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हेलमेट में दिक्कत से पहले अंपायरों ने मैथ्‍यूज़ को टाइम्ड आउट के लिए सतर्क किया था

ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को पता चला है कि जब मैथ्‍यूज़ बल्‍लेबाज़ी के लिए आए थे तो रिचर्ड इलिंगवर्थ ने उनसे कहा था कि उनके पास सिर्फ़ 30 सेकंड बचे हैं

मैथ्यूज़ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पहले ऐसे बल्लेबाज़ बने, जिन्हें टाइम्ड आउट दिया गया  •  AFP/Getty Images

मैथ्यूज़ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पहले ऐसे बल्लेबाज़ बने, जिन्हें टाइम्ड आउट दिया गया  •  AFP/Getty Images

श्रीलंका के बांग्‍लादेश के ख़‍िलाफ़ सोमवार को दिल्‍ली में खेले गए मुक़ाबले में एंजेलो मैथ्‍यूज़ यह जानते थे कि वह टाइम्ड आउट हो सकते हैं। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को पता चला है कि जब सदीरा समराविक्रमा के आउट होने के बाद मैथ्‍यूज़ क्रीज़ पर आए तो मैदान पर मौजूद एक अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ ने उनको बताया कि गेंद फ़ेस करने के लिए उनके पास बस 30 सेकंड बचे हैं।
हालांकि उसके बाद मामला यह हुआ कि हेलमेट की स्ट्रिप टूटने के बाद और भी देरी हो गई और मैथ्‍यूज़ दो मिनट के अंदर गेंद फेस नहीं कर सके और अंतर्राष्‍ट्रीय क्रिकेट में टाइम्ड आउट होने वाले पहले बल्‍लेबाज़ बने। श्रीलंका की हार के तुरंत बाद मैथ्‍यूज़ ने कहा था कि उन्‍होंने कुछ ग़लत नहीं किया और मैच अधिकारियों को बताया कि यहां पर कॉमन सेंस इस्‍तेमाल होनी थी क्‍योंकि किसी का भी इक्‍यूपमेंट ख़राब हो ही सकता है।
विश्‍व कप में आईसीसी की का नियम है कि बल्‍लेबाज़ को पिछले विकेट के बाद दो मिनट के अंदर केवल गार्ड ही नहीं पहली गेंद का सामना करना होगा। प्रोटोकॉल के मुताबिक टीवी अंपायर पिछला विकेट गिरने के तुरंत बाद घड़ी को चला देते हैं।
सोमवार को समराविक्रमा के विकेट के बाद मैथ्‍यूज़ एक मिनट और 10 सेकंड पर पहुंचे। वह क्रीज़ पर आए और नॉन स्‍ट्राइकर चरिथ असलंका से आकर मिले। जल्‍दी से बात की और ग्लब्स पहने, इसके बाद अंपायर इलिंगवर्थ ने उनको बताया था कि 30 सेकंड ही रह गए हैं।
इसके बाद विकेट के बाद एक मिनट और 55 सेकंड का समय बीत गया था और मैथ्‍यूज़ ने अभी तक गार्ड भी नहीं लिया था। इसी बीच वह अपनी हेलमेट की स्ट्रिप को सही कर रहे थे तभी वह टूट कर उनके हाथों में आ गया।
बोलिंग एंड पर मौजूद अंपायर मरेस इरेस्‍मस और लेग अंपायर इलिंगवर्थ इस बारे में बताते हुए मैथ्‍यूज़ ने हेलमेट बदलने का इशारा भी किया। नियम यह है कि गियर बदलने से पहले खिलाड़ी को अंपायर को बताना होगा, सिर्फ़ अंपायरों के सम्‍मान के लिए नहीं बल्कि इसीलिए भी कि मैच अधिकारी समय को मैनेज कर सकें।
मैथ्‍यूज़ को जब नया हेलमेट मिला तब तक ढाई मिनट बीत चुका था। इस समय शाकिब गेंदबाज़ी करने के लिए खड़े थे और उनके पास उनके एक साथी आए और इरास्‍मस को अपील करने को कहा। प्रोटोकॉल के मुताबिक इरास्‍मस ने मैथ्‍यूज़ को आउट दे दिया, इस बीच वह शाकिब के पास पूछने भी गए कि क्‍या वह अपील जारी रखना चाहते हैं।
मैथ्‍यूज़ ने तर्क दिया कि वह हेलमेट ख़राब होने की वजह से अपनी पहली गेंद का सामना नहीं कर सके। पोस्‍ट मैच प्रेस कांफ़्रेंस में भी उन्‍होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से वह गेंद नहीं खेल सके थे क्‍योंकि वह बिना नए हेलमेट के गेंद का सामना नहीं कर सकते थे।
टीवी अंपायर नितिन मेनन ने दो मिनट पूरा होने की बात दोनों अंपायरों को बता दी थी। प्रोटोकॉल के अनुसार दोनों अंपायर ही टाइम्ड आउट टाइम को देखते हैं और तब तक टाइम्ड आउट पर फ़ैसला नहीं कर सकते जब तक क्षेत्ररक्षण टीम इसके लिए अपील ना करे। अंपायर क्षेत्ररक्षण टीम को नहीं बताते हैं कि कितना समय बीत गया है।
मैथ्‍यूज़ ने सुझाव दिया है कि स्‍ट्र‍िप उतरने के बाद जो हुआ और दो मिनट पूरा होने से पहले जो हुआ उसको अलग-अलग तौर पर देखा जाना चाहिए क्‍योंकि यह ख़राब इक्‍यूपमेंट के कारण हुआ था, ना कि इसे पहले गेंद को फ़ेस करने के समय के हिस्‍से के तौर पर देखा जाना चाहिए।

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo के न्यूज़ एडिटर हैं