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IPL 2024 में गुजरात टाइटंस से कहां ग़लती हुई?

2022 और 2023 में शानदार प्रदर्शन करने वाली GT, इस पूरे सीज़न में संघर्ष करती नज़र आई

Shubman Gill was in his home state Punjab while leading Gujarat Titans, Punjab Kings vs Gujarat Titans, IPL 2024, Mullanpur, April 21, 2024

इस सीज़न की शुरुआत में शुभमन ने अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन बाद में उनके फ़ॉर्म में काफ़ी उतार-चढ़ाव दिखा  •  BCCI

पिछले दो IPL सीज़न में गुजरात टाइटंस की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। 2022 में उन्होंने अपने पहले ही IPL सीज़न में ख़िताब अपने नाम किया था और उसके बाद वाले सीज़न में वह अपने इस ख़िताब को डिफेंड करने के काफ़ी क़रीब थे। हालांकि IPL 2024 में पूरे सीज़न के दौरान GT की टीम संघर्ष करते हुए नज़र आई।
क्या हार्दिक पंड्या के टीम में नहीं होने कारण GT की टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया ? क्या मोहम्मद शमी के टीम में नहीं से उनकी टीम का संतुलन सही नहीं बन पा रहा था ? क्या शुभमन गिल के धाकड़ बल्लेबाज़ी प्रदर्शन ने पिछले सीज़न उनकी कमियों को सामने नहीं आने दिया था ?
इस सीज़न गिल की फ़ॉर्म का पड़ा असर
जब चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ गिल ने सिर्फ़ 50 गेंदों में अपना शतक पूरा किया तो उनके सेलीब्रेशन को देख कर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह दबाव से मुक़्त हो रहे हैं। कहीं न कहीं ऐसा लग रहा था कि वह अपनी दबी हुई हताशा को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने इस सीज़न की शुरुआत काफ़ी सकारात्मक तरीक़े से की थी। अपने पहले छह मैचों में गिल ने 151.78 की स्ट्राइक रेट से 255 रन बनाए, लेकिन उसके बाद उनका फ़ॉर्म ख़राब होते दिखा। अगले पांच मैचों में उन्होंने सिर्फ़ 67 रन बनाए और फिर एक शतक आया।
पिछले सीज़न के प्रदर्शन की तुलना में यह बिल्कुल ही उलट था। 2022 के IPL में उन्होंने 890 रनों का पहाड़ खड़ा किया था, जिसमें तीन बेहतरीन शतक शामिल था। साथ ही उनका स्ट्राइक रेट भी 160 से ऊपर का था। उस सीज़न उनके खेल में सबसे बड़ा बदलाव यह था कि वह लगातार बड़े शॉट्स लगाने में सक्षम हो रहे थे। अगर IPL 2022 में सबसे अधिक सिक्सर लगाने की बात की जाए तो 33 सिक्सर के साथ गिल तीसरे स्थान पर थे।
समय के पहिया ने उल्टी दिशा पकड़ ली
इस सीज़न गिल का प्रदर्शन मिला-जुला था, जिसका प्रभाव GT की टीम पर साफ़ देखने को मिला। इस सीज़न उनकी टीम ने पावरप्ले के दौरान सिर्फ़ 7.23 के रन रेट से स्कोर किया, जो किसी भी टीम की तुलना में सबसे कम है। इसका एक कारण यह भी था कि इस सीज़न ऋद्धिमान साहा भी टीम को तेज़ शुरुआत दिलाने में सक्षम नहीं हो पा रहे थे। उन्होंने पिछले सीज़न कुल 371 रन बनाए थे।
इस सीज़न में उनका 15.11 का औसत, उन सभी सलामी बल्लेबाज़ों में सबसे कम है, जिन्होंने पावरप्ले में कम से कम नौ पारियां खेली हैं। CSK के मैच में साहा के इस फ़ॉर्म के कारण नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी करने वाले साई सुदर्शन को पारी की शुरुआत करनी पड़ी।
गिल और साहा के विपरीत, सुदर्शन इस सीज़न निरंतरता के साथ रन बनाते रहे, लेकिन पावरप्ले में तेज़ गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ उनका प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं था। पहले छह ओवरों में तेज़ गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट 114 का था। पावरप्ले में कम से कम नौ पारियों में तेज़ गेंदबाज़ों का समाना करने वाले खिलाड़ियों के बीच में सुदर्शन का यह स्ट्राइक रेट सबसे कम था। कुल मिला कर यह ज़रूर कहा जा सकता है कि इस सीज़न जब GT की टीम अपने प्रदर्शन की समीक्षा करेगी तो सुदर्शन के इस समस्या के बारे में भी काफ़ी बातचीत होगी।
मिडिल ऑर्डर ने किया निराश
पहले दो सीज़न में हार्दिक ने बल्ले के साथ काफ़ी अच्छा प्रदर्शन किया था। अक्सर चार नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए, उन्होंने अपने बाद आने वाले बल्लेबाज़ों पर से दबाव कम करने का सफल प्रयास था किया था, ताकि डेविड मिलर, राहुत तेवतिया और राशिद ख़ान पूरी आज़ादी के साथ खेलें। हार्दिक ने 2022 के सीज़न में 487 और 2023 में 346 रन बनाए थे। हालांकि हार्दिक की अनुपस्थिति में GT अपने प्लेइंग XI के सही समीकरण को तलाशने में काफ़ी संघर्ष करते हुए दिखी।
पिछले साल विजय शंकर ने GT के लिए मध्यक्रम में दस पारियों में बल्लेबाज़ी करते हुए 301 रन बनाए थे। इस बार उनका फ़ॉर्म ऐसा था कि उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। नीलामी में GT की सबसे बड़ी पसंद शाहरुख़ ख़ान को तभी मौक़ा मिला, जब पहले से ही उनकी टीम काफ़ी नीचे जाते दिख रही थी।
अज़मतुल्लाह ओमरज़ाई को GT ने यह सोच कर लिया था कि वह अपने ऑलराउंड क्षमताओं से टीम संतुलन को ठीक कर सकते हैं। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। उनके बल्ले से चार मैचों में सिर्फ़ 42 रन ही निकले।
हार्दिक की अनुपस्थिति में मिडिल ऑर्डर में डेविड मिलर के ऊपर ज़्यादा जिम्मेदारियां थी लेकिन उनके बल्ले से सिर्फ़ एक ही पचासा निकला। मिडिल ओवरों के दौरान मिलर काफ़ी संघर्ष भी कर रहे थे और उस दौरान उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 77 का था। इसका साफ़ असर तेवतिया पर दिख रहा था। कुल मिला कर GT के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ों ने उस तरह का प्रदर्शन नहीं किया, जैसा वह पिछले दो सालों से करते आ रहे थे। साथ ही डेथ ओवरों में GT के बल्लेबाज़ों का स्ट्राइक रेट सभी IPL टीमों की तुलना में नौवें स्थान पर था।।
यह भी बात काफ़ी हद तक सही है कि GT के प्लेइंग XI में इस तरह की समस्याएं, कुछ खिलाड़ियों की चोट के कारण भी हुई। निलामी के दौरान उनकी टीम ने झारखंड के आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज़ रॉबिन मिन्ज़ को टीम में शामिल किया था लेकिन चोट के कारण वह पूरे IPL से बाहर हो गए। उनकी जगह पर टीम में शामिल किए गए बी आर शरत को भी सिर्फ़ एक ही मैच खेलने को मिला। अगर मिन्ज़ टीम में होते तो शायद ऋद्धिमान साहा की जगह पर उन्हें मौक़ा दिया जा सकता था। GT ने इस सीज़न में कुल 23 खिलाड़ियों का प्रयोग किया, जो किसी भी टीम की तुलना में सबसे अधिक है।
शमी की अनुपस्थिति
पिछले सीज़न मोहम्मद शमी की गेंदबाज़ी पावरप्ले के दौरान आग उगल रही थी। उन्होंने उस दौरान सिर्फ़ पावरप्ले के दौरान ही 17 विकेट लिए, जो पूरे IPL के इतिहास में किसी भी गेंदबाज़ की तुलना में सबसे अधिक है। सिर्फ़ यही नहीं उस दौरान उनका औसत सिर्फ़ 19.41 और इकॉनमी 7.5 की थी। हालांकि एड़ी में लगी एक चोट के कारण उन्हें इस सीज़न से बाहर होना पड़ा।
शमी के नहीं होने का मतलब था कि GT की टीम को कहीं ने कही से एक ऐसा गेंदबाज़ ढूंढना था जो अपनी गेंदबाज़ी से लगभग उसी तरह का प्रभाव डाला जा सके। पहले तो उमेश यादव और स्पेंसर जॉनसन का प्रयोग किया गया, जो सफल नहीं हुए। इसके बाद शमी के रिप्लेसमेंट संदीप वॉरियर को मौक़ा दिया गया, उन्होंने ठीक-ठाक प्रदर्शन तो किया लेकिन तब तक काफ़ी देर हो चुकी थी। वहीं स्पेंसर GT के सबसे महंगे तेज़ गेंदबाज़ थे लेकिन उन्हें न ही स्विंग मिली और न ही विकेट।
मोहित शर्मा इससे पहले टीम डेथ ओवर स्पेशलिस्ट थे लेकिन इस बार उनका प्रयोग पावरप्ले के दौरान भी किया गया। हालांकि पिछले साल डेथ ओवरों में शानदार प्रदर्शन करने वाले मोहित ने इस साल शुरुआत तो अच्छी की लेकिन बीच के बाद में उनका फ़ॉर्म ख़राब हो गया। पहले छह मैचों में मोहित ने 9 के क़रीब की इकॉनमी से आठ विकेट लिए थे। हालांकि इसके बाद दिल्ली के ख़िलाफ़ उन्होंने सिर्फ़ चार ओवरों में 73 रन दिए। यह IPL के इतिहास का सबसे महंगा स्पेल था।
क़रामात नहीं दिखा पाए राशिद
इस सीज़न राशिद ख़ान को उतने विकेट नहीं मिले, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। अब तक उन्होंने 10 मैचों में कुल 12 विकेट लिए हैं। हालांकि यह इस बात के भी संकेत हैं कि अब के खिलाड़ी ज़्यादा बहादुरी से उनका समाना करते हैं। इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण बल्लेबाज़ी क्रम को गहराई मिल रही है, जिससे राशिद जैसे गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ ज़्यादा रिस्क लेने का मौक़ा मिल जा रहा है। 2022 में राशिद ने 6.59 की इकॉनमी से रन ख़र्च किए थे और इस साल यह 8.30 पर आ गया है।
राशिद ने इस सीज़न चार बार 10 या उससे अधिक की इकॉनमी से गेंदबाज़ी की। अपने IPL करियर में राशिद ने कभी भी इतनी बार 10 से ज़्यादा की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी नहीं की थी। इसके अलावा 2017 के बाद पहली बार राशिद तीन लगातार मैचों में एक भी विकेट नहीं ले पाए। राशिद की पीठ की सर्जरी हुई थी और इसका प्रभाव उनके खेल में साफ़ देखने को मिल रहा था।