट अप का हिस्सा हैं और यह उनका पांचवां T20 विश्व कप होगा। इसके बावजूद उनकी गेंदबाज़ी अब भी कई लोगों को चौंका देती है। T20 में उनके 24 से 25 गज की दूरी से फेंकी जाने वाली उनकी मशहूर "लॉन्ग बॉल" भी शामिल है, जिसने पिछले विश्व कप में कुछ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को लगभग चकमा दे ही दिया था।

स्कॉटलैंड तेज़ गेंदबाज़ ज़ैनुल्लाह इहसान को भी डेब्यू का मौक़ा दे सकता है। उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में टेप बॉल क्रिकेट खेलते हुए खेल सीखा, फिर स्कॉटलैंड आकर एज ग्रुप सिस्टम से गुजरते हुए यहां तक पहुंचे हैं।

आख़िरी विश्व कप ?

स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंग्टन की उम्र 38 साल है और वह करीब दो दशक से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हैं। इसके बावजूद उन्होंने पिछले साल साफ़ कहा था कि संन्यास की कोई योजना नहीं है। टीम में 30 से 35 की उम्र के कुछ और खिलाड़ी भी हैं, जिनमें माइकल लीस्क (35), क्रिस ग्रीव्स (35), सफ़यान शरीफ़ (34) और ब्रूस (34) शामिल हैं। लेकिन क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में स्कॉटलैंड की मज़बूत स्थिति और अगले साल के 50 ओवर टूर्नामेंट तक पहुंचने की उम्मीदों को देखते हुए फ़िलहाल किसी के भी विदा लेने की संभावना नहीं दिखती।

संभावित प्लेइंग XI

1 जॉर्ज मंसी, 2 माइकल जोन्स, 3 ब्रैंडन मैकमुलन, 4 रिची बेरिंग्टन (कप्तान), 5 टॉम ब्रूस, 6 मैट क्रॉस (विकेटकीपर), 7 माइकल लीस्क, 8 मार्क वॉट, 9 क्रिस ग्रीव्स, 10 ब्रैड व्हील, 11 सफ़यान शरीफ़

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