पाकिस्तान 135-5 (रिज़वान 33, आसिफ़ 27, सोढ़ी 2-29) ने न्यूज़ीलैंड 134-8 (मिचेल 27, रउफ़ 4-22) को पांच विकेट से दी मात

पाकिस्तान की कई जीतों की इबारत गेंदबाज़ ही तय करते हैं, और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। शाहीन अफ़रीदी की स्विंग, हारिस रउफ़ की रफ़्तार, हसन अली की विविधताएं, इमाद वसीम का नियंत्रण और शदाब ख़ान की फिरकी।

इन जाबांज़ योद्धाओं के ख़िलाफ़ संघर्ष करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 134 रनों का एक ऐसा स्कोर ज़रूर बनाया था जिससे उनके लिए एक छोटी सी उम्मीद बाक़ी रहे।

दबाव का खेल

टॉस जीतकर गेंदबाज़ी करने के समय से ही पाकिस्तान ने मानो इस खेल पर अपना नियंत्रण बना लिया था। 20 में से 11 ओवर में छह या उससे कम रन आए। न्यूज़ीलैंड ने कोशिश तो पूरी की, लेकिन इस गेंदबाज़ी को ध्वस्त करने में क़ामयाबी उनके हाथ नही लगी। उन्होंने डैरिल मिचेल से ओपनिंग कराई, वह भी काम न आया। उन्होंने जिमी नीशम को नंबर-5 पर भेजा, ये रणनीति भी बेकार हो गई। दबाव लगातार बनता जा रहा था और उसी क्रम में रन लेने की कोशिश में कप्तान केन विलियमसन भी रनआउट हो गए। उन्हें आसिफ़ अली ने अपने तेज़ और सीधे थ्रो पर पवेलियन की राह दिखाई। यह ऐसा समय था जब न्यूज़ीलैंड की पारी में मोमेंटम मिलने लगा था और उन्होंने नौ गेंदों के अंतराल में एक छक्का और चार चौके लगा दिए थे। लेकिन विलियमसन की विकेट गिरने के बाद पूरी पारी में न्यूज़ीलैंड ने सिर्फ़ तीन और बाउंड्री लगाईं।

रफ़्तार हो तो ऐसी

रउफ़ ने अपने स्पेल का आग़ाज़ 149 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से डाले हुए यॉर्कर के साथ किया जो मार्टिन गप्टिल के जूते पर जाकर लगी और कुछ देर बाद उन्हें पवेलियन भी लौटना पड़ा। उनकी चोट ऐसी थी जिसके बाद वह फ़ील्डिंग करने भी नहीं आ सके। टी20 क्रिकेट में ये रफ़्तार अलग स्तर पर किसी भी टीम को ले जाती है, यही वजह है कि पाकिस्तान एक ऐसे गेंदबाज़ पर लगातार निवेश कर रहा है जिसने सिर्फ़ तीन साल पहले ही प्रोफ़ेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया है।

हालांकि रउफ़ ने जो चार विकेट हासिल की, उसमें से तीन उनको धीमी गेंदों पर मिली। क्योंकि रफ़ातर के बाद जब परिवर्तन के तौर पर उनकी धीमी गेंद आती है तो फिर बल्लेबाज़ के लिए ये और भी घातक हो जाती है। एक गेंद जिसने मिचेल सैंटनर के स्टंप्स बिखेरे वह 149 किमी की रफ़्तार से डाली हुई थी, और जैसे ही उन्होंने क्लीन बोल्ड किया, शारजाह का स्टेडियम हारिस... हारिस...की आवाज़ से गूंज उठा।

इस तरह मिली जीत

हालांकि न्यूज़ीलैंड ने स्कोर को डिफ़ेंड करने की भरपूर कोशिश की और उनके लेग स्पिनर ईश सोढ़ी ने जल्दी-जल्दी दो विकेट लेकर मैच को रोमांचक बना दिया था। आख़िरी पांच ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 44 रन चाहिए थे और हाथ में अब पांच ही विकेट बचे थे। शारजाह की धीमी और नीची रहती हुई पिच पर शोएब मलिक और आसिफ़ अली के लिए भी परेशानी हो सकती थी।

लेकिन इसके ठीक उलट आसिफ़ ने लंबे हैंडल का इस्तेमाल किया और 17वें ओवर की दूसरी और तीसरी गेंद पर बड़ी हिट लगाते हुए एक दर्जन रन बटोर लिए। जबकि इस टी20 विश्वकप में आने से पहले उनका कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) बेहद निराशाजनक रहा था। लेकिन यहां उन्होंने न्यूज़ीलैंड के सर्वश्रेष्ठ तेज़ गेंदबाज़ टिम साउदी के ख़िलाफ़ जमकर प्रहार किया और अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई। आसिफ़ का अच्छा साथ निभाया अनुभवी शोएब मलिक ने, ये दोनों ही बल्लेबाज़ अंत तक नाबाद रहे और दोनों ने ही 27* रन बनाए।

पाकिस्तान ने 2016 के बाद से अब तक संयुक्त अरब अमीरात में 13 टी20 अंतर्राष्ट्रीय खेले हैं और अब तक सभी के सभी मुक़ाबलों में उनके सिर जीत का सेहरा बंधा है। अगर उनका विजयरथ इसी तरह जारी रहा तो फिर वह टी20 विश्वकप की ट्रॉफ़ी के बेहद क़रीब पहुंच सकते हैं।

अलगप्पन मुथु ESPNcricinfo में सब-एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन ने किया है।