आईपीएल का कारवां घूम फिर कर शुक्रवार को पहुंचेगा शारजाह, जहां पर पिछले साल गेंदबाज़ों को ख़ास राहत नहीं मिली थी। आईपीएल 2020 में पहली पारी का औसतन स्कोर रहा था 178, और बावजूद इसके कि सीज़न के अंत तक गेंद धीमी होकर आने लगी थी, गेंदबाज़ी प्रधान चेन्नई सूपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दोनों का इस मैदान पर रिकॉर्ड काफ़ी ख़राब रहा। जहां आरसीबी ने चार में से केवल एक मैच जीता वहीं सीएसके के हाथ लगी तीन लगातार हार। तो आइए देखते हैं इन दोनों के मुक़ाबले से पहले आंकड़े किस तरफ़ इशारा करते हैं।

कोहली के पीछे क्या है?

आरसीबी के कप्तान विराट कोहली का हालिया फ़ॉर्म साधारण रहा है लेकिन चेन्नई के ख़िलाफ़ उनका रिकॉर्ड अद्वितीय है। कोहली के आईपीएल में बनाए 895 रन सीएसके के ख़िलाफ़ किसी भी बल्लेबाज़ के सर्वाधिक रन हैं। और तो और उनका लगभग हर चेन्नई के गेंदबाज़ के विरुद्ध औसत और स्ट्राइक रेट ज़बरदस्त है, चाहे वो ड्वेन ब्रावो (औसत 197, स्ट्राइक रेट 160) हो, शार्दुल ठाकुर (54, 169) हो, दीपक चाहर (औसत 52) हो, जॉश हेज़लवुड (स्ट्राइक रेट 193) हो या फिर मोईन अली (स्ट्राइक रेट 210)। कोहली के लिए फ़ॉर्म में जल्दी वापस आने का एक और बड़ा कारण है। अगर वो 66 रन और बना लेते हैं तो टी20 इतिहास में क्रिस गेल, कायरन पोलार्ड, शोएब मलिक और डेविड वॉर्नर के बाद 10,000 रन पूरे करने वाले वो सिर्फ़ पांचवे पुरुष बन जाएंगे।

धोनी कैसे पीछे रह जाएंगे?

2018 और 2019 सीज़न में महेंद्र सिंह धोनी 79.2 की औसत और 143 स्ट्राइक रेट से रन बनाने लगे थे तो ऐसा लग रहा था आईपीएल दिग्गज धोनी का बतौर बल्लेबाज़ पुनर्जीवन शुरू हो चुका है। लेकिन पिछले दो सीज़न में उनकी औसत 20 और स्ट्राइक रेट 116 हो गया है। शायद आरसीबी के ख़िलाफ़ उनका बल्ला फिर से बोल उठे - आख़िर 825 रनों के साथ उन्होंने भी बेंगलुरु के विरुद्ध किसी भी बल्लेबाज़ से ज़्यादा रन बनाए हैं। एक और दिलचस्प आंकड़ा यह है कि आईपीएल में सिर्फ़ दो ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने कप्तानी करते हुए 4000 से अधिक रन बनाए हैं - माही और विराट।

जाडेजा की जेब में एबीडी

ए बी डीविलियर्स के बल्लेबाज़ी की ख़ासियत पर हम अब क्या ही बोलें? लेकिन 2019 से अब तक उनके लिए फ़िंगर स्पिनर, अर्थात ऑफ़ स्पिन या बाएं हाथ का ऑर्थोडॉक्स स्पिन, परेशानी का सबब बन बैठा है। इस दौरान वो सात बार फ़िंगर स्पिन का शिकार बने हैं और इस प्रकार की गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ उनकी औसत महज़ 20.7 की है और स्ट्राइक रेट केवल 112 का। 2018 तक रवींद्र जाडेजा के विरुद्ध एबीडी का रिकॉर्ड अच्छा था लेकिन 2019 के बाद वो दो बार उनका शिकार बने हैं। औसत है 4.5 और स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 64 का। बने ना फिर वो जाडेजा के 'बनी'?

ऋतुराज के रनों की बरसात

इस मैच में दोनों ओर धाकड़ युवा सलामी बल्लेबाज़ हैं - देवदत्त पड़िककल एवं ऋतुराज गायकवाड़। ऋतुराज के पास मौक़ा है एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम करने का। अब तक आईपीएल में उन्होंने 14 पारियों में छह अर्धशतकों के सहारे 488 रन बना लिए हैं। अगर वो इस मैच में 62 के स्कोर तक पहुंच जाएंगे तो गौतम गंभीर के स्थापित किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ के इस टूर्नामेंट के पहले 15 मैचों में सर्वाधिक रन योग (549) के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। वैसे पहले 15 मैचों में किसी भारतीय द्वारा सबसे ज़्यादा अर्धशतकों का रिकॉर्ड अब ऋतुराज के पास है। मुंबई के ख़िलाफ़ नाबाद 88 उनका छठा पचासा था। पांच अर्धशतक पर उस मैच से पहले उनके साथ जो नाम जुड़े थे वह थे गंभीर, रोहित शर्मा और पड़िक्कल।

देबायन सेन ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर असिस्टेंट एडिटर और स्थानीय भाषा प्रमुख हैं।