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विराट कोहली के शतक के सूखे की कहानी

कोहली का अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने का हाल का​ रिकॉर्ड ख़ुद उनके स्तर मानकों की तुलना में ख़राब हुआ है

Virat Kohli celebrates his first Test hundred of 2019, India v South Africa, 2nd Test, Pune, 2nd day, October 11, 2019

2019 में बांग्‍लादेश के खिलाफ डे-नाइट टेस्‍ट में कोहली ने लगाया था पिछला शतक  •  BCCI

विराट कोहली अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतक बनाए बिना 68 पारियां खेल चुके हैं, उनका पिछला शतक नवंबर 2019 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 136 रन बनाए थे। इसके बाद से उन्हें शुरुआत तो मिली लेकिन वह इसको बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके। कोलकाता की उसकी पारी के बाद से कोहली 22 बार अर्धशतक तक पहुंचे हैं, लेकिन अभी तक अपना 71वां अंतर्राष्ट्रीय शतक नहीं लगा पाए हैं।
कोई भी कोहली के टी20 अंतर्राष्ट्रीय के आंकड़ों को लेकर शायद ही शिकायत करेगा। उन्होंने 145.11 के स्ट्राइक रेट और 56.40 के औसत से 846 रन बनाए हैं।
यह भी तर्क दिया जा सकता है कि उस प्रारूप के छोटा होने के कारण वह शतक से चूके हैं, क्योंकि पिछले साल की शुरुआत में उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ अहमदाबाद में तीन टी20 में नाबाद 73, 77 और 80 रन की पारियां खेली थीं।
उनकी वनडे की फ़ॉर्म भी शानदार रही है। उन्होंने पिछली 19 पारियों में 10 अर्धशतक लगाए हैं, जिसमें से चार बार उन्होंने लगातार अर्धशतक लगाए। इस तरह की फ़ॉर्म से गुज़रने वाले किसी अन्य बल्लेबाज़ को इतनी तिरछी निगाहों से नहीं देखा गया होगा।
हालांकि, पिछले शतक से कोहली टेस्ट और वनडे की 49 पारियों में प्रत्येक में आउट हुए हैं, तो टी20 की तरह उनके पास यहां समय कम नहीं रहा होगा। इन प्रारूपों में शीर्ष चार में बल्लेबाज़ी करने को देखते हुए कोहली के लिए यह एक लंबा सूखा रहा है। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने टेस्ट और वनडे मैचों में हर वैकल्पिक अर्धशतक को शतक में बदलने का उच्च मान स्थापित किया था (कोहली ने अभी तक एक टी20ई शतक नहीं बनाया है), यह छोटा पैच एक गले में खराश की तरह चिपक जाता है।
शतक बनाने के बाद किसी बल्लेबाज़ ने अगर शतक का सबसे लंबा इंतज़ार किया है तो वह कायरन पॉवेल हैं, जो 94 पारियों तक शतक के सूखे से जूझे थे। पॉवेल सहित 22 अलग ऐसे मौक़े हैं जब बल्लेबाज़ शतक लगाने के बाद कोहली की तरह 49 या उससे अधिक टेस्ट और वनडे पारियों में शतक नहीं लगा सके। हालांकि, इनमें से किसी भी बल्लेबाज़ का औसत 32.57 का नहीं था। उन 22 मौक़ों में से एक, जिसमें बल्लेबाज़ 49 पारियों शतक नहीं लगा सका, उनमें केवल एक बल्लेबाज़ ऐलेक स्टुवर्ट हैं, जिनका औसत कोहली के क़रीब रहा, 27.49 का औसत।
शायद कोहली का वर्तमान शतक का सूखा इसीलिए ध्यान आकर्षित कर रहा है क्योंकि उनके स्तर के किसी खिलाड़ी के लिए यह सामान्य नहीं है। निश्चित रूप से ऊपर जिन 22 खिलाड़ियों के बारे में बताया गया उनका कुल मिलाकर औसत भी 40 का नहीं है, कोहली इनमें ऐसे अकेले बल्लेबाज़ हैं जिनका टेस्ट और वनडे करियर में 50 से अधिक का औसत रहा है।
कोहली ने इन दो प्रारूपों में 54.77 के औसत से अब तक 20000 रन बनाए हैं। इन 22 बल्लेबाज़ों में कोहली के क़रीब अगर है तो वह ऐंड्रयू स्ट्रॉस हैं, जिन्होंने 38.77 के औसत से टेस्ट और वनडे में 11242 रन बनाए बनाए हैं। इन बल्लेबाज़ों में शतक के मामले में स्ट्रॉस ही हैं जो कोहली के क़रीब हैं, स्ट्रॉस ने 27 अर्धशतक और कोहली ने 70 अर्धशतक लगाए हैं।
अगर हम टेस्ट और वनडे में शीर्ष पांच सबसे लंबे शतक के सूखे की बात करें, फ‍िर चाहें बल्लेबाज़ आउट हुए हों या नहीं तो कोहली से ज़्यादा यहां 32 ऐसे मामले हैं। नॉट आउट के फ़ायदे को छोड़ भी दें तो भी कोहली औसत के मामले में पांचवीं रैंक पर आते हैं। डेसमंड हेंस मार्च 1991 से अप्रैल 1993 तक लगातार 70 पारियों में शतक नहीं लगा पाए थे लेकिन उनका इन 32 बल्लेबाज़ों में सबसे ज़्यादा 35.77 का औसत रहा।
उन लोगों के लिए जो शीर्ष पांच में सबसे लंबे समय तक शतक के बिना गए, (जहां बल्लेबाज़ द्वारा कोई शतक नहीं बनाया गया था, लेकिन शीर्ष पांच में केवल पारी की गिनती की गई) तो वह स्टीवन फ़्लेमिंग थे, जो जून 1998 से नवंबर 2001 तक 108 पारियों में शतक नहीं लगा सके (जिसमें 25 अर्धशतक शामिल थे) थे। उन्होंने तब 2001-02 के पर्थ टेस्ट में शतक बनाया था।
यह क्रिकेट में सबसे ख़राब शतक का सूखा नहीं है, लेकिन यह कोहली हैं जो अन्य किसी बल्लेबाज़ से ज़्यादा अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलते हैं।
इस पर गौर करें - अगस्त 2017 से जनवरी 2019 तक टेस्ट और वनडे में 49 पारियों के सात अलग-अलग हिस्सों में कोहली 17 शतक बना गए होते, क्योंकि इन 49 पारियों में कोहली ने 26 या 27 बार अर्धशतक लगाया है। कोहली की अब टी20 अंतर्राष्ट्रीय को शामिल करते हुए 71 पारियों बिना शतक के गुज़र गई हैं। अब इसकी तुलना उनकी सर्वश्रेष्ठ 71 अंतर्राष्ट्रीय पारियों के दौर से करें, जहां उन्होंने अलग अलग समय खूब लुत्फ लिया है, जब उन्होंने 19 शतक लगाए। डॉन ब्रैडमैन ने 71 सफल टेस्ट पारियों में 28 शतक लगाए। सचिन तेंदुलकर ने भी मार्च 1998 से नवंबर 1999 तक टेस्ट और वनडे की 71 पारियों में 19 शतक लगाए। यही वह बल्लेबाज़ हैं जो कोहली के स्तर के हैं या उससे बेहतर हैं। यही वह स्तर है जिसके कोहली के प्रशंसक आदी हैं।

शिवा जयरामन ESPNcricinfo में सीनियर स्‍टैटिशियन हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।