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रिटायर्ड आउट से मैच-विनर तक: 24 घंटे में देओल ने बदली कहानी

DC के ख़िलाफ़ कोच अभिषेक नायर द्वारा रणनीतिक तौर पर रिटायर्ड आउट किए जाने के बाद, देओल ने MI के ख़िलाफ़ UPW के लिए चेज़ को बेहतरीन ढंग से अंजाम दिया

Harleen Deol bounced back with a half-century, Mumbai Indians vs UP Warriorz, WPL 2026, DY Patil, January 15, 2026

Harleen Deol ने दिलाई UPW को सीज़न की पहली जीत  •  BCCI

24 घंटे क्या अंतर पैदा कर सकते हैं? हरलीन देओल से पूछिए। एक ही दिन के अंतराल में वह काफ़ी चर्चित रणनीतिक फ़ैसले का हिस्सा होने से WPL 2026 में नाबाद अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाने तक पहुंची हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ 47 के स्कोर पर रिटायर्ड आउट होने के एक ही दिन के बाद उन्होंने ख़ुद को एकदम अलग परिणाम में पाया। गुरुवार को मुंबई इंडियंस (MI) के ख़िलाफ़, देओल सातवें ओवर में बल्लेबाज़ी के लिए आईं। इस बार रन-चेज़ चल रहा था और किरण नवगिरे के आउट होने के बाद यूपी वॉरियर्ज़ (UPW) को 79 गेंदों में 117 रन चाहिए थे। देओल ने आते ही आक्रामक रवैया दिखाया। उन्होंने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला और इसके बाद अगली पांच गेंदों में तीन और चौके जड़े। इस दौरान कैमरे डगआउट में बैठे हेड कोच अभिषेक नायर की ओर घूम गए।
13वें ओवर के अंत तक देओल 23 गेंदों पर 40 रन बना चुकी थीं और जब ऑफ़ स्पिनर संस्कृति गुप्ता ने एक कसा हुआ ओवर फेंका, जिसमें सिर्फ़ पांच रन आए तो पिछली रात की यादें एक बार फिर ताज़ा होने लगीं। लेकिन इस बार देओल ने दबाव नहीं बनने दिया। फ़ीबी लिचफ़ील्ड के 22 गेंदों पर 25 रन बनाकर आउट होने के बाद भी वह शांत रहीं। उन्होंने गुप्ता के अगले ओवर में तीन चौके लगाए और इसी दौरान अपना अर्धशतक भी पूरा किया। इसके बाद देओल और क्लोई ट्राईऑन जिन्होंने 11 गेंदों पर नाबाद 27 रन बनाए ने UPW को सीज़न की पहली जीत दिला दी।
इससे ठीक 24 घंटे पहले DC के ख़िलाफ़ भी देओल सातवें ओवर में बल्लेबाज़ी के लिए आई थीं। अपनी पहली 18 गेंदों पर 28 रन बनाने के बाद, शेफ़ाली वर्मा के गेंदबाज़ी में आने से रन गति धीमी पड़ गई और देओल अगली 18 गेंदों में सिर्फ़ 19 रन ही बना सकीं। पारी की लय टूटती देख UPW ने 15वें ओवर में उन्हें रिटायर आउट करने का फ़ैसला किया। नायर डगआउट से बाहर आए और उन्हें वापस आने का इशारा किया। देओल पिच के बीच में रुक गईं, डगआउट की ओर देखती रहीं, कुछ भ्रमित-सी लगीं और फिर धीरे-धीरे वापस लौट गईं। यह पल कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, जिसमें MI और भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर भी शामिल थीं।
MI के ख़िलाफ़ 39 गेंदों पर नाबाद 64 रन बनाकर प्लेयर ऑफ़ द मैच चुनी गईं देओल ने कहा कि वह रिटारयर आउट के फ़ैसले पर ज़्यादा ध्यान नहीं देना चाहतीं।
देओल ने मैच के बाद प्रेज़ेंटेशन में कहा, "असल में, कल भी मैं अच्छी बल्लेबाज़ी कर रही थी, लेकिन जैसा आपने आज देखा कि क्लोई कैसे हालात बदल सकती हैं। तो मैंने इसे उसी तरह लिया। शायद वह हमारे पक्ष में नहीं गया, बस वही बात थी। कल भी मैं अच्छी बल्लेबाज़ी कर रही थी, उस बात पर बार-बार ज़ोर देने का कोई मतलब नहीं है।"
नायर ने कहा कि रिटायर आउट का फ़ैसला होने से पहले इस पर अंदरूनी तौर पर चर्चा हो चुकी थी, भले ही बाहर से यह अचानक लगा हो। इसे और अहम बनाने वाली बात यह रही कि इसके बाद UPW 11 रन के भीतर चार विकेट गंवा बैठी।
MI के ख़िलाफ़ जीत के बाद नायर ने कहा, "यह कोई अचानक से लिया गया फ़ैसला नहीं था। बातचीत 12वें ओवर के आसपास शुरू हो गई थी, जब हमने पहली बार लानिंग को संदेश भेजा था। जब वे दोनों साथ बल्लेबाज़ी कर रही थीं। 14वें ओवर के टाइम आउट के बाद लानिंग ने हरलीन से भी बात करने का फ़ैसला किया। उस समय तक हम हरलीन को बता चुके थे कि अगर 16वें या 17वें ओवर में हम रफ्तार नहीं पकड़ पाते, तो हम बदलाव पर विचार करेंगे।"
"मुझे पता है बाहर से यह लगता है कि 'अरे, क्या हो गया?' लेकिन जब हम 17वें ओवर तक पहुंचे, तो हमें लगा कि हमारे पास ताक़त है और हम चाहते थे कि टीम को मौक़ा मिले। कभी-कभी यह काम करता है, कभी नहीं। बाद में सोचने पर पूरी टीम को लगा कि यह सही फ़ैसला था।"
नायर ने आगे कहा कि इसके बाद पूरा ध्यान इस बात पर था कि देओल ठीक हैं या नहीं। "वह [हरलीन] टीम प्लेयर हैं, वह हमेशा पहले टीम के बारे में सोचती हैं, अपने बारे में बाद में। इसलिए उस [घटना] के बाद बातचीत ज़्यादा इस पर थी कि आज हम कैसे फ़र्क़ पैदा कर सकते हैं। लेकिन यह कोई बहुत मुश्किल बातचीत नहीं थी, बात बस इतनी थी कि वह ठीक हैं या नहीं, और [रिटायर आउट] को लेकर।"
"जब लोग इसके बारे में बात करते हैं और कहते हैं, 'ओह, यह हो गया' जबकि उन्हें पता ही नहीं होता कि अंदर क्या चल रहा है। मुझे लगता है कि सिर्फ़ मैंने ही नहीं, बल्कि कुछ और कोच और ओनर्स ने भी उससे बात की, लेकिन वह ठीक थीं। मुझे याद है, अंदर आते ही उन्होंने सबसे पहले यही कहा, 'सर, हम यह मैच जीत सकते हैं'। जब आपके पास ऐसा खिलाड़ी होता है जो 'मैं' नहीं, बल्कि टीम के बारे में सोचता है, तो सब कुछ आसान हो जाता है।"
MI के ख़िलाफ़ देओल ऑफ साइड पर सहज दिखीं और ढीली गेंदों का पूरा फ़ायदा उठाया। नैट सिवर-ब्रंट और एमेलिया कर ने शुरुआत में ऑफ़ के बाहर गेंद डाली, जिससे देओल को कट्स और ड्राइव्स के साथ जल्दी सेट होने का मौक़ा मिला। जब कर ने पैड्स पर गेंद डाली, तो देओल ने गेंद का इंतज़ार किया और बैकवर्ड स्क्वायर लेग की ओर पुल शॉट खेला।
शबनिम इस्माइल ने फुलर गेंदबाज़ी की, लेकिन नतीजा वही रहा। स्क्वायर ड्राइव्स और नियंत्रित पुश, जिससे बिना ज़्यादा जोख़िम के चेज़ पटरी पर बनी रही। जब स्पिनर्स ने देओल को धीमा करने की कोशिश की, तो गुप्ता की फुलर लेंथ महंगी साबित हुई। देओल आगे बढ़कर गेंद के नीचे पहुंचीं और ज़मीन पर अच्छे ड्राइव लगाए। ज़्यादातर बाउंड्रीज़ प्लेसमेंट से आईं और देओल ने रफ्तार ज़बरदस्ती बढ़ाने से बचाव किया।
यह तरीका उसी तरह का है, जैसी बल्लेबाज़ देओल हैं। वह स्वाभाविक छक्का लगाने वाली बल्लेबाज़ नहीं हैं। पिछले तीन साल में 32 T20 पारियों में उन्होंने सिर्फ़ चार छक्के लगाए हैं। ये चारों छक्के WPL में खेले गए उनके 24 मैचों में आए हैं, जिनमें से 17 उन्होंने टॉप ऑर्डर में खेले हैं। 31.78 का औसत और 118.89 का स्ट्राइक रेट एंकर के तौर पर उनकी भूमिका दिखाता है, लेकिन वनडे समेत सभी फ़ॉर्मेट्स में उनके स्ट्राइक रेट को लेकर सवाल बने रहते हैं।
नायर इस पहलू पर काम करना चाहते हैं और उनके खेल में एक और परत जोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "जब मैं हरलीन और दीप्ति [शर्मा] से मिला, तो मेरी पहली बातचीत यही थी कि आज से अगले साल तक मैं चाहता हूं कि वे अलग खिलाड़ी बनें। सब उन्हें टच प्लेयर्स के तौर पर पहचानते हैं, और मैं उन्हें वहां ले जाना चाहता हूं जहां वे टच और पावर दोनों हों। मेरा माइंडसेट यही है कि मैं अपने भारतीय क्रिकेटर्स को भी अगले स्तर तक कैसे ले जा सकता हूं, इसलिए इन बातचीतों को लेकर मैं काफ़ी सजग रहता हूं।"
"मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट [सीज़न] में अब तक हरमनप्रीत के बाद 50 बनाने वाली वह दूसरी भारतीय खिलाड़ी हैं, और यही आप देखना चाहते हैं। मुझे उन्हें स्ट्राइक रेट के साथ जूझते देख बहुत अच्छा लगा। यह बहुत लो-रिस्क क्रिकेट लगा। बाहर से देखने पर शायद ऐसा लगा हो कि वह ज़्यादा रिस्क नहीं ले रही थीं, और ऐसा होना हमेशा अच्छा होता है। मुझे लगता है कि जैसे ही वह इसमें पावर जोड़ेंगी, वह भारत के लिए शानदार बल्लेबाज़ बनेंगी।"
लेकिन फ़िलहाल, MI के ख़िलाफ़ कामयाबी दिलाने वाले अपने तरीक़े से देओल ख़ुश हैं। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, कल के मैच ने मुझे काफ़ी कॉन्फ़िडेंस दिया, क्योंकि पहले दो मैच मेरे मुताबिक़ नहीं गए थे। लेकिन फिर मैंने कुछ चीज़ें समझीं। मैं कुछ मौक़ों पर ज़्यादा ज़ोर से मारने की कोशिश कर रही थी। अब यह विकेट ऐसा नहीं है, जिस पर मेरे लिए हर गेंद को ज़ोर से मारते रहना सही हो। यह ज़्यादा टाइमिंग पर आधारित था।"

श्रुति रवींद्रनाथ ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं