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रिज़वान का ठहराव से तूफ़ानी पारी का सफ़र पाकिस्तान के लिए एक और उपलब्धि

पारी की शुरुआत में जूझने के बाद ओपनर ने अपने प्रदर्शन से पाकिस्तान के विश्व कप अभियान को आगे बढ़ाया

Mohammad Rizwan swipes one to the leg side, Namibia vs Pakistan, T20 World Cup, Group 2, Abu Dhabi, November 2, 2021

नामीबिया के खिलाफ पारी की शुरुआत में जूझते दिखे थे रिजवान  •  ICC/Getty Images

एक बेहतरीन क्रिकेट पिच पर दूर रन अप पर एक भूरे बालों वाला युवा 22 गज़ की पट्टी को दूर से देख रहा है और शुरुआत में उसे दूसरे छोर पर हरे रंग की एक छोटी आकृति दिखती है। उस स्थान से मोहम्मद रिज़वान रुबेन ट्रंपलमन को आता हुआ देखते हैं। क्रिकेट के किसी भी स्तर पर यह मिसमैच ही लगता है, कुछ देर के लिए ही सही, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय विश्व कप में कोई अंतर नहीं है।
रिज़वान कुछ अच्छी गेंदों को रोकते हैं, लेकिन ट्रंपलमन बस लय में आने की शुरुआत ही कर रहे हैं। डरबन में पैदा हुए नामीबिया के बायें हाथ के तेज़ गेंदबाज़ ने साउथ अफ़्रीका के तेज़ गेंदबाज़ों कगिसो रबाडा और अनरिख़ नॉर्खिये के आगे दिन के मुक़ाबले में इसी मैदान पर बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों को जूझते देखा। वह निश्चित रूप से इससे प्रोत्साहित हुए होंगे। वह एक गेंद को इतना आगे डालते हैं कि रिज़वान अनाड़ी रूप से विचलित हो जाते है। यह गेंद बाहरी किनारा ले सकती थी, लेकिन अंत में वह बच जाते हैं। रिज़वान का यह संघर्ष ट्रंपलमन को प्रोत्साहित करता है। वह लय से भरपूर हो जाते हैं और रिज़वान को हर एक गेंद पर चुनौती पेश करते हैं, जिसे खेलना उनके लिए मुश्किल होता जाता है। रिज़वान के पैर चल नहीं रहे थे। इसके बाद रिज़वान पांचवीं गेंद पर एक प्रहार करते हैं लेकिन बिना नियंत्रण के। इसके बाद वह अंतिम गेंद को सम्मान देते हुए रोक देते हैं। यह टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में रिज़वान द्वारा खेला गया पहला मेडन ओवर था।
रिज़वान ने ट्रंपलमन के ख़िलाफ़ एक सिंगल निकालने से पहले नौ डॉट गेंद खेली। अक्सर रिज़वान ऐसे नहीं दिखते हैं। अनिश्चित, कम आत्मविश्वास, अजीब शॉट और भाग्यशाली। कुछ ओवर बाद, वह एक एलबीडब्ल्यू की अपील पर बच गए। कुछ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका क्रीज़ पर रहना नामीबिया के लिए अच्छा है तो कुछ ने कहा कि उन्हें रिटायर आउट हो जाना चाहिए।
शेख़ ज़ायेद स्टेडियम में अब तक जो भी हुआ रिज़वान ने उसकी असामान्य प्रकृति को स्वीकार किया। मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, "पहले छह ओवरों में ईमानदारी से कहूं तो मुझे समझ नहीं आया कि क्या हो रहा था। मैं संघर्ष कर रहा था। कुछ गेंदें स्किड कर रही थीं, कुछ फिसल रही थीं, कुछ इनस्विंग कर रही थीं, कुछ आउटस्विंग कर रही थीं, लेकिन अपना विकेट फेंकने के बजाय, मैं अंदर टिका रहा।"
यह लगभग आधुनिक टी20 क्रिकेट में होने लगा है, ​जिसमें कहा जाता है कि उनका क्रीज़ पर टिके रहना उनकी टीम पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है और सलाह दी जाती है कि बल्लेबाज़ अधिक जोखिम ले सकता है, जिससे कि अगर वह आउट भी हो तो दूसरे बल्लेबाज़ को मौक़ा मिल सके। अपनी पारी के आधे चरण तक रिज़वान की किस्मत में ज़्यादा सुधार नहीं हुआ था। उन्होंने 25 गेंद में 16 रन बनाए थे और उस समय केवल एक चौका लगाया था। इस विश्व कप में जिस पारी से यह सबसे ज़्यादा मिलती जुलती लगती थी, वह वेस्टइंडीज़ के लेंडल सिमंस की साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 35 गेंद में 16 रन थी। उस मैच में बाद में वेस्टइंडीज़ को हार का सामना करना पड़ा था। उस अवसर पर वेस्टइंडीज़ की तुलना में पाकिस्तान के पास 10 विकेट थे, जिसकी वजह से रिज़वान का धीमा खेलना और भी ज़्यादा दुखदाई लगा।
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए महत्वपूर्ण यह है कि हम परिस्थितियों और गेंदबाज़ी दोनों का आंकलन करें। आपका कहना सही है कि हम पावर हिटर नहीं हैं। लेकिन शुक्र है कि हम यहां कोड क्रैक कर रहे हैं जबकि बाक़ी दुनिया अभी भी इन परिस्थितियों से जूझ रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बाबर और मैं एक दूसरे के पूरक हैं और योजना बनाते हैं कि कैसे एक साझेदारी के रूप में पारी को आगे बढ़ाना है।"
"बाबर और मैं एक-दूसरे से सीखते हैं। दुबई, शारजाह और अबू धाबी ऐसी स्थितियां हैं जहां अगर आप बहुत अच्छा खेलते हैं, तो भी आप 150 या 160 के आसपास पहुंच सकते हैं। यदि आप पावरप्ले में अन्य टीमों को देखते हैं, तो टीमें 35 के आसपास खत्म हो रही हैं, लेकिन हमारा पावरप्ले बिना कोई विकेट खोए 40-42 के आसपास समाप्त होता है। इस बार परिस्थितियां कठिन थीं और उनके गेंदबाज़ों को श्रेय देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने पिच का इस्तेमाल किया और सही लेंथ से गेंदबाज़ी की। उन्होंने हमें कठिन समय दिया लेकिन सभी जानते हैं बाबर एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं। हमने उस दौरान खेल को आगे ले जाने की योजना बनाई थी।"
नामीबिया और स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ मैच में पाकिस्तान के पास प्रयोग करने का मौक़ा था। अपने पहले तीन मैचों में से प्रत्येक में पहले क्षेत्ररक्षण करने के बाद पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करने का विकल्प चुना, यह जानते हुए कि उनके पास सेमीफ़ाइनल में यह विकल्प चुनने का मौक़ा शायद ना मिले। जब केवल चार ओवर शेष थे और आठ विकेट अभी भी हाथ में थे तो पाकिस्तान ने मोहम्मद हफ़ीज़ को फ़ॉर्म में चल रहे पावर हिटर आसिफ़ अली से आगे भेजा, तो ऐसा लगा कि उन्होंने फिर से ग़लत निर्णय ले लिया है। हालांकि, रिज़वान ने ज़ोर देकर कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सिर्फ़ एक चाल थी कि पाकिस्तान का हर बल्लेबाज़ लय में आ सकउन्होंने कहा, "हमने आसिफ़ के आगे हफ़ीज़ को भेजा क्योंकि हम अपने सभी बॉक्स टिक करना चाहते हैं। आसिफ़ पहले ही इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन कर चुके हैं, इस बार सभी गेंदबाज़ों ख़ासकर हसन अली ने ख़ूबसूरती से गेंदबाज़ी की, इसका मतलब है कि एक और बॉक्स टिक हो गया। एक खिलाड़ी हफ़ीज़ ने अभी तक [बल्ले से] प्रदर्शन नहीं किया था, इसलिए हम उन्हें एक मौका देना चाहते थे। लेकिन उन्हें भी फ़ॉर्म मिल गया। हम लय में हैं और जब हम ऐसी लय में आते हैं तो हम उस लय को बनाए रखने की उम्मीद करते हैं। अब सेमीफ़ाइनल और जीत सामने है।"

दन्‍याल रसूल ESPNcricinfo में स‍ब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सी‍नियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।