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हर एक पारी के साथ अपने साथी बल्लेबाज़ों से आगे निकल रहे हैं सूर्यकुमार

उन्होंने इस विश्व कप में लगभग 194 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं

विश्व कप जैसी प्रतियोगिता में आपके पास ग़लती करने की बहुत कम गुंजाइश होती है। आप एक ग़लती करते हैं तो आपके ऊपर प्रतियोगिता से बाहर होने का ख़तरा मंडराने लगता है, ना विश्वास हो तो साउथ अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया से पूछ लीजिए।
ऑस्ट्रेलिया में यह टी20 विश्व कप हो रहा है। वहां की परिस्तिथियां अलग हैं। पिच पर उछाल अधिक होती है, बाउंड्री बड़ी होती है, ठंड के कारण भी गेंदबाज़ों को स्विंग और सीम कराने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर यह बल्लेबाज़ों के लिए बुरे सपने जैसा है।
लेकिन सूर्यकुमार यादव तो इस दुनिया के जैसे हैं ही नहीं। आपको शायद याद हो कि यह उनका पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा है और वह इस टूर्नामेंट में 193.96 के स्ट्राइक रेट से 225 रन बना चुके हैं। उन्होंने यह कारनामा बिना कोई शोर मचाए हुए किया है।
रविवार को ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में उन्होंने 25 गेंदों पर 61 रन बनाए। इस दौरान उनके साथी बल्लेबाज़ 25 गेंदों पर सिर्फ़ 27 रन ही बना सके। सूर्यकुमार ने इस साल 16 टी20 पारियों में 20 से अधिक गेंदें खेली हैं और 16 में से 15 बार उनका स्ट्राइक रेट अपने साझेदार से तेज़ रहा है। राइली रुसो ही इस मामले में उनके सबसे क़रीब हैं और वह 15 पारियों में 13 बार अपने साझीदारों से आगे हैं।
कहा जा रहा है कि इस टूर्नामेंट में स्ट्राइक रेट से अधिक यह महत्वपूर्ण है कि आपकी टीम परिस्थितियों के अनुसार आपसे क्या चाहती है। शायद यह सही भी है लेकिन जब आप सूर्यकुमार को खेलता हुआ देखते हैं तो ये धारणाएं ख़ारिज हो जाती हैं।
सूर्यकुमार एक डायनेमिक खिलाड़ी हैं, जो अधिक स्वतंत्रता के साथ बल्लेबाज़ी करते हैं। किसी भी टीम को उनको पकड़ना मुश्किल है।
आर अश्विन कहते हैं, "जिस तरह से सूर्या बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, वह अद्भुत है। वह एक आज़ाद पंछी की तरह हैं। वह जिस तरह के शॉट खेलते हैं, उससे टीम के अन्य बल्लेबाज़ों को भी अपने ढंग से खेलने में मदद मिलती है। वह स्वीप शॉट खेलते हैं। आप किसी तेज़ गेंदबाज़ पर लैप स्वीप या स्क्वेयर स्वीप की उम्मीद नहीं करते, लेकिन वह ये भी मारते हैं।"
कोच राहुल द्रविड़ ने इसका श्रेय सूर्यकुमार की कड़ी मेहनत को दिया। वह कहते हैं, "इसलिए वह टी20 के नंबर एक बल्लेबाज़ हैं। वह इस छोटे फ़ॉर्मेट में भी निरंतरता के साथ ऊंचे स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जो कि क़तई भी आसान नहीं है। वह जिस तरह से खेल रहे हैं, उसे देखना शानदार है। वह अपने प्रोसेस में पूरी तरह से स्पष्ट हैं।"
द्रविड़ आगे कहते हैं, "सूर्या नेट्स पर बहुत अधिक मेहनत करते हैं। वह अपने शरीर और फ़िटनेस पर भी ख़ासा ध्यान और समय देते हैं। वह मैदान व मैदान के बाहर जो मेहनत करते हैं, उन्हें उसका फल मिल रहा है।"

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं