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स्मृति मांधना, प्लेयर ऑफ़ द मैच: पिच पहले मैच जैसी थी, लेकिन हमने अपनी ग़लतियों का समझा। हमने आज विकेट का बेहतर आकलन किया। हमने 145 रन देख रहे थे। पिछले मैच में यह अलग था। हमने बातचीत की कि हम पहली गेंद से प्रहार नहीं करेंगे। इसलिए टीम ने मुझे पहले कुछ ओवरों में समझदारी से बल्लेबाज़ी करने के लिए कहा और फिर हमारी साझेदारी हुई और मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। लिहाज़ा मैं अपने अंदाज़ में बल्लेबाज़ी कर सकती थी।
हरमनप्रीत कौर: हम किसी भी क़ीमत पर जल्दबाज़ी नहीं करना चाहते थे, विकेट बचाकर रखने से आपको हमेशा आत्मविश्वास मिलता है। हमने टीम मीटिंग में जो कुछ भी चर्चा किया, उसे अमल में लाया। हमें इन पिचों पर काफ़ी अच्छी बल्लेबाज़ी करनी थी, चूंकि यहां रन बनाना आसान नहीं होता। बल्लेबाज़ी के लिए स्मृति को श्रेय जाता है, मैं उन्हें जल्दी स्ट्राइक देना जारी रख सकती थी और बाद में कमान संभाल सकती थी। मैं पिछले मैच के लिए उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मेरे लिए रन बनाना बहुत ज़रूरी था। जब भी आप वापसी करते हैं, यह आपके लिए नए दिन और परिस्थितियां होती हैं। लिहाज़ा मैं रन बनाकर बहुत ख़ुश हूं।
हेली मैथ्यूज: उन्होंने उदाहरण पेश किया जो देखने लायक था। भारतीय बल्लेबाज़ी अच्छी थी, उन्होंने अच्छी पारी खेली। हमने कुछ कैच छोड़े जिससे मुश्किलें बढ़ी। साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ करो या मरो वाला मुक़ाबला है, हम सुधार करना और अच्छा करना चाहते हैं।
10:03pm गेंद और बल्ले के साथ भारत की क्या ज़बरदस्त प्रदर्शन रही है। पहले मुक़ाबले में मेज़बानों को 27 रनों से हराया और आज वेस्टइंडीज़ को 56 रनों से धोकर इस सीरीज़ की लगातार दूसरी जीत दर्ज की। दीप्ति ने पावरप्ले में ही वेस्टइंडीज़ के दोनों ओपनरों को पवेलियन भेज दिया था, जिसके कारण वे खुलकर नहीं खेल सके। हेली मैथ्यूज़ और शमैन कैंपबेल के बीच अच्छी साझेदारी ज़रूर हुई लेकिन यह सिर्फ़ हार के अंतर को कम कर सका।