डार्क हॉर्स अफ़ग़ानिस्तान की नज़रें फिर बड़े उलटफेर और सेमीफ़ाइनल पर

ESPNcricinfo स्टाफ़
घातक स्पिनर्स की भरमार और उपमहाद्वीप के हालात; राशिद ख़ान एंड कंपनी के लिए मुफ़ीद साबित हो सकती है

पिछले संस्करण में अफ़ग़ानिस्तान सेमीफ़ाइनल तक पहुंचा था और वह फिर से यही करना चाहेगा © Associated Press

ग्रुप मैच

बनाम न्यूज़ीलैंड, फ़रवरी 8, चेन्नई
बनाम साउथ अफ़्रीका, फ़रवरी 11, अहमदाबाद
बनाम यूएई, फ़रवरी 16, दिल्ली
बनाम कनाडा, फ़रवरी 19, चेन्नई

बड़ी तस्वीर

पिछले 15 वर्षों में लगातार सुधार और बढ़ती हैसियत के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान ने T20 विश्व कप में असली असर 2024 में ही डाला। उससे पहले उनकी ज़्यादातर जीतें क्रिकेट के शीर्ष स्तर से बाहर की टीमों के ख़िलाफ़ आई थीं। इस पैटर्न का इकलौता अपवाद 2016 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ मिली जीत रही। लेकिन वेस्टइंडीज़ में खेले गए पिछले संस्करण में अफ़ग़ानिस्तान ने ख़ुद को ट्रॉफ़ी का दावेदार साबित कर दिया। ग्रुप स्टेज में न्यूज़ीलैंड को बुरी तरह हराने के बाद उसने बांग्लादेश और फिर सनसनीख़ेज़ अंदाज़ में ऑस्ट्रेलिया को मात दी और सेमीफ़ाइनल में पहुंच गया। 2003 में केन्या के बाद यह किसी पुरुष ICC विश्व कप में पहला नया सेमीफ़ाइनलिस्ट था।

अफ़ग़ानिस्तान ने उसी काम को आगे बढ़ाते हुए अब नई और रोमांचक प्रतिभाओं की एक खेप तैयार कर ली है, जो यह दिखाती है कि मोहम्मद नबी और गुलबदीन नइब के दौर के बाद भी टीम बदलाव झेल सकती है। राशिद ख़ान और रहमानुल्लाह गुरबाज़ अब स्थापित ग्लोबल स्टार हैं, जबकि नूर अहमद और इब्राहिम जादरन अगली पीढ़ी की अगुआई करते नज़र आते हैं। दरअसल अफ़ग़ानिस्तान की टीम में 27 साल से ऊपर के सिर्फ़ दो खिलाड़ी हैं, जिससे वह नामीबिया और नेपाल के बाद टूर्नामेंट की तीसरी सबसे युवा टीम बनती है।

भारत की धीमी उपमहाद्वीपीय पिचें उनके बेहतरीन स्पिनरों की भरमार के लिए मुफ़ीद साबित हो सकती हैं। टीम के कई खिलाड़ियों को IPL में खेलने का अच्छा-ख़ासा अनुभव है और वे उच्च स्तर के T20 क्रिकेट की चुनौती से परिचित हैं। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ शुरुआती मुक़ाबला, जिसे उन्होंने 2024 में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था, उनकी लय पकड़ने और लंबी पारी खेलने की क्षमता की याद दिलाता है। आख़िरी दो मैच UAE और कनाडा के ख़िलाफ़ हैं। उन मैचों में अफ़ग़ानिस्तान साफ़ तौर पर फ़ेवरिट रहेगा। शेड्यूल भी उन्हें यह स्पष्ट समझ देता है कि अगर नेट रन रेट की भरपाई करनी हो तो आख़िरी मैच में क्या करना होगा, ताकि वे एक और बड़े T20 विश्व कप के अंतिम चरण में जगह बना सकें।

हालिया फ़ॉर्म

T20 विश्व कप 2026 से पहले अफ़ग़ानिस्तान को शानदार नतीजे तो नहीं मिले हैं, लेकिन निरंतरता बनी रही है। उसने पाकिस्तान और यूएई के साथ खेली गई त्रिकोणीय सीरीज़ का फ़ाइनल खेला और इस दौरान पाकिस्तान को एक बार हराया। एशिया कप में पहले दौर से बाहर होने के बाद टीम ने ज़िम्बाब्वे को उनके घर में क्लीन स्वीप किया और फिर UAE में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 2-1 से सीरीज़ जीती।

अफ़ग़ानिस्तान की उम्मीदों के केंद्र में एक बार फिर राशिद ख़ान होंगे © Emirates Cricket Board

इन खिलाड़ियों पर होगी नज़र

हमेशा की तरह राशिद ख़ान से आगे देख पाना मुश्किल है। उन्हें अब तक का सबसे महान T20 कलाई का स्पिनर माना जाता है और वे अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं। 27 साल की उम्र में ही वे 515 T20 मैच खेल चुके हैं और 2016 से अफ़ग़ानिस्तान टीम की रीढ़ बने हुए हैं। उनके करियर में कभी भी लंबा ख़राब दौर देखने को नहीं मिला है।

पिछले विश्व कप चक्र के बाद भी वे उतने ही भरोसेमंद रहे हैं। पावरप्ले के अंत से लेकर पारी के किसी भी हिस्से में उन्हें विपक्ष के लिए तबाही मचाने वाले हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। हालिया सीरीज़ में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ वे अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में दिखे। तीन मैचों में 12 ओवर डालकर उन्होंने सिर्फ़ 51 रन दिए और पांच विकेट लिए, वह भी ऐसे मुकाबलों में जहां रन खूब बने। बल्ले से उनकी विनाशकारी, भले ही कभी कभार दिखने वाली, क्षमता को जोड़ दें तो यह साफ़ हो जाता है कि उनकी फ़ॉर्म अफ़ग़ानिस्तान की उम्मीदों के लिए कितनी अहम है।

आख़िरी मौका?

यह चर्चा हर दो साल में उठती है, लेकिन इस बार 41 साल के मोहम्मद नबी के लिए यह किसी बड़े ICC टूर्नामेंट में आख़िरी बार उतरने जैसा ही लगता है। वे अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट के पूरे इतिहास के गवाह रहे हैं और उन्होंने 2010 में अपना पहला T20 विश्व कप खेला था।

क्या यह मोहम्मद नबी का आख़िरी विश्व कप होगा © ICC/Getty Images

तीन हफ़्ते पहले नबी और उनके 19 साल के बेटे हसन ईसाख़िल किसी शीर्ष T20 लीग में साथ बल्लेबाज़ी करने वाली पहले पिता-पुत्र जोड़ी बने और दोनों ने 53 रन की साझेदारी की। उनकी ऑफ़ स्पिन और निचले क्रम में लगातार ख़तरनाक पावर हिटिंग उन्हें अफ़ग़ानिस्तान की T20I टीम और पूरे T20 सर्किट में एक उपयोगी खिलाड़ी बनाए रखती है। वे इस विश्व कप में किसी भावनात्मक विदाई के तौर पर नहीं, बल्कि अपने क्रिकेटिंग दमख़म पर उतर रहे हैं।

हालांकि पिछले कुछ महीनों में बल्ले और गेंद दोनों से उनकी फ़ॉर्म में गिरावट आई है। यह अस्थायी भी हो सकती है, लेकिन इस उम्र में वे जानते होंगे कि वापसी की कोई गारंटी नहीं होती। 2026 शायद उनके लिए उस खेल और उस क्रिकेटिंग राष्ट्र पर आख़िरी असर छोड़ने का मौक़ा है, जो काफ़ी हद तक उन्हीं के इर्द-गिर्द खड़ा हुआ है।

संभावित प्लेइंग XI

रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), इब्राहिम जदरान, सदीक़ुल्लाह अटल, दरविश रसूली, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नइब, अज़मतुल्लाह उमरज़ई, राशिद ख़ान (कप्तान), मुजीब उर रहमान, फ़ज़लहक़ फ़ारूक़ी, नूर अहमद

बाक़ी टीम: मोहम्मद इशाक़, शाहिदुल्लाह, अब्दुल्लाह अहमदज़ई, ज़ियाउर रहमान

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