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रसूल : कैसे कलात्मक डीसिल्वा ने पाकिस्तान को अपने इशारों पर नचाया

श्रीलंका के लिए वह एक आकर्षक बल्लेबाज़ हैं लेकिन गॉल में उन्होंने अपनी गेम का अलग पहलू दिखाया

इस पारी से पहले डीसिल्वा ने इस वर्ष 13 पारियों में केवल एक अर्धशतक के साथ 26 के औसत से रन बनाए थे  •  AFP/Getty Images

इस पारी से पहले डीसिल्वा ने इस वर्ष 13 पारियों में केवल एक अर्धशतक के साथ 26 के औसत से रन बनाए थे  •  AFP/Getty Images

दिसंबर 2019 की बात है जब पाकिस्तान की सरज़मीं पर एक दशक के बाद खेली जा रही पहली टेस्ट मैच में बारिश ने एक बार फिर खलल डाल रखा था। टेस्ट का चौथा दिन था और पहली पारी भी पूरी नहीं हो पाई थी। पहले सत्र में कोई खेल नहीं हो पाया और ऐसे में एक सवाल पाठकों के सामने डाला गया, "दोनों टीमों को मिलाकर सबसे आकर्षक बल्लेबाज़ कौन है?" इस प्रश्न को ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के पाठकों के लिए साइट पर भी डाला गया और अच्छी प्रतिस्पर्धा के लिए बाबर आज़म का नाम बाहर रखा गया।
इस छोटे चुनाव के विजेता थे धनंजय डीसिल्वा, जो पहले दिन तब बल्लेबाज़ी करने उतरे थे जब श्रीलंका काफ़ी कठिन परिस्थिति में था। जवाब में डीसिल्वा की पारी ऐसी थी कि वह पाकिस्तान का डटकर मुक़ाबला करते हुए बहुत तेज़ी से रन तो नहीं बना रहे थे लेकिन उस पारी में एक नाज़ुक सुंदरता थी। उनके सामने थी एक ऐसी तेज़ गेंदबाज़ी क्रम जो आग उगल रही थी लेकिन डीसिल्वा उन्हें आसानी से खेल रहे थे। बारिश और रोशनी के चलते मैच में कई रुकावटें भी आईं जिनसे किसी भी बल्लेबाज़ के लिए लय प्राप्त करना मुश्किल था लेकिन इससे डीसिल्वा को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता दिखा।
खेल में किसी व्यक्ति को आकर्षकता पर शाबाशी देना कभी कभी सांत्वना पुरस्कार जैसा लगता है। ऐसा समझा जाता है कि चलिए, अगर इस खिलाड़ी में दम नहीं तो कम से कम देखने में तो अच्छा लगता है। पाकिस्तान की ओर से इस सवाल के जवाब में सबसे अधिक वोट असद शफ़ीक़ को मिले थे। ऐसा सोचना आसान है कि ऐसे खिलाड़ी आपको मैच नहीं जिताते क्योंकि कठिन समय में चुनौती का सामना करना उनका गेम नहीं।
गॉल में जब डीसिल्वा तीसरे दिन बल्लेबाज़ी करने उतरे तब मैच काफ़ी हद तक पाकिस्तान और श्रीलंका के बीचों-बीच खड़ा था। मेज़बान के पास पहली पारी के आधार पर 147 रनों की बढ़त ज़रूर थी लेकिन पांच विकेट गिरने पर उनके सिर्फ़ 117 रन बने थे। श्रीलंका के 264 रनों की लीड से अधिक के चेज़ टेस्ट क्रिकेट के पिछले छह हफ़्तों में पांच बार हासिल हो चुके थे। इसी मैदान पर पाकिस्तान ने पहले टेस्ट में चौथी पारी में 342 बना लिए थे और इस टेस्ट को देखते हुए लग रहा था वही इतिहास एक बार फिर दोहराया जा सकता है। श्रीलंका को चाहिए था एक कारीगर और वह भेज रहे थे एक कलाकार को।
पाकिस्तान के लिए नसीम शाह अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे थे और इस टेस्ट में उन्होंने नई और पुरानी गेंद दोनों से बल्लेबाज़ों को परेशान किया था। नसीम ने तब जाकर फ़ॉर्म ढूंढ लिया है जब डीसिल्वा अपने व्यक्तिगत फ़ॉर्म को खोते हुए नज़र आए हैं। इस पारी से पहले उन्होंने इस वर्ष 13 पारियों में केवल एक अर्धशतक के साथ 26 के औसत से रन बनाए थे। यह 2018 के बाद टेस्ट क्रिकेट में उनके लिए सबसे निराशाजनक साल रहा था। इस सीरीज़ में वह तीनों पारी में बोल्ड हुए थे और इस टेस्ट की पहली पारी में नसीम ने ही उनके स्टंप्स को ध्वस्त किया था।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध टेस्ट में उन्हें मिचेल स्वेप्सन और ट्रैविस हेड ने आउट किया था। उससे पहले उन्होंने एक टेस्ट कोविड संक्रमण के चलते मिस किया था। गॉल में संघर्ष श्रीलंका का था लेकिन कहीं ना कहीं लड़ाई डीसिल्वा और उनकी परिस्थितियों के बीच भी थी।
उन्होंने मंगलवार शाम को अपनी विकेट को बचाए रखा लेकिन रावलपिंडी की तरह यहां भी ख़राब रोशनी के चलते मैच जल्दी ख़त्म हो गया। बुधवार को उन्होंने हसन अली की पहली गेंद को सिंगल के लिए खेला लेकिन फिर अगले 8.4 ओवर तक एक भी रन नहीं बनाया। उनका अगला रन यासिर शाह की गेंद पर थर्ड की तरफ़ डैब से आया। कलाकार डीसिल्वा प्रवृत्ति के विपरीत मेहनत करने के लिए तैयार था।
बढ़त धीरे धीरे 300 पार कर गई और फिर 350 का आंकड़ा। दूसरे छोर पर दिमुथ करुणारत्ना आउट हो गए लेकिन इस मैच को पाकिस्तान की पहुंच के बाहर भेजने के प्रयास में डीसिल्वा डटे रहे। पिछले दिन तक परेशानी पेश करने वाले पाकिस्तानी गेंदबाज़ों के पास आज उनके सामने जवाब कम दिखे। डीसिल्वा भी अपनी कलाकारी के उदाहरण दिखाने लगे। मोहम्मद नवाज़ को उन्होंने आगे बढ़ते हुए मिडविकेट के बीच से मारा और फिर आग़ा सलमान के विरुद्ध उन्होंने एक पैड को बढ़ाकर स्वीप मारकर और फिर प्वाइंट के पास मारकर अपने नौवें टेस्ट शतक को पूरा किया।
यह मैच फिर से कलाकार डीसिल्वा के इशारों पर चल रहा था, और पाकिस्तान भी। जब उन्होंने शतक पूरा करने पर दर्शकों का अभिवादन स्वीकारा तो देख कर ऐसा लग रहा था उनके अंदर का कलाकार वापस आ गया है। उनके जर्सी पर ना तो मिट्टी के छींटें थीं और ना ही चेहरे पर शिकन। धनंजय डीसिल्वा लड़ाई में उतरे और उन्होंने अपने टीम को सुरक्षित भी किया लेकिन आकर्षक खेल दिखाते हुए। आप ऐसा केवल ख़ूबसूरत ड्राइव खेल कर और ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के पोल जीतकर नहीं कर सकते।

दन्यल रसूल ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड देबायन सेन ने किया है।