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गेंद से ख़र्चीले साबित हुए राशिद ने की बल्ले से भरपाई

सनराइज़र्स को तबाह कर टाइटंस के लिए संकटमोचक बने राशिद

यह राशिद ख़ान के लिए आम बात थी। जब उन्हें सनराइज़र्स हैदराबाद की बल्लेबाज़ी के दौरान गेंदबाज़ी दी गई, तब हैदराबाद ने 6 ओवर में दो विकेट के नुक़सान पर 53 रन बनाए थे। एडन मारक्रम ने कुछ ही गेंदें खेली थी, जबकि अभिषेक शर्मा 16 गेंदों पर 21 रन के निजी स्कोर पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे। मोहम्मद शमी और यश दयाल की शॉर्ट पिच गेंदें लगातार अभिषेक शर्मा से कठिन सवाल पूछे जा रही थी, लेकिन राशिद ख़ान के पहले ओवर में छक्का पाकर क्रीज़ पर मौजूद मारक्रम और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने थोड़ी राहत की सांस ली।
हालांकि एक ओवर बाद जब राशिद दोबारा गेंदबाज़ी करने आए, तब अभिषेक शर्मा के भीतर आत्मविश्वास जग चुका था और अब वह सनराइज़र्स हैदराबाद के अपने पुराने साथी की गेंदों पर आक्रमण करने के लिए तैयार थे। राशिद ने लेंथ पर गेंद को टप्पा खिलाया, जिसे अभिषेक ने लॉन्ग ऑन फ़ील्डर के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया। इसके बाद अभिषेक ने राशिद के अगले ओवर में डीप मिडविकेट के ऊपर से दो छक्के जड़ दिए। राशिद के तीसरे ओवर में कुल 16 रन आए। राशिद 15नें ओवर में जब अपने कोटे का अंतिम ओवर डालने आए, तब अभिषेक और मारक्रम की जोड़ी ने 13 रन जुटा लिए। राशिद ने चार ओवरों में 45 रन खर्च कर दिए थे। अब हैदराबाद की टीम ने 16वें ओवर की समाप्ति पर स्कोर बोर्ड पर 140 रन टांग दिए थे।
बुधवार को हुए मैच से पहले, इस सीज़न में राशिद दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा ख़र्चीले साबित हुए थे। हालांकि उस मैच में भी राशिद ने सिर्फ़ 30 रन ही दिए थे। मारक्रम और अभिषेक ने मिलकर राशिद की गेंदों पर दो चौके और तीन छक्के जड़े। दोनों मिलकर 96 रनों की साझेदारी की, राशिद इनके सामने सिर्फ़ दो डॉट गेंदें ही डाल पाए। इस मुक़ाबले से पहले, सीज़न में खेले गए अपने सात मुक़ाबलों में राशिद ने कुल सात चौके और छह छक्के खाए थे और 60 डॉट गेंदें भी डाली थीं। मेगा ऑक्शन से पहले सनराइज़र्स हैदराबाद की टीम राशिद को रिटेन नहीं कर पाई और नीलामी के दौरान गुजरात टाइटंस ने 15 करोड़ रुपए का राशि ख़र्च कर राशिद को अपने कुनबे में शामिल कर लिया। टाइटंस ने इतने ही दाम पर कप्तान हार्दिक पंड्या को भी ख़रीदा था। चौथे ओवर में राशिद द्वारा राहुल त्रिपाठी का कैच टपकाए जाने के बाद सनराइज़र्स हैदराबाद का ख़ेमा ख़ुश ज़रूर हुआ होगा।
सनराइज़र्स ने 20 ओवर में 195 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा कर दिया था। उमरान मलिक के पांच विकेटों ने सनराइज़र्स हैदराबाद की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ कर रख दी। चार ओवरों में जहां सनराइज़र्स को जीत के लिए 56 रनों की दरकार थी,अब उन्हें जीत के लिए जीत के लिए 18 गेंदों पर 47 रन बनाने थे। ऋद्धिमान साहा की 38 गेंदों पर 68 रनों की पारी ने गुजरात टाइटंस को गेम बनाए रखा था। अब मैच को अंजाम तक ले जाने की ज़िम्मेदारी राहुल तेवतिया और राशिद ख़ान के कंधों पर थी, जो पहले भी हार के जबड़े से मैच छीन कर ला चुके थे।
यह एक खुला राज़ है कि राशिद अपनी गेंदबाज़ी के साथ-साथ बल्लेबाज़ी पर उतनी ही शिद्दत से काम करते हैं। सोशल मीडिया के इस युग में सिर्फ़ कुछ क्लिक्स ही हमें उन संग्रहों की ओर ले जाएंगे, जहां राशिद आईपीएल, बिगबैश या टी20 ब्लास्ट में कई अलग तरह के शॉट खेलते हुए मिल जाएंगे। चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ खेले गए मुक़ाबले को ही मिसाल के तौर पर लेते हैं। 13 ओवर में 87 के स्कोर पर गुजरात टाइटंस के पांच विकेट गिर चुके थे और अंतिम सात ओवरों में उन्हें जीत के लिए 83 रन बनाने थे। मिलर के साथ राशिद ने 70 रनों की अहम साझेदारी की। जिसमें उन्होंने 21 गेंदों पर 40 रन बनाए और टाइटंस ने एक हारा हुआ मैच अपने नाम कर लिया।
हालांकि भुवनेश्वर कुमार, टी नटराजन और मार्को यानसन का सामना करते हुए अंतिम 18 गेंदों पर 47 रन बनाना मज़ाक नहीं है, लेकिन 18वें ओवर में भुवनेश्वर की गेंद पर डीप मिडविकेट के ऊपर से राशिद ख़ान के छक्के ने टाइटंस को जीत के क़रीब ला दिया। इसके अगले ओवर में नटराजन की गेंदों पर तेवतिया ने एक चौका और छक्का जड़ दिया। हालांकि गुजरात के लिए दिल्ली अभी भी दूर थी। उन्हें आख़िरी ओवर में जीत के लिए 22 रन बनाने थे।
मैदान पर राशिद के लिए अब तक यह शाम उतनी अच्छी नहीं रही थी, लेकिन उन्हें ख़ुद पर भरोसा था जैसा कि उन्होंने मैच की समाप्ति के बाद बार-बार दोहराया था। यानसन ने राशिद ख़ान को स्लोअर गेंद डाली, जिसे राशिद ने यानसन के सिर के ऊपर से स्टैंड्स में भेज दिया। इसी दौरान कैमरा ने सनराइज़र्स हैदराबाद के स्पिन बोलिंग कोच मुथैया मुरलीधरन की ओर रुख़ किया, मुरली यानसन की फ़ुल लेंथ डिलीवरी से नाराज़ थे। यानसन ने इसके बाद ऑफ़ स्टंप के बाहर छोटी और स्लोअर गेंद डाली।
दो गेंदों में 9 रनों की दरकार
राशिद काफ़ी धैर्यवान और शांत नज़र आ रहे थे। यानसन ने वाइड यॉर्कर की तलाश में फ़ुल टॉस कर दिया, जिसे राशिद ने कवर और एकस्ट्रा कवर के ऊपर से हवाई फ़ायर कर दिया। अब अंतिम गेंद पर टाइटंस को जीत के लिए तीन रन चाहिए थे। आख़िरी गेंद पर राशिद को स्लोअर व छोटी गेंद मिली, जिसे उन्होंने फ़ाइन लेग के ऊपर से छक्के के लिए पुल कर दिया। राशिद ने उस मैच को टाइटंस के नाम कर दिया था, जो कि पांच मिनट तक पहले तक असंभव दिख रही थी। आख़िरी ओवर की चौथी गेंद के बाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो फोरकास्टर ने टाइटंस की जीत की संभावना के लिए 11.12 फ़ीसदी ही दिए थे, लेकिन पांचवीं गेंद पर राशिद के छक्के ने टाइटंस की जीत की संभावना को 65.21 फ़ीसदी तक पहुंचा दिया।
मैच के बाद राशिद ने बताया कि बल्लेबाज़ी करते वक़्त उन्होंने तेवतिया को याद दिलाई थी कि गेंदबाज़ी के दौरान लॉकी फ़र्ग्युसन ने आख़िरी ओवर में 25 रन दिए थे। इसलिए राशिद ने गेंद को मिस करने पर तेवतिया को पैनिक नहीं होने और मज़बूत बने रहने की हिदायत दी थी। एक ऐसी शाम जहां राशिद गेंद से ख़र्चीले साबित हुए, उसी शाम को उन्होंने बल्ले से इसकी भरपाई भी कर दी। उनकी इसी खूबी ने उन्हें सनराइज़र्स का सबसे क़ीमती खिलाड़ी बनाया था। यह दिलचस्प है कि सनराइज़र्स को राशिद ने अपने दम पर हार का स्वाद चखने पर मजबूर किया, लेकिन राशिद के लिए यह कुछ ऐसा था, जैसा कि वह हमेशा करते हुए आ रहे हैं।

एस सुदर्शनन ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी में एडिटोरियल फ़्रीलांसर नवनीत झा ने किया है।