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45 विकेटों का टारगेट है लेकिन मुलानी के लिए मामला इससे ऊपर का लग रहा है

क्वार्टरफ़ाइनल मैच में मुलानी ने पहली पारी में पांच और दूसरी में लिए तीन विकेट

उत्तराखंड के ख़िलाफ़ पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद मुलानी  •  ESPNcricinfo Ltd

उत्तराखंड के ख़िलाफ़ पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद मुलानी  •  ESPNcricinfo Ltd

आप तर्क दे सकते हैं कि अलूर में तीसरे दिन के खेल में उत्तराखंड के ख़िलाफ़ शम्स मुलानी के द्वारा लिए गए पांच विकेटों में से दो विकेट में क्षेत्ररक्षकों की बड़ी भूमिका थी। हालांकि वास्तव में पांच में से केवल एक ही विकेट उस श्रेणी में आएगा।
बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज़ कमल सिंह को राउंड द विकेट गेंदबाज़ी करते हुए, उन्हें स्लॉग स्वीप करने के लिए आमंत्रित करते हैं। कमल ने इस आमंत्रण को स्वीकारा भी लेकिन डीप मिड विकेट पर तुषार देशपांडे ने दर्शनीय कैच पकड़ा। तुषार उस कैच को पकड़ने की प्रक्रिया में अपना बैलेंस खो दिया था, इसके बावजूद वह एक लो कैच को पकड़ने में कामयाब रहे। यह मुलानी का दिन का पहला विकेट था।
मुलानी को तीसरा विकेट तब मिला जब पृथ्वी शॉ ने पहले स्लिप गोता लगाते हुए एक और दर्शनीय कैच पकड़ा। यहां भी इस विकेट में साफ़ तौर पर शॉ की प्रशंसा ज़्यादा की जाएगी।
हालांकि इसका क्रेडिट मुलानी को भी दिया जाना चाहिए और उनकी सराहनी भी की जानी चाहिए। मुलानी ने दिन की शुरुआत राउंड द विकेट गेंदबाज़ी से की थी। जैसे ही उन्होंने देखा कि इस रणनीति के साथ उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है तो वह ओवर द विकेट गेंदबाज़ी करने लगे। ऐसा नहीं है कि राउंड द विकेट गेंदबाज़ी करते हुए उन्हें विकेट नहीं मिली लेकिन उस विकेट में देशपांडे का भी रोल अच्छा-ख़ासा था।
दाहिने हाथ के बल्लेबाज़ के लिए लेग स्टंप के आस-पास बाहर थोड़े रफ़ थे। इस रफ़ को मुलानी ने ओवर द विकेट गेंदबाज़ी करते हुए निशाना बनाया। मुलानी ने ठीक वहीं पर गेंद फेंका और बल्लेबाज़ दिक्षांशु नेगी फ्लिक करने गए लेकिन रफ़ के कारण उस गेंद में उतनी उछाल नहीं थी, जितनी बल्लेबाज़ ने उम्मीद की थी। इसी कारण लीडिंग एज़ लगा और स्लिप पर शॉ ने एक शानदार कैच पकड़ा। इस विकेट में एक बहुत बड़ी भूमिका मुलानी की भी थी, क्योंकि उन्होंने रफ़ पर बिल्कुल सही निशाना साधा था और सटीक लेंथ पर गेंदबाज़ी की थी।
शिवम खुराना को भी मुलानी ने कुछ इसी तरह से आउट किया। मुलानी के लिए खुराना उनके पांचवें शिकार थे। खुराना जब बल्लेबाज़ी कर रहे थे, मुलानी एक स्लिप और लेग स्लिप के साथ गेंदबाज़ी कर रहे थे। उन्होंने गेंद को फिर से रफ़ पर फेंका। खुराना आधे मन से स्वीप लगाने गए और एक्सट्रा बाउंस को नहीं संभाल पाए, जिसके कारण बल्ले पर गेंद ठीक से लगी नहीं और लेग स्लिप के फ़ील्डर के पास चली गई।
मुलानी के पहले 32 गेंद पर 23 रन बटोरे गए थे, जिसमें दो सिक्सर और एक चौका शामिल था। हालांकि इससे वापसी करते हुए उन्होंने 12 ओवर में 39 रन देकर पांच विकेट लिए। रफ़ के अलावा, पिच के कुछ हिस्से टूट भी गए थे। जब मुलानी ने वहां गेंद डाली तो उन्हें टर्न भी मिला। कुल मिला कर मुलानी ने एक अपने पूरी योजना को काफ़ी बढ़िया तरीक़े से कार्यान्वयन किया। . बुधवार से पहले मुलानी इस रणजी सत्र से पहले ही अपने साथ ढेर सारे विकेट लेकर आए थे। आईपीएल द्वारा टूर्नामेंट को विभाजित करने से पहले, वह पहले ही चार बार पंजा खोल चुके थे; उन्होंने तीन मैचों में दो बार दस विकेट लिए थे। 29 विकेट के साथ वह सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों के चार्ट में शीर्ष पर पहुंच गए थे।
हालांकि इसके बाद भी पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में तीन विकेट लेने के बाद मुलानी को इस चार्ट में और ऊपर चले गए। हालांकि मुलानी के लिए इस सीज़न में गोआ के ख़िलाफ़ की गई गेंदबाज़ी सबसे पसंदीदा है। जहां उन्होंने कुल 12 विकेट लिए थे। साथ ही मुलानी ने उस मैच में एक पचासा भी लगाया था। मुलानी ने कहा कि इस सीज़न वह 45 विकेट हासिल करना चाहते हैं।
मुलानी ने रणजी के अलावा सीके नायडू ट्रॉफ़ी में भी 32 विकेट लिए थे। पांच बार उन्होंने पांच बार पारी में पांच विकेट और तीन बार उन्होंने मैच में 10 विकेट लिए थे। ये सारे आंकड़े उनको ऐसे याद है जैसे यह कल का ही मैच हो।
अप्रैल 2021 में मुलानी को दिल्ली कैपिटल्स में कोविड संक्रमित अक्षर पटेल की जगह पर कुछ दिनों के लिए टीम में शामिल किया था। हालांकि उन्हें उस दौरान कोई मैच खेलने का मौक़ा नहीं मिला।
हालांकि मुलानी का यह फ़ॉर्म जारी रहा तो शायद मुंबई के घरेलू सर्कल से बाहर भी उनकी मांग बढ़ सकती है।

हिंमांशु अग्रवाल ESPNcricinfo के सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo के सब एडिटर राजन राज ने किया है।