मैच (19)
IPL (2)
County DIV1 (5)
County DIV2 (4)
ACC Premier Cup (6)
Women's QUAD (2)
फ़ीचर्स

सेमीफ़ाइनल की रूपरेखा : कब? कहां? कौन से खिलाड़ी करेंगे भारत, पाकिस्तान, न्यूज़ीलैंड या इंग्लैंड की नैय्या पार?

दोनों सेमीफ़ाइनल से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब यहां

सूर्यकुमार इस विश्‍व कप में भारत के ख़ास खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।  •  Associated Press

सूर्यकुमार इस विश्‍व कप में भारत के ख़ास खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।  •  Associated Press

16 टीमें ऑस्ट्रेलिया आई थीं और अब केवल चार बची हैं। टी20 विश्व कप का ख़िताब तीन पूर्व चैंपियन भारत, पाकिस्तान और इंग्लैंड या आईसीसी टूर्नामेंट में हमेशा जीत के क़रीब पहुंचने वाली न्यूज़ीलैंड टीम के बीच किसी के हाथ आने वाली है। तो क्या है सेमीफ़ाइनल का लाइन-अप और क्या होंगी दोनों मैचों की संभावनाएं?

पहला सेमीफ़ाइनल - न्यूज़ीलैंड बनाम पाकिस्तान

बुधवार, 9 नवंबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे से 1992 विश्व कप के सेमीफ़ाइनल का रीमैच खेला जाएगा। न्यूज़ीलैंड ने जहां काफ़ी आसानी से आख़िरी चार में प्रवेश किया, वहीं पाकिस्तान को यहां तक पहुंचने में काफ़ी मेहनत करनी पड़ी। भारत और ज़िम्बाब्वे से मैच हारने के बाद उन्हें अपने बाक़ी तीनों मैच को जीतने के अलावा कोई करिश्माई उलटफेर का इंतज़ार भी करना पड़ा। साउथ अफ़्रीका के विरुद्ध उनका शीर्ष क्रम ढेर होने के बाद मध्यक्रम के पलटवार ने उम्मीद जगाई। आख़िरी दो मैचों में शाहीन शाह अफ़रीदी ने सात विकेट लिए हैं लेकिन सबसे बड़ा शुक्रिया उन्हें नीदरलैंड्स को अदा करना पड़ेगा जिन्होंने साउथ अफ़्रीका को हराकर पाकिस्तान के लिए संभावना को जीवित रखा।

अहम खिलाड़ी जो हैं सफलता की कुंजी

न्यूज़ीलैंड के लिए सुपर 12 के पहले मुक़ाबले में मेज़बान ऑस्ट्रेलिया को लगभग 4.1 ओवर के बीच ज़बरदस्त दबाव में डाला सलामी बल्लेबाज़ फ़िन ऐलेन (16 गेंदों में 42 रन) ने। पाकिस्तान का सबसे मज़बूत पक्ष है उनकी गेंदबाज़ी और उसे शुरुआती पलों में दबाव में डालना है तो अपने टी20आई करियर में 165.68 के स्ट्राइक रेट से खेलने वाले ऐलेन की बल्लेबाज़ी काम आएगी। वहीं पाकिस्तान किस प्रकार ऐलेन के आक्रमण को रोकने की योजना करेंगे, वह भी बहुत अहम रहेगा।
पाकिस्तान अगर सेमीफ़ाइनल पहुंचा है तो इसमें शादाब ख़ान ने बड़ा रोल निभाया है। गेंद के साथ तो उन्होंने निरंतरता से गेंदबाज़ी की ही है - विश्व कप में 10 या उससे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में शादाब के 6.22 की इकॉनमी से बेहतर केवल अनरिख़ नॉर्खिये (5.37) रख पाएं हैं। साउथ अफ़्रीका मैच में उन्होंने तेज़ अर्धशतक लगाकर बल्ले से अपना मूल्य भी दर्शाया। सिडनी ऑस्ट्रेलिया के मैदानों में स्पिन के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है और ऐसे में शादाब अपने चार ओवर में क्या करेंगे उससे इस मैच का पलड़ा किसी एक टीम के तरफ़ मोड़ देगा।

मैदान से क्या उम्मीद रखें?

सिडनी में इस विश्व कप में अब तक छह मुक़ाबले खेले जा चुके हैं और पांच में पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम विजयी रही है। दो बार टीमों ने 200 का आकंड़ा पार किया है और न्यूज़ीलैंड यहां अपने दोनों मैच जीतने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध उन्होंने 200 का स्कोर रखा था। मैदान काफ़ी बड़ा है और ऐसे में तेज़ गति से दौड़ने वाले बल्लेबाज़ यहां सफल होंगे। पाकिस्तान ने भी इस मैदान पर एक मैच खेला है और उसमें उन्होंने साउथ अफ़्रीका को आसानी से परास्त किया था।

दूसरा सेमीफ़ाइनल - भारत बनाम इंग्लैंड

गुरुवार, 10 नवंबर को भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफ़ाइनल एडिलेड ओवल में खेला जाएगा। मज़े की बात है कि 1987 के 50-ओवर विश्व कप के बाद यह भारत और इंग्लैंड के बीच पुरुष क्रिकेट में किसी आईसीसी विश्व कप में पहला नॉकऑउट मुक़ाबला होगा। भारत की राह काफ़ी आसान रही, हालांकि साउथ अफ़्रीका से हारकर उन्हें अपना स्थान पक्का करने के लिए आख़िरी दिन तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। इंग्लैंड आयरलैंड से हारा था लेकिन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैच रद्द होने के बावजूद वह इस मैच में न्यूज़ीलैंड और श्रीलंका के ख़िलाफ़ प्रभावशाली क्रिकेट खेलता हुआ आया है।

अहम खिलाड़ी जो हैं सफलता की कुंजी

भारत के लिए सूर्यकुमार यादव 225 रनों के साथ टूर्नामेंट के सर्वाधिक स्कोरर विराट कोहली (246) से काफ़ी पीछे हैं लेकिन सूर्यकुमार 193.96 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं जो भारत के बाक़ी बल्लेबाज़ों को क्रीज़ पर सहज होने का अतिरिक्त समय देता है। इंग्लैंड की गेंदबाज़ी में विविधता है और सूर्यकुमार स्पिन और पेस दोनों के ख़िलाफ़ तेज़ी से रन बनाने में माहिर हैं। ऐसे में वह जितनी देर मैदान पर डटे रहेंगे उतना ही विरोधी टीम के हौसलों को पस्त कर देंगे।
इंग्लैंड में कई बड़े सुपरस्टार मौजूद हैं लेकिन इस विश्व कप में सैम करन ने उनके लिए सर्वाधिक 10 विकेट लिए हैं। नई गेंद से करन स्विंग करवाते हैं और अपने बाएं हाथ के कोण से भारत के शीर्ष क्रम को परेशान कर सकते हैं। डेथ ओवरों में वह बेहतरीन यॉर्कर डालने की क्षमता रखते हैं और साथ ही शॉर्ट गेंद के मिश्रण से बल्लेबाज़ों को छकाते हैं। हालांकि एडिलेड के डायमेंशन को देखते हुए वह अधिक सटीक यॉर्कर डालने की कोशिश करेंगे।

मैदान से क्या उम्मीद रखें?

एडिलेड को बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल विकेट माना जाता है लेकिन इस विश्व कप में यहां पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 117, 127 और 158 जैसे स्कोर बनाए गए हैं। इन दोनों सेमीफ़ाइनल की टीमों में केवल भारत यहां खेला है और उन्होंने नीदरलैंड्स के विरुद्ध 184 बनाए थे। एडिलेड में स्कायर बाउंड्री बहुत छोटी है और ऐसे में गेंदबाज़ लंबाई में चूक नहीं कर सकते। सीधे बाउंड्री रेखा काफ़ी दूर है और इसीलिए तेज़ गेंदबाज़ों को फ़ुल लेंथ करने से फ़ायदा मिलेगा। इस मैदान पर सही फ़ील्ड प्लेसमेंट डालना बहुत ज़रूरी है, जो भारत ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ बारिश से प्रभावित मैच में वाइड लॉन्ग ऑफ़ रख कर दर्शाया।

कौन बनेगा विजेता?

कहना बहुत मुश्किल है। न्यूज़ीलैंड एक योजनाबद्ध टीम है तो पाकिस्तान में मैच विनर्स की कमी नहीं। भारत में विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सुपरस्टार मौजूद हैं लेकिन इंग्लैंड की टीम का संतुलन शायद चारों टीमों में सर्वश्रेष्ठ है।
हम कहेंगे बस आराम से बैठिए और तीन मज़ेदार मुक़ाबलों का मज़ा लीजिए। अगर आपकी पसंद की टीम जीती तो बढ़िया, अगर नहीं तो इस बात से संतोष कीजिए कि यह शायद किसी भी प्रारूप का सबसे मनोरंजक विश्व कप रहा है।

देबायन सेन ESPNcricinfo में स्‍थानीय भाषा प्रमुख हैं।