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कुलदीप की गेंदबाज़ी में आत्मविश्वास झलक रहा है, अक्षर को है सुधार की ज़रूरत : पीयूष चावला

पीयूष चावला ने कहा कि उन्हें ख़ुद आक्रामक बल्लेबाज़ों के विरुद्ध गेंदबाज़ी करने में आनंद आता था

Axar Patel lets out a roar after one of his strikes, Delhi Capitals vs Punjab Kings, IPL 2022, Brabourne Stadium, April 20, 2022

विकेट लेने के बाद गरजते हुए अक्षर पटेल  •  BCCI/IPL

पहले छह मैचों में दिल्ली के स्पिनर्स ने कुल 20 विकेट चटकाए थे लेकिन पिछले छह मैचों में वह सिर्फ़ छह विकेट ही ले पाए हैं। हालांकि ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के विशेषज्ञ पीयूष चावला का कहना है कि उन्हें कुलदीप यादव में अभी भी काफ़ी आत्मविश्वास नज़र आ रहा है, लेकिन अक्षर पटेल की गेंदबाज़ी में थोड़े सुधार की गुंजाइश बरकरार है।
टी20 टाइम आउट पर बात करते हुए चावला ने कहा, "जब टूर्नामेंट इतना लंबा होता है तब बीच में कुछ ख़राब मैच भी आते हैं। शुरु में कुलदीप ने निश्चित तौर पर अच्छी गेंदबाज़ी की लेकिन बीच में भी उन्होंने एकाध मैचों को छोड़कर ख़राब गेंदबाज़ी नहीं की है। कई बार जब आपको विकेट नहीं मिलता और बल्लेबाज़ आप पर ज़्यादा जोखिम लेता है क्योंकि उनको पता होता है कि कुलदीप उनके प्रमुख गेंदबाज़ हैं। लिहाज़ा बल्लेबाज़ों ने कुलदीप को दबाव में डालने के लिए आक्रामक बल्लेबाज़ी की है जो कि उनके लिए कारगर साबित हुआ है।"
चावला ने आगे कहा, "लेकिन ऐसा बार-बार नहीं होगा क्योंकि कुलदीप जिस आत्मविश्वास के साथ गेंदबाज़ी कर रहे हैं वह जैसे ही एक या दो विकेट ले लेंगे तब वह बल्लेबाज़ पर पूरी तरह से हावी हो जाएंगे। पिछले कुछ मैचों में भले ही कुलदीप को विकेट नहीं मिले हैं लेकिन कुलदीप अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे हैं अक्षर को ज़रूर थोड़ा बेहतर करने की ज़रूरत है। अक्षर कहीं ज़्यादा बेहतर गेंदबाज़ हैं, वह कहीं ज़्यादा बेहतर खिलाड़ी हैं। अक्षर ज़रूर एक योजना बनाकर इस मुक़ाबले में उतरेंगे क्योंकि यह एक करो या मुक़ाबला होने वाला है, ऐसै में टीम को जिताने के लिए हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका अदा करनी होगी।"
पंजाब की बल्लेबाज़ी में आक्रामक बल्लेबाज़ों की भरमार है ऐसे में इन बल्लेबाज़ों को रोकने के लिए बतौर कलाई के स्पिनर रणनीति बनाए जाने के मसले पर भी चावला ने अपना सुझाव दिया। उन्होंने ख़ुद का ही हवाला देते हुए कहा कि उन्हें आक्रामक बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ी करने में काफ़ी आनंद आता था।
चावला ने कहा, "मुझे आक्रामक बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ी करने में बड़ा मज़ा आता था क्योंकि मुझे पता होता था कि यह मुझे भले ही एक या दो छक्के मारेगा लेकिन मुझे विकेट लेने का पूरा मौका देगा। टी20 एक ऐसा फ़ॉर्मैट है कि आपको बल्लेबाज़ को रोकने के लिए विकेट लेने के लिए ही जाना होगा। मैं जब ऐसे बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ी करता था तब मैं अपनी सबसे सर्वश्रेष्ठ गेंद ही डालने की सोचता था।"
पंजाब की स्पिन गेंदबाज़ी इस सीज़न उनकी एक कमज़ोर कड़ी साबित हुई है। राहुल चाहर पिछले कुछ सीज़न के अनुरूप इस सीज़न में उतना प्रभावशाली गेंदबाज़ी नहीं कर पाए है। इस मुक़ाबले में उनका सामना ऋषभ पंत से होने वाला है जो कि पेस के मुक़ाबले स्पिन गेंदबाज़ों को अधिक बेहतर ढंग से खेलने के लिए जाने जाते हैं। चावला इस बात से इत्तेफाक़ ज़रूर रखते हैं कि दोनों ही खिलाड़ियों के बीच रोचक मुक़ाबला देखने को मिल सकता है लेकिन साथ ही उनका यह भी कहना है कि चाहर पंत पर हावी हो सकते हैं।
चावला ने कहा, "चाहर ने इस सीज़न भले ही उम्मीद के मुताबिक गेंदबाज़ी नहीं की है लेकिन इस सीज़न भी उन्होंने अच्छी गेंदबाज़ी की है। आंकड़ों के हिसाब से ऋषभ पंत ज़रूर तेज़ गेंदबाज़ों के मुक़ाबले स्पिन गेंदबाज़ों को ज़्यादा अच्छे ढंग से खेलते हैं लेकिन चाहर का भी दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के मुक़ाबले बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के ख़िलाफ़ आंकड़ा बेहतर है। ऐसे में ज़ाहिर तौर पर इन दोनों के ही बीच देखने के लिए लायक मुक़ाबला होगा क्योंकि पंत को भी अटैक करना पसंद है और चाहर को भी विकेटों के लिए अटैक करना पसंद है।"