दूसरे ही मैच में सीरीज़ को अपना बनाना चाहेगी भारतीय टीम
बड़ी तस्वीर
वडोदरा में हुए पहले मैच में न्यूज़ीलैंड की नौ मैचों की जीत का सिलसिला रुक गया। जबकि भारत अपने पिछले छह मैचों में तीन मैच ही जीता था। हालांकि, न्यूज़ीलैंड इस बात से सकारात्मक हो सकता है कि उन्होंने टॉस हारने के बावजूद मैच को 99वें ओवर तक खींचा। अगर वे कहीं से 20 रन और निकाल पाए, तो अपनी कम अनुभवी टीम के बावजूद वे फ़ुल-स्ट्रेंथ भारत को चौंका सकते हैं।
दूसरी तरफ़ भारत जानता है कि पहले मैच में वे किसी तरह निकल गए, लेकिन उन्होंने बल्लेबाज़ी में अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दिया। उनकी गेंदबाज़ी ज़्यादातर अच्छी रही और न्यूज़ीलैंड को उन्होंने 300 तक रोक दिया था। लेकिन विराट कोहली के आउट होने के बाद उनकी बल्लेबाज़ी ने जो संघर्ष किया, उससे वे बिल्कुल भी ख़ुश नहीं होंगे। वे इस मैच में सीरीज़ जीत को पक्की करना चाहेंगे, ताकि आख़िरी वनडे में उन्हें प्रयोग का मौक़ा मिल सके।
टॉस की बात करें तो, इस नए राजकोट स्टेडियम में केवल चार वनडे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई टीम यहां सफलतापूर्वक लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई है।
इन पर रहेंगी नज़रें
विराट कोहली और डैरिल मिचेल इस समय अपनी-अपनी टीमों के सबसे अनुभवी, भरोसेमंद और फ़ॉर्म में चल रहे बल्लेबाज़ हैं। दोनों पहले वनडे में शतक के काफ़ी क़रीब पहुंचे। हालांकि मिचेल के मुक़ाबले कोहली पर टीम का बोझ कम है, जिसकी वजह से करियर के इस पड़ाव पर वह बहुत आज़ादी से खेल रहे हैं। वहीं न्यूज़ीलैंड को मैच में बनाए रखने के लिए मिचेल के कंधों को ज़्यादा ज़िम्मेदारी उठानी होगी।