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रहाणे : रणजी ट्रॉफ़ी में ग्रुप स्टेज के मैच भी पांच दिनों के हो

ग्रुप स्टेज से मुंबई के बाहर होने के बाद कप्तान काफ़ी निराश थे

Ajinkya Rahane defends one on the off side, Delhi vs Mumbai, Delhi, 1st day, Ranji Trophy, January 17, 2023

रहाणे ने इस सीज़न मुंबई के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे  •  PTI

अजिंक्य रहाणे ने कहा है कि रणजी ट्रॉफ़ी में ग्रुप स्टेज के मैच भी पांच दिनों के होना चाहिए। फ़िलहाल रणजी ट्रॉफ़ी में ग्रुप स्टेज के मैच चार दिनों के होते हैं और क्वार्टर-फ़ाइनल, सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल मैच पांच दिनों का होता है।
रणजी ट्रॉफ़ी के ग्रुप स्टेज से मुंबई की टीम बाहर हो गई है और उसके बाद रहाणे मीडिया से बात कर रहे थे। मुंबई का ग्रुप स्टेज़ का आख़िरी मैच महाराष्ट्र के ख़िलाफ़ था, जहां पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर टाई हो गया था। इसके बाद मुंबई को क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचने के लिए जीत की आवश्यकता थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। जब दूसरी पारी में मुंबई की बल्लेबाज़ी की बारी आई तो उन्हें 28 ओवर में 253 रनों की आवश्यकता थी। मुंबई ने इस लक्ष्य तक पहुंचने का बढ़िया प्रयास किया लेकिन वह 58 रन पीछे रह गई।
रहाणे ने कहा, "प्रथम श्रेणी क्रिकेट पांच दिवसीय क्रिकेट बन सकता है। हम पांच दिनों तक टेस्ट मैच खेलते हैं और पांच दिनों में परिणाम की संभावना लगभग तय है। अगर ग्रुप स्टेज में भी पांच दिनों का मैच होता है तो आपको अधिक परिणाम मिलेंगे। हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि हर मैच में परिणाम निकले।"
उन्होंने आगे कहा, "चार दिवसीय मैचों में सपाट पिचों पर आपको परिणाम नहीं मिलते हैं। हमने अधिक से अधिक परिणाम प्राप्त करने की कोशिश की, लेकिन यह चुनौतीपूर्ण हो जाता है। मुझे नहीं पता इसे घरेलू क्रिकेट के कैलेंडर में कैसे फ़िट किया जा सकता है, लेकिन पांच दिवसीय क्रिकेट घरेलू क्रिकेटरों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट की कठोरता का आदी बना देगा।"
रहाणे ने बताया कि कैसे एक मैच में तीन और सत्र जोड़ने से खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर खेलने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ''अगर आप एक सत्र खेल जाते हैं तो आप चार दिवसीय मैचों में मैच बचा सकते हैं, लेकिन अगर आपको तीन सत्र और खेलने पड़ते हैं तो इससे उन्हें बेहतर टेस्ट क्रिकेटर तैयार करने का मौक़ा मिलेगा।''

रहाणे : ख़राब ओवर रेट के लिए अंकों की पेनाल्टी लगे

यह रहाणे का एकमात्र सुझाव नहीं था। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि बीसीसीआई ख़राब ओवर-रेट के लिए जुर्माना नहीं बल्कि अंकों की पेनाल्टी लाने पर विचार करे, जो पहली पारी के स्कोर के आधार पर मिलने वाले अंकों या अंतिम दिन हार को टालने वाली टीमों के बीच प्रचलित हो गया है। रहाणे के पास हर सत्र के बाद आयोजित होने वाले बीसीसीआई के वार्षिक कप्तानों और कोचों के सम्मेलन में इन मुद्दों को उठाने का अवसर होगा।
उन्होंने कहा, "ओवर-रेट महत्वपूर्ण है। यदि आप ख़राब ओवर रेट के लिए टीमों पर प्वाइंट पेनाल्टी नहीं लगाते हैं तो वित्तीय जुर्माना मायने नहीं रखता। लेकिन अगर आप धीमी ओवर गति के लिए एक अंक काटते हैं तो टीमों को इसके बारे में पता चल जाएगा क्योंकि यह उनकी क्वालीफ़िकेशन के लिए अहम होगा।"
2010-11 के बाद से रहाणे के लिए यह पहला पूर्ण रणजी सत्र था। उन्होंने प्रत्येक मैच में टीम का नेतृत्व किया। मुंबई अपने ग्रुप में तीन जीत, दो हार और दो ड्रॉ के साथ चौथे स्थान पर रही।
रहाणे ने 11 पारियों में 57.63 की औसत से 634 रन बनाकर मुंबई के लिए सर्वाधिक रन बनाए। इसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल था। उन्होंने कहा, "मैं बेहद निराश हूं कि हम नॉकआउट के लिए क्वालीफ़ाई नहीं कर सके। हमारे मौजूदा टीम के सभी खिलाड़ी लाल गेंद क्रिकेट को काफ़ी गंभीरता से लेते हैं। उन सभी खिलाड़ियों के लिए मेरा संदेश यही है कि इस प्रारूप के लिए फ़ोकस और दृढ़ संकल्प महत्वपूर्ण है।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।