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रेटिंग्स : सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव और तिलक रहे बड़ी जीत के हीरो

यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल के अलावा लगभग सभी ने प्रभावित किया

Suryakumar Yadav was back at his inventive best, West Indies vs India, 3rd men's T20I, Providence, August 8, 2023

सूर्यकुमार यादव की 83 रनों की पारी ने मैच को लगभग एकतरफ़ा बना दिया  •  Associated Press

वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध तीसरे टी20आई में सूर्यकुमार यादव (44 गेंदों पर 83, 23 गेंदों में अर्धशतक) और कुलदीप यादव (चार ओवर में 3/28) भारत के बड़े सात-विकेट की जीत के हीरो रहे।

भारत ने टॉस हारकर पहले गेंदबाज़ी की और एक समय लग रहा था ब्रैंडन किंग (42 गेंदों पर 42) और निकोलस पूरन (12 गेंदों पर 20) मेज़बान टीम को एक बड़े स्कोर पर ले जाएंगे। लेकिन कुलदीप ने 15वें ओवर में दोनों को पवेलियन वापस भेजा। इसके बाद रोवमन पॉवेल (19 गेंदों पर नाबाद 40) ने वेस्टइंडीज़ को इस सीरीज़ के अब तक सर्वाधिक स्कोर तक पहुंचाया।

जवाब में भारत के लिए डेब्यू कर रहे यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल जल्दी आउट हो गए लेकिन इसके बाद सूर्यकुमार यादव को तिलक वर्मा (37 गेंदों पर 49 नाबाद) का बढ़िया साथ मिला।

क्या सही क्या ग़लत?

अंग्रेज़ी में एक कहावत है कि एक ही चीज़ को बार-बार करना और अलग परिणाम की उम्मीद करना पागलपन की परिभाषा है। दो करारे शिकस्त के बाद आज भारत ने रणनीति में थोड़ा बदलाव किया और कप्तान हार्दिक पंड्या ने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ शुरुआती ओवेरों में ज़्यादा स्पिन का इस्तेमाल किया। पूरन स्पिन को जमकर धोते रहे हैं लेकिन आज उनके क्रीज़ के आने तक स्पिन के अधिकतर ओवर निकल चुके थे। फिर भी कुलदीप यादव ने जिस तरह दोनों सेट बल्लेबाज़ों को एक ही ओवर में आउट किया, उससे स्कोर में 15-20 रन का अंतर बना होगा।

वहीं सलामी जोड़ी द्वारा निराशाजनक प्रदर्शन फिर से चिंता का विषय बना होगा। भारत यह सीरीज़ जान कर हल्की बल्लेबाज़ी के साथ खेल रहा है। ऐसे भी आने वाले मैचों में अच्छी शुरुआत बहुत अहम होगी।

प्लेयर रेटिंग्स (1 से 10, 10 सर्वाधिक)

यशस्वी जायसवाल, 3: जायसवाल आज शुरुआत से ही हड़बड़ाहट करते दिखे। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो आंखें जमने पर नैसर्गिक रूप से तेज़ बल्लेबाज़ी कर सकते हैं और शायद उन्हें इसी शैली को अपनानी चाहिए। उन्होंने आज अच्छी फ़ील्डिंग भी की।
शुभमन गिल, 2: गिल ने इस सीरीज़ में सबसे ज़्यादा निराश किया है। नई गेंद से अगर आप उन्हें हाथ खोलने के मौक़े ना दें, तो वह ख़ुद डॉट बॉल प्रेशर का शिकार हो जाते हैं। एक ज़बरदस्त प्रतिभा के हैसीयत से उनसे और समझदारी और कुशलता की अपेक्षा होनी चाहिए।
सूर्यकुमार यादव, 9.5: अब तक सीरीज़ सूर्यकुमार यादव के लिए भुलाने लायक था। उनकी इस बात पर तारीफ़ होनी चाहिए कि इसके बावजूद उन्होंने आज 'सेटल' होने का कोई इरादा नहीं दिखाया। मौसम को देखते हुए भारत को तेज़ रन चाहिए थे और उनकी यही कोशिश रही क्रीज़ पर। सूर्यकुमार ने 360 डिग्री के बल्लेबाज़ होने के कई उदाहरण दिखाए और फ़ील्ड के सजावट के साथ खिलवाड़ किया। हालांकि उनकी पारी में बेमतलब स्लॉगिंग नहीं, सोची-समझी आक्रमण और नज़ाक़त का मिश्रण दिखा। पूरे कंट्रोल में आउट होने पर आधे अंक काटे जाते हैं।
तिलक वर्मा, 9: इस सीरीज़ के सबसे बड़े पॉज़िटिव, तिलक की यह पारी इन तीन मैचों में सबसे ज़्यादा नियंत्रित थी। उन्होंने शुरुआत में ही लगातार गेंदों पर शानदार कवर ड्राइव और चतुराई भरी अपर कट लगाए, लेकिन इसके बाद रन बटोरने का काम किया और लगातार भारत को चेज़ में आगे रखने में अपनी भूमिका निभाई।
हार्दिक पंड्या, 8: हार्दिक की गेंदबाज़ी नपी-तुली थी और बल्लेबाज़ी में भी वह सॉलिड दिखे, लेकिन आज उनको सबसे ज़्यादा अंक कप्तानी पर मिलेंगे। चाहे वह पावरप्ले में चार ओवर स्पिन द्वारा डलवाना, या सही समय पर कुलदीप यादव को वापस बुलाकर पूरन और किंग के विकेट झटकना, उनके मूव सही साबित होते रहे। आख़िरी ओवर में मुकेश कुमार से कुछ ग़लतियां हुईं लेकिन उन्होंने ओवर की सम्पति होते ही अपने तेज़ गेंदबाज़ की पीठ थपथपाई और अपना समर्थन दिया। शायद हल्की बूंदाबांदी के चलते दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी थोड़ी और आसान हो गई थी, लेकिन इस भाग्य के वह हक़दार थे।
संजू सैमसन, कोई अंक नहीं: सैमसन आज केवल कीपिंग करते दिखे। उन्होंने एक-आध अवसरों पर गेंद को मिस भी किया, लेकिन जब कोई आईपीएल के बाद लगातार विशेषज्ञ बल्लेबाज़ के रूप में खेलता आ रहा हो, तो अभ्यास की कमी को भी संदर्भ में रखना पड़ता है।
अक्षर पटेल, 8: आज अक्षर को पावरप्ले के अंदर ही आक्रमण पर लाया गया। उन्होंने अपनी गति और लंबाई में कई परिवर्तन किए और एक धीमी पिच का फ़ायदा उठाते हुए किफ़ायती गेंदबाज़ी की। हार्दिक की कप्तानी और अक्षर की क़िस्मत के चलते पूरन के विकेट पर आने तक उनका चार ओवर का स्पेल ख़त्म हो गया था।
कुलदीप यादव, 9: अगर सूर्यकुमार यादव ने बल्ले के साथ मैच को भारत की झोली में डाला, भारत के लिए गेंद के साथ स्टार रहे एकादश में वापसी कर रहे कुलदीप यादव। धीमी पिच पर वह लगातार स्टंप्स को अटैक करते रहे और एक ओवर में पूरन और किंग को वापस पवेलियन लौटाया। इसमें केवल विकेट लेने का तथ्य प्रभावशाली नहीं था, उन्होंने दोनों को साहसी गेंदबाज़ी करते हुए फ़्लाइट में छकाया और इससे वेस्टइंडीज़ के डेथ ओवरों के योजनाओं को चौपट कर दिया।
अर्शदीप सिंह, 4.5: आज हार्दिक ने अर्शदीप को पहला ओवर डलवाकर डेथ के लिए बचा कर रखा। इस पिच पर उन्हें स्विंग का कोई सहारा नहीं मिला, लेकिन फिर भी 19वें ओवर में पॉवेल के ताक़त से वह थोड़े विचलित होते दिखे। गति परिवर्तन के बजाय वह अपने यॉर्कर पर ज़्यादा भरोसा जताते तो शायद अच्छा होता।
युज़वेंद्र चहल, 6: आज चहल ने अपने आधे ओवर पावरप्ले में डाले। यह अपने आप में किसी भी स्पिनर के लिए चुनौती है, लेकिन रिस्ट स्पिनर के लिए यह उनके नियंत्रण और परिपक्वता की बड़ी परीक्षा होती है। आज चहल अपने लाइन को लेकर थोड़ा जूझते रहे, लेकिन फिर भी गति और टर्न में विविधता के चलते उनके विश्लेषण काफ़ी अच्छे थे। हालांकि विकेट ना लेने से वह थोड़े निराश होंगे।
मुकेश कुमार, 6: हार्दिक ने आज मुकेश को भी एक अच्छी चुनौती पेश करते हुए उन्हें केवल डेथ ओवर के लिए बचाए रखा। मुकेश ने भी फ़ुल लेंथ को पकड़े रखा और दोनों बाउंड्री तब दिए जब यॉर्कर के प्रयास में फ़ुल टॉस कर बैठे।

देबायन सेन ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड हैं।