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आईपीएल में मैक्सवेल की फ़ॉर्म वापसी का राज़

"नंबर-4 पर बल्लेबाज़ी करने में मैं ज़्यादा सहज महसूस करता हूं"

रविवार को हरप्रीत बराड़ ने अपने पहले तीन ओवरों में मात्र 10 रन ख़र्च किए थे। इसमें दो ओवर उन्होंने मुश्किल पिच पर सेट बल्लेबाज़ विराट कोहली और देवदत्त पड़िक्कल को डाले थे। वह कोई मिस्ट्री स्पिनर नहीं हैं। वह केवल अच्छी लेंथ पर उस गति से गेंदबाज़ी करते हैं जहां से बल्लेबाज़ों को बड़े शॉट्स लगाने में कठिनाई होती है। ख़ुद पर उन्हें इतना भरोसा है कि जब भी कप्तान उनसे गेंदबाज़ी करने से पहले उनकी रणनीति पूछते हैं तो वह जवाब देते हैं, "पाजी, आप टेंशन मत लो, मैं रन नहीं दूंगा।"
अब उनके सामने थे ग्लेन मैक्सवेलपिछली बार जब यह दोनों टीमें टकराईं थी, हरप्रीत ने मैक्सवेल को पहली गेंद पर चलता किया था। आगे वाली गेंद को मैक्सवेल पीछे खेल गए और बाहरी किनारे पर बीट होकर बोल्ड हो गए थे। रविवार को भी उन्होंने वही किया। इस बार गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया लेकिन विकेटों के पीछे कप्तान के एल राहुल कैच लपक नहीं पाए।
जब हरप्रीत अपना आख़िरी और पारी का 13वां ओवर डालने आए, तब तक मैक्सवेल पिच की गति से परिचित हो चुके थे। दूसरी गेंद थोड़ी छोटी थी और मैक्सवेल ने उसे पुल के साथ सीमा रेखा के बाहर दे मारा। दो गेंदों बाद हरप्रीत ने लेंथ को बदला और फ़ुल गेंद डाली जिसे डीप मिडविकेट क्षेत्र में आकाशगंगा की सैर पर भेजा गया। इसके बाद बारी थी रवि बिश्नोई की। पहले गुगली और फिर फ़ुल लेंथ की गेंदों पर लगातार दो छक्के जड़कर मैक्सवेल ने अपना आक्रमण जारी रखा।
33 गेंदों में 57 रनों की अपनी पारी के दौरान मैक्सवेल ने तेज़ गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ 16 गेंदों में केवल 19 रन बनाए और स्पिनरों के ख़िलाफ़ 17 गेंदों पर 38 रन। उनकी तुलना में बाक़ी सभी रॉयल चैलेंजर्स के बल्लेबाज़ों ने स्पिनरों की 37 गेंदों पर महज़ 27 रन बनाए। देखा जाए तो इस पूरे सीज़न में मैक्सवेल स्पिनरों पर हावी रहे हैं - 137 गेंदों में 54 की औसत और 157.66 की स्ट्राइक रेट के साथ उनके नाम 216 रन है।
पिछले हफ़्ते मुंबई इंडियंस के विरुद्ध मैक्सवेल ने स्पिन और पेस के ख़िलाफ़ अपनी रिवर्स हिट और स्विच हिट का इस्तेमाल करते हुए छोटी बाउंड्री का फ़ायदा उठाया और अपनी टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक लेकर गए। पर वह दुबई में था और रविवार का मैच शारजाह में खेला गया जहां इस साल फिर से बनाई गई पिचों पर बल्लेबाज़ी मुश्किल हो गई है। यहां पहली पारी में औसतन स्कोर 134 का रहा है और पांच में से चार मैच रनों का पीछा करने वाली टीम ने जीते है।
इस वजह से कोहली का पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला इतना आसान नहीं था। और भले ही मैक्सवेल एक अलग अंदाज़ से खेल रहे थे, उन्होंने माना की यह एक मुश्किल पिच थी। पोस्ट मैच प्रेज़ेंटेशन में मैक्सवेल ने कहा, "मुझे लगा कि यह समायोजित करने के लिए सबसे कठिन पिच थी। स्पिनरों की गेंद पड़कर तेज़ी से आ रही थी जिस वजह से पारी की शुरुआत में संभलकर खेलना पड़ा। अन्य पिचों पर गेंद रुककर आ रही थी और आपको बैकफ़ुट से खेलने का समय मिल रहा था।"
गेंद भले ही पड़कर तेज़ गति से आ रही हो, जब मैक्सवेल छक्के लगा रहे थे तब ऐसा लग रहा था कि उनके पास समय ही समय था। उनके अर्धशतक के दम पर आरसीबी ने 164 रनों का स्कोर खड़ा किया जो इस चरण में शारजाह के मैदान पर लगाया गया सबसे बड़ा स्कोर है। रविवार को जीत के साथ उन्होंने अपनी टीम को प्लेऑफ़ में भी पहुंचाया।
आईपीएल 2020 में पंजाब की ओर से खेलते हुए ज़्यादातर नंबर पांच पर बल्लेबाज़ी कर मैक्सवेल ने 11 पारियों में महज़ 108 रन बनाए थे। इस साल उतनी पारियों में उनके नाम 407 रन है। मैक्सवेल के अनुसार फ़ॉर्म में उनकी वापसी उन्हें सौंपी गई भूमिका से परिचित होने के कारण हुई है।
उन्होंने कहा, "टी20 में मैंने चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए एक अच्छी लय पाई है। यह शायद मेरे पास ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए लंबे समय से थी। शायद इसी वजह से मुझे वहां सफलता मिली। आरसीबी चाहती थी कि मैं यहां वहीं भूमिका निभाऊ। ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत अच्छा रहा है और मुझे ज़्यादा बदलाव नहीं करने पड़े हैं।"
मैक्सवेल लगातार तीन अर्धशतक जड़ चुके हैं। अगर वह इसी अंदाज़ से खेलते रहे तो रॉयल चैलेंजर्स के लिए अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफ़ी ज़्यादा दूर नहीं होगी।

हेमंत बराड़ ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।