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आईसीसी टेस्ट रैंकिंग : कैसे ऑस्‍ट्रेलिया बना नंबर एक और कैसे भारत तीसरे स्थान पर फ‍िसला

विदेशी धरती पर मिली जीत के लिए अब अतिरिक्त अंक नहीं मिलते

Corks fly as the Australians celebrate a 4-0 series win, Australia vs England, Men's Ashes, 5th Test, 3rd day, Hobart, January 16, 2021

ऑस्ट्रेलिया ने ऐशेज़ में इंग्लैंड को 4-0 से हरा कर काफ़ी प्वाइंट बटोरे  •  CA/Cricket Australia/Getty Images

2022 के शुरुआती दौर में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारत, ऑस्‍ट्रेलिया से 16 अंक आगे था। भारत के 124 अंक थे और ऑस्‍ट्रेलिया के 108 अंक थे। तीन सप्ताह से भी कम समय में यह बढ़त ख़त्म हो गई और ऑस्‍ट्रेलिया 119 अंकों के साथ नंबर एक पर पहुंच गया, जबकि भारत (116) तीसरे स्थान पर खिसक गया। इस दौरान दो सीरीज़ खेली गई। ऑस्‍ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 4-0 से हराया, जबकि साउथ अफ़्रीका ने भारत को 2-1 से हराया। अगर आप कैसे और क्यों के बारे में सोच रहे हैं तो आपको इस लेख के आने वाले हिस्सों में बिंदुवार तरीके से इस पूरे प्रक्रिया को समझाने का प्रयास किया जाएगा।
विदेशी धरती पर मिली जीत के लिए अब अतिरिक्त अंक नहीं मिलते
एक अप्रैल 2018 से नए नियम के मुताबिक मौजूदा रैंकिंग में जो मैच 31 मार्च 2020 तक खेले गए हैं, वहां मैचों को 50 प्रतिशत महत्व मिला है। इस पूरे समय में, ऑस्‍ट्रेलिया ने घर में खेले गए 20 टेस्ट की तुलना में सात विदेशी टेस्ट खेले हैं (दो जीत, तीन हार)। दूसरी ओर भारत ने विदेशी धरती पर 25 टेस्ट खेले, जहां उन्होंने 10 मैच जीते और 12 हारे।
हालांकि विदेशी धरती पर मिली जीत पर रैंकिंग में अतिरिक्त अंक नहीं मिलते। ऐसे में ऑस्‍ट्रेलिया का घर में 20 टेस्ट में 13-4 का जीत और हार के रिकॉर्ड ने अहम भूमिका निभाई। भारत ने इस दौरान ऑस्‍ट्रेलिया में दो टेस्ट सीरीज़ जीती, लेकिन उनका कोई महत्व नहीं रहा, अगर भारत घर में सीरीज़ जीतता तो बात अलग होती। यह कार्यप्रणाली का एक पहलू है जिसे तत्काल ठीक करने की आवश्यकता है, यह देखते हुए कि प्रत्येक टीम घर पर कितनी अधिक प्रभावी है। भारत का इस समय में घर में 12-1 का रिकॉर्ड है और 10-12 का बाहर। न्यूज़ीलैंड का घर में 11-1 और विदेश में 5-6 का रिकॉर्ड है। क्योंकि रैंकिंग इस तरह से काम करती है, तो इससे ऑस्‍ट्रेलिया को फायदा पहुंचा।
अगर इस समय में कुल जीत और हारे के रिकॉर्ड की बात करें तो ऑस्‍ट्रेलिया 15-7, न्यूज़ीलैंड 16-7 और भारत का 22-13 का रिकॉर्ड रहा। एक अप्रैल 2020 के समय से जब परिणाम का 100 प्रतिशत महत्व है, तो न्यूज़ीलैंड का रिकॉर्ड 7-2, ऑस्‍ट्रेलिया का 5-2 और भारत का 9-6 रहा।
विपक्ष की गुणवत्ता मायने रखती है
घर के बाहर टेस्ट खेलने के फैक्टर का अब कोई महत्व नहीं रहा, लेकिन विपक्ष की गुणवत्ता से फर्क पड़ता है। निचली रैंकिंग वाली टीम को हराने की तुलना में उच्च रैंक वाली टीम को हराना कहीं अधिक मायने रखता है। इसके विपरीत, निचले क्रम के विपक्ष से हारने से टीम के अंकों में काफ़ी कमी आती है।
उदाहरण के लिए, जब ऐशेज़ शुरू हुई थी, ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड पर एक अंक की बढ़त (108 से 107) थी। टीम रेटिंग के हिसाब से सीरीज़ करीब होनी चाहिए थी, लेकिन क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने इतनी मज़बूती से जीत हासिल की, इसलिए उन्हें 11 अंक मिले जबकि इंग्लैंड को छह अंक गंवाने पड़े। इंग्लैंड की हार से ऑस्ट्रेलिया को अधिक लाभ हुआ क्योंकि उन्होंने इस अवधि में बहुत कम मैच खेले थे।
दूसरी ओर, साउथ अफ़्रीका दौरे पर जाते वक़्त, भारत के 124 और साउथ अफ़्रीका के 88 अंक थे। इसका मतलब था कि भारत सीरीज़ जीतने के लिए प्रबल दावेदार था। गणना के तरीके के अनुसार, उन्हें अपने 124 अंक बनाए रखने के लिए 2-0 से जीतने की आवश्यकता थी। वहां फिर से, घरेलू-विदेशी कारक पर विचार न करने का मतलब है कि इस तथ्य की कोई मान्यता नहीं है कि साउथ अफ़्रीका घर से बाहर की तुलना में घर में अधिक कठिन विरोधी टीम है, जैसे कि भारत विदेशों में उतना सफल नहीं है जितना कि वे घर पर हैं।
2-1 से सीरीज़ हारने का मतलब था कि उन्होंने आठ अंक गंवाए और साउथ अफ़्रीका ने 11 अंक कमाए।
भारत की इंग्लैंड में 2-1 की बढ़त के मायने नहीं
टेस्ट रेटिंग की गणना केवल एक सीरीज़ के अंत में की जाती है, इसलिए भारत ने इंग्लैंड में खेले गए चार टेस्ट मैचों में 2-1 की बढ़त हासिल करने के लिए जो कुछ भी किया वह रेटिंग अंक में नहीं गिना जाता। उन्हें इस साल के अंत में खेले जाने वाली सीरीज़ के पांचवें टेस्ट के बाद जोड़ा जाएगा।
हालांकि, भले ही उस सीरीज़ को भारत के 2-1 से जीतने के साथ देख लिया गया होता तो भी वे केवल 118 रेटिंग अंक तक चढ़ते, जबकि ऑस्ट्रेलिया 119 पर आगे रहता। अंतर कम हो जाता, लेकिन ऑस्ट्रेलिया फिर भी आज दुनिया की शीर्ष क्रम की टेस्ट रहती।
हालांकि, उस स्थिति पर उनकी पकड़ कमजोर है और पैट कमिंस और उनकी टीम को उनके विदेशी कौशल के मामले में पूरी तरह से परखा जाएगा, जिसमें अगले 12 महीनों में पाकिस्तान, श्रीलंका और भारत के दौरे होंगे।

एस राजेश ESPNcricinfo के स्टैट्स एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo के सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।