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कोहली : हमें विकेट गंवाने की कोई फ़िक्र नहीं है

पूर्व भारतीय कप्तान मानते हैं कि अगर एक या दो बल्लेबाज़ और रहते तो हुड्डा के साथ वह भारत को 200 के पार ले जाते

विराट कोहली ने अपनी कलाईयों का बेहतरीन उपयोग करते हुए मोहम्मद हसनैन की एक 150 किमी रफ़्तार की गेंद को डीप मिडविकेट के ऊपर दे मारा। इस शॉट के साथ 18वें ओवर में उन्होंने 36 गेंदों पर लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया और अपने साथियों का अभिवादन स्वीकार किया।
सात दिन पहले अपने 100वें टी20आई में कोहली फ़ॉर्म से जूझते नज़र आए थे। दूसरी ही गेंद पर उन्हें स्लिप में ड्रॉप किया गया था, कुछ अंदरूनी किनारे स्टंप्स से बचते हुए निकले थे और उनके हवाई शॉट मैदान के बीच जाकर गिरते दिखे और ड्राइव के प्रयास स्लाइस होकर विकेट के स्क्वॉयर निकल रहे थे। हालांकि आज, टाइमिंग और लय में शुरू से ही कोई शिकायत नहीं हो सकती थी।
उनकी पारी की दूसरी गेंद शादाब ख़ान ने सातवें ओवर में लंबाई में छोटी डाली और कोहली ने बैकफ़ुट पर जाते हुए करारा पुल लगाया वाइड लॉन्ग-ऑन और डीप मिडविकेट के बीच। 11वें ओवर में उन्होंने हसनैन को भी स्‍क्‍वेयर लेग बाउंड्री की दिशा में मारकर चार रन बटोरे। नसीम शाह ने जब कोहली को अपनी पहली गेंद डाली तो कोहली ने आगे बढ़कर रूम बनाते हुए उन्हें कवर-प्वाइंट की दिशा में मारा।
कोहली काफ़ी जल्दी पिच के मिज़ाज को समझ चुके थे और ऐसे में उनकी आक्रामक शैली में कोई रोक नहीं दिखी। मैच से पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने पिच को पढ़कर एक न्यूनतम स्कोर से अधिक रन बनाने की प्रवृत्ति अपनाने की बात की थी। यह साफ़ था कि आज के पिच पर ना तो टर्न अधिक थी और एक बाउंड्री के केवल 62 मीटर दूर होते हुए गेंदबाज़ों के लिए परिस्थितियां कठिन साबित होनी ही थी।
अपने अति आक्रामक शैली में कोहली को इस वजह से थोड़ी रोक लगनी पड़ी क्योंकि भारत दूसरे छोर पर विकेट गंवाए जा रहा था। उन्होंने इसे 200 और 181 के स्कोर के बीच का अंतर बताया। हालांकि उन्होंने अपने कथन में इस टीम की नई मानसिकता को भी उजागर किया।
कोहली ने कहा, "अगर आपने हमारे मैच देखे हैं तो हमें सही परिणाम मिल रहे हैं और हमने मिडिल ओवरों में अपने रन रेट को भी सुधारा है। बतौर बल्लेबाज़ मैं जानता था कि यह एक जगह है जहां हमें बेहतर करने की ज़रूरत थी। यह कभी-कभी विफल होगा और आज हमने बीच में कुछ विकेट खोए और ऐसे में हम 200 के स्कोर से चूके।"
उन्होंने आगे कहा, "दीपक [हुड्डा] और मेरे बाद भुवी [भुवनेश्वर कुमार] और गेंदबाज़ ही थे। इससे फ़र्क़ पड़ता है। अगर हमारे पास उस दौरान दो विकेट और होते तो हम और रन बना सकते थे। हमें विकेट गंवाने की कोई फ़िक्र नहीं है क्योंकि हम वह 20-25 अतिरिक्त रन बनाना चाहते हैं जो बड़े मैचों में अंतर पैदा कर सकता है।"
कोहली ने कहा, "आज मैं जानबूझकर और तेज़ी से रन बनाने की कोशिश कर रहा था। जब विकेटें गिरने लगी तो हमें अपनी योजना में बदलाव लाना पड़ा और यह तय हुआ कि हुड्डा और मैं 18वें ओवर तक खेलेंगे। अगर एक या दो बल्लेबाज़ बचे रहते तो मैं और चौके छक्के लगाने का प्रयास करता। मुझे लगा हारिस रउफ़ ने शानदार आख़िरी ओवर डाला। उनका धीमी गेंद और यॉर्कर का मिश्रण अच्छा था और उस गति पर मारना मुश्किल हो जाता है। मैं इसी तरीक़े से बल्लेबाज़ी करूंगा, ख़ासकर अगर हम पहले बैटिंग करेंगे। जब तक मैं अपने बल्लेबाज़ी को लेकर आत्मविश्वासी हूं और एक अच्छे स्पेस में हूं, तब तक मैं कई तरीकों से बल्लेबाज़ी कर सकता हूं। बात सिर्फ़ लय में आने तक की है और इसके बाद आप केवल परिस्थितियों को देखकर अपनी गेम को ढाल लेते हैं।"
दो अर्धशतक और एक 35 के साथ कोहली ने अब तक एशिया कप में 154 रन बनाए हैं और मोहम्मद रिज़वान के बाद दूसरे सर्वाधिक रन स्कोरर हैं। हालांकि उनका स्ट्राइक रेट 126.22 का है, उनसे पूछा ज़रूर गया कि उनके पास अपने आलोचकों के लिए क्या संदेश है।
कोहली ने कहा, "मैंने कभी ऐसी बातों पर ध्यान नहीं दिया है। मैं 14 सालों से खेल रहा हूं और यह संयोग से नहीं होता। मेरा काम है केवल टीम के हित में अपनी गेम में सुधार लाना। सब अपना काम ही कर रहे हैं। हमारा काम है गेम खेलना, मेहनत करना, 120 प्रतिशत देना, और जब तक टीम को इन बातों पर भरोसा है, तब तक मुझे केवल चेंज रूम में होने वाली बातों से मतलब है।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo में स्‍थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।