'आज शायद हम एक क़दम और पीछे हो गए' - परिस्थितियों में नहीं ढल पाने पर हेसन
पाकिस्तान यह मैच कहां हार गया? क्या टॉस के समय, जब उसने भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया? या फिर ओवर 5 से 8 के बीच, जब इशान किशन की बदौलत भारत ने 52 रन बटोर लिए? या फिर अपनी बल्लेबाज़ी पावरप्ले में, जिसे पाकिस्तान ने 38 रन पर चार विकेट खोकर खत्म किया?
पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन के मुताबिक, आख़िरी दो चरण वही थे जहां उनके खिलाड़ियों ने ग़लत फ़ैसले लिए और टैक्टिकल चूक की, जिसका भारत ने पूरा फ़ायदा उठाते हुए उन्हें जकड़ लिया। नतीजा रहा 61 रनों की मनोबल तोड़ देने वाली हार। जहां सईम अयूब तेज़, स्विंग होती यॉर्कर पर जसप्रीत बुमराह का शिकार बने, वहीं साहिबज़ादा फ़रहान, सलमान आग़ा और बाबर आज़म अपनी शॉट सिलेक्शन से खुद ही उलझते नज़र आए।
इतनी शर्मनाक हार के तुरंत बाद तेज़ और ईमानदार आकलन करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन हेसन इस मामले में बेबाक रहे।
हेसन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक सवाल के जवाब में कहा, "जब सामने वाली टीम आप पर दबाव बना रही हो, तो क्या आप अपने बेसिक्स पर टिके रहते हैं या उनसे दूर चले जाते हैं? और जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, यह एक बड़ी चुनौती होगी। हम पर फिर दबाव आएगा और तब सवाल होगा कि हम उस दबाव में कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
"ये सभी खिलाड़ी इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं, अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन जब दबाव आएगा तो क्या वे अपने फ़ैसलों पर भरोसा करेंगे या शायद अपनी योजनाओं से बाहर चले जाएंगे? आज दबाव ने हमें हमारी योजनाओं से बाहर धकेल दिया और अगर हमें इस टूर्नामेंट में आगे बढ़ना है तो इस पहलू में हमें बेहतर होना होगा।"
हेसन ने माना कि बल्लेबाज़ ओवरथिंकिंग का शिकार हो गए और शायद भारत द्वारा तय किए गए लक्ष्य को देखते हुए 'सुपरमैन' की तरह खेलने की कोशिश करने लगे, जो उनके हिसाब से पार स्कोर से लगभग 25 रन ज़्यादा था। हेसन के अनुसार, ऐसा भारत-पाकिस्तान मैच के बड़े क़द की वजह से हुआ।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वे [ओवरथिंक] कर सकते हैं। जब आप स्कोर देखते हैं और जानते हैं कि वह शायद पार से थोड़ा ऊपर है, तो आपको लगता है कि आपको सुपरमैन की तरह खेलना होगा और हालात जितनी इजाज़त देते हैं उससे पहले ही गेम पर हमला करना होगा।
"हमने शुरुआती विकेट ऐसे शॉट्स पर गंवाए जो उस सतह पर काफ़ी मुश्किल विकल्प थे। तेज़ सतह पर, जैसे SSC में, शायद कहानी थोड़ी अलग होती। इसलिए बात तालमेल बैठाने की है और पिछले कुछ महीनों में हम अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से ढलने में काफ़ी अच्छे रहे हैं। आज हम शायद एक क़दम पीछे चले गए।"
हालांकि आग़ा ने शनिवार को कहा था कि टॉस से नतीजा तय नहीं होता और मैच 40 ओवरों में योजनाओं के बेहतर अमल पर निर्भर करता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए भेजने के फ़ैसले पर सवाल और तेज़ होते गए। लेकिन हेसन के लिए यह ग़लत फ़ैसला नहीं था।
उन्होंने कहा, "दोनों टीमें पहले गेंदबाज़ी ही करना चाहती थीं, क्योंकि पिच नरम थी और पहली पारी में गेंद दूसरी पारी की तुलना में काफ़ी ज़्यादा टर्न हो रही थी। पहली पारी में गेंद स्किड भी कर रही थी। इसलिए पहले गेंदबाज़ी करने के फ़ैसले में कुछ भी ग़लत नहीं था।"
ऑस्ट्रेलिया बनाम ज़िम्बाब्वे मैच से भी तुलना की गई, जहां ज़िम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाज़ी चुनकर जीत हासिल की थी, लेकिन हेसन इससे सहमत नहीं थे। "उस मैच की बात हो रही थी, लेकिन वह डे गेम था। यह नाइट गेम है। इसका टॉस से कोई लेना-देना नहीं है, यह सिर्फ़ एग्ज़ीक्यूशन का मामला था।"
हेसन ने साफ़ कहा कि पाकिस्तान को भारत ने "आउटप्ले" किया और ड्रेसिंग रूम का माहौल काफ़ी निराशाजनक था।
हेसन ने कहा, "अभी ड्रेसिंग रूम में काफ़ी निराशा है, क्योंकि खिलाड़ी जानते हैं कि यह मैच पाकिस्तान के लिए कितना मायने रखता है। हम वाक़ई निराश हैं कि हम अपनी क्षमता के मुताबिक नहीं खेल पाए, लेकिन हम टूर्नामेंट का हिस्सा हैं और जानते हैं कि टूर्नामेंट क्रिकेट में हर बार चीज़ें आपके हिसाब से नहीं चलतीं। अब हमारा काम खुद को संभालना और यह सुनिश्चित करना है कि दो-तीन दिनों में हम बेहतर प्रदर्शन करें।"
पाकिस्तान अब 18 फ़रवरी को SSC में नामीबिया से खेलेगा, जो ग्रुप स्टेज में उसका आख़िरी मैच होगा। अंक तालिका में भारत के पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद अमेरिका से उलझन से बचने के लिए पाकिस्तान को यह मैच हर हाल में जीतना होगा, क्योंकि USA अपने चारों मैच खेल चुका है।
नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo में न्यूज़ एडिटर हैं