मुंबई इंडियंस 153 (यादव 56, रोहित 43, रसल 5-15) ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 142/7 (राणा 57, गिल 33, चाहर 4-27) ने 10 रनों से हराया
राहुल चाहर, क्रुणाल पंड्या और जसप्रीत बुमराह के शानदार प्रदर्शन की बदौलत मुंबई इंडियंस ने 153 रनों के छोटे दिख रहे लक्ष्य बचाकर पहली जीत दर्ज की। इन सभी खिलाड़ियों ने मिलकर चेन्नई की धीमी पिच पर कोलकाता नाइटराइडर्स के बल्लेबाज़ों को बांधे रखा और अंत में कोलकाता की पूरी टीम सात विकेट पर 142 रन ही बना सकी। 153 रनों का पीछा करते हुए शुभमन गिल और नितीश राणा ने जिस प्रकार से शुरुआत की, उस हिसाब से कोलकाता की जीत सुनिश्चित दिख रही थी। इन दोनों बल्लेबाजों ने साथ मिलकर 8.5 ओवरों में 72 रन बना लिए थे।
मैच में एक वक्त ऐसा था जहां संयम कोलकाता की टीम को जीत दिला सकता था लेकिन अतिरिक्त आक्रामकता ने कोलकाता की टीम को हार के मुंह में धकेल दिया। एक स्थिति पर कोलकाता की टीम दो विकेट खोकर 104 रन पर खड़ी थी लेकिन अगले 18 रन बनाने में कोलकाता के तीन और बल्लेबाज़ आउट हो गए। क्रुणाल ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए चार ओवर में मात्र 13 रन दिए और उसके बाद आए बुमराह की डॉट गेंदों ने कोलकाता पर और भी ज्यादा दबाव बना दिया।अंतिम ओवर में कोलकाता को जीतने के लिए 15 रन चाहिए थे। इसके बाद ट्रेंट बोल्ट ने एक शानदार ओवर डाला। पहले उन्होंने एक धीमी गेंद पर आंद्रे रसल को आउट किया और उसके बाद पैट कमिंस के ऑफ स्टंप को एक बेहतरीन यॉर्कर गेंद डालकर उड़ा दिया। मुंबई की टीम ने कोलकाता की टीम पर अपना दबदबा कायम रखते हुए पिछले एक 11 मैचों में से 10 मैचों में जीत हासिल की है।
पावरप्ले में मोर्गन ने लिया स्पिनरों का सहारा
कोलकाता की तरफ से पहले पांच ओवर स्पिनर गेंदबाज़ों ने डाले। मुंबई के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक, वरुण चक्रवर्ती फिरकी में फंस गए और लांग ऑन पर राहुल त्रिपाठी को कैच थमा बैठे। हालांकि इसके अगले ही ओवर में सूर्यकुमार यादव ने हरभजन सिंह के ओवर में तीन गेंदों को सीमा रेखा से बाहर भेजा और कुल 14 रन बटोरे। पहले छह ओवर में मुंबई की टीम का स्कोर एक विकेट खोकर 42 रन था।
सूर्यकुमार यादव का शानदार फॉर्म जारी
हलिया समय में यादव ने टी20 क्रिकेट में आक्रामक रूप से लगातार रन बनाने की क्षमता को हासिल किया है। पिच पर टिके रहते हुए वह लंबे समय तक बढ़िया रन गति के साथ रन बनाते रहते हैं और साथ ही साथ वह स्ट्राइक भी रोटेट करते रहते हैं। मुंबई की टीम ने छह से 10 ओवर के बीच में मात्र दो डॉट गेंदे खेली। इस दौरान यादव लगातार अपने शॉट्स खेलते रहे और रोहित शर्मा रिस्क फ्री क्रिकेट खेलते रहे। इंग्लैंड के साथ खेले गए टी-20 सीरीज में यादव के साथ डेब्यू मैच खेलने वाले प्रसिद्ध कृष्णा जब गेंदबाज़ी के लिए आए तो यादव ने उनके ओवर में 16 रन बटोरे। पहले तो चहलकदमी करते हुए एक लेंथ गेंद को यादव ने मिडविकेट सीमा रेखा से बाहर भेजा और उसके बाद वाली गेंद पर शफल करते हुए वो लेग स्टंप के बाहर चले गए और ऑफ स्टंप पर फेंकी हुई गेंद पर एक शानदार इनसाइड आउट शॉट लगाकर गेंद को एक्स्ट्रा कवर सीमा रेखा बाहर भेज दिया और अगली गेंद को शॉर्ट थर्डमैन के सिर के ऊपर से गेंद को सहला कर चौका बटोरा।
खैर यादव ने तय किया था कि इस शाम की सबसे बेहतरीन शॉट कमिंस के गेंद पर लगाया जाएगा। शफल करते हुए यादव पहले ऑफ स्टंप के बाहर गए और एक शानदार फ्लिक खेल कर गेंद को स्क्वेयर लेग सीमा रेखा की दिशा में 99 मीटर का छक्का मारा, इस शॉट को देखने के बाद एक बार के लिए हार्दिक पंड्या भी चौंक कर खड़े हो गए। इस गगनचुंबी छक्के के साथ यादव ने 33 गेंदों में अपना पचासा पूरा कर लिया था।
कोलकाता के गेंदबाज़ों ने कराई वापसी
हालांकि इस ओवर के बाद मैच में कोलकाता की टीम ने जबरदस्त वापसी की। कोलकाता के गेंदबाज़ों ने पहले यादव को आउट किया और उसके बाद चार गेंदों के दरमियान ईशान किशन को भी सस्ते में निपटा दिया। इन दो विकेटों के जल्दी-जल्दी गिरने के बावजूद 12 ओवर के बाद मुंबई का स्कोर तीन विकेट के पतन के बाद 88 रन था। इसके बावजूद रोहित क्रीज पर थे और आने वाले बल्लेबाज़ों में पंड्या ब्रदर्स और पोलार्ड जैसे बल्लेबाजों का नाम शामिल था। इसके कारण क्रिकइंफो के फॉरकास्टर साहब के अनुसार मुंबई की टीम 174 के आंकड़े तक पहुंचने वाली थी।
खैर अभी रसल के साथ मुंबई का टसल बाकी था
जैसे ही कोलकाता के गेंदबाज़ों ने क्रॉस सीम और कटर गेंद डालना शुरू किया, पिच का धीमापन काफी स्पष्ट दिखने लगा। पिच के इस मिजाज़ ने दो चीजों को साफ-साफ बता दिया था, पहला यादव के लिए यह पिच जितनी आसान दिख रही थी, वो आने वाले बल्लेबाज़ों के लिए उतनी आसान नहीं होने वाली थी और साथ ही साथ अब बड़े शॉट्स लगाना भी काफी मुश्किल होने वाला था। 15 ओवर के बाद कोलकाता का स्कोर तीन विकेट खोकर 113 रन था। रोहित तेजी से रन बनाने की फिराक में कमिंस के एक धीमी गेंद पर आउट हो गए। हार्दिक भी कृष्णा की एक धीमी गेंद को उठाकर मारने के प्रयास में मिड ऑफ पर कैच आउट हो गए। बाकी बची कसर रसल ने पूरी कर दी। जैसे ही रसल ने राउंड द विकेट गेंदबाज़़ी करते हुए वाइड यॉर्कर डालना शुरू किया, मुंबई के बल्लेबाज़ों की परेशानी और बढ़ गई। एक ही ओवर में उन्होंने पोलार्ड और यानसन आउट कर दिया।
पारी के अंतिम ओवर में रसल ने तीन और विकेट लिए। वो लगातार राउंड द विकेट बोलिंग करते हुए गेंद को बल्लेबाज़ो से काफी दूर रखने का प्रयास कर रहे थे, जो काफी कारगर रहा। रसल ने दो ओवर में 15 देकर पांच विकेट झटके। कोलकाता के गेंदबाज़ों ने जिस तरीके से एंगल और गति का लाभ उठाया, उसका यह परिणाम था कि मुंबई की टीम मात्र 152 रन पर ऑल आउट हो गई।
राहुल चाहर की शानदार गेंंदबाज़ी ने कराई मुंबई की वापसी
कई बार छोटे लक्ष्य का सामना करते हुए बल्लेबाज थोड़ी सी संयमित शुरुआत करते हैं लेकिन गिल और राणा के साथ ऐसा कुछ भी नहीं था। पहले ओवर की पहली गेंद से ही राणा ने आक्रमण का आगाज़ कर दिया था। बोल्ट के दूसरे ओवर की शुरुआत राणा ने कदमों का इस्तेमाल करते हुए गेंद को कवर सीमा रेखा के बाहर भेजा और उसके ठीक एक गेंद बाद उन्होंने गेंद को मिडविकेट सीमा रेखा के बाहर चार रनों के लिए खेल दिया। इसके बाद गिल ने भी अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। यानसन के ओवर में गिल ने तीन चौके लगाए। पावरप्ले के बाद कोलकाता का स्कोर बिना किसी विकेट खोए 45 रन था। 9वें ओवर में चाहर की एक गेंद पर छक्का लगाने के बाद गिल लांग ऑफ पर कैच आउट हो गए। उस वक्त पर कोलकाता का स्कोर 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर 72 रन था। गिल के आउट होने के बाद विकटों का पतन लगातार जारी रहा। पहले एक शानदार लेग स्पिन गेंद पर त्रिपाठी आउट हुए, उसके बाद कप्तान ओएन मॉर्गन स्क्वेयर लेग पर कैच थमा बैठे। इन दोनों विकेट के गिरने के बाद कोलकाता को 43 गेंदों में 49 रनों की आवश्यकता थी। अगले ओवर में क्रुणाल ने भी शाकिब अल हसन को चलता कर दिया। चाहर ने अगले ओवर में आते ही राणा को अपना चौथा शिकार बनाया। अब कोलकाता का स्कोर पांच विकेट खोकर 122 रन था। अगर क्रुणाल ने रसल का कैच पकड़ लिया होता तो यह स्कोर छह विकेट खोकर 123 रन होता।
बुमराह और बोल्ट ने कोलकाता को नहीं दिया वापसी करने का मौका
रसल को जब तक एक नो बॉल पर फ्री हिट नहीं मिला था तब तक उन्होंने कोई बड़ा शॉट नहीं लगाया था। फ्री हिट वाली गेंद को सीमा रेखा से बाहर भेजने के बाद ऐसा लगा कि रसल के हाथ खुल चुके हैं और कोलकाता मैच में वापसी करने वाली है। तब कोलकाता को जीतने के लिए दो ओवरों में 19 रन की जरुरत थी लेकिन बुमराह ने शानदार 19वां ओवर डाला। अंतिम ओवर में कोलकाता को जीत के लिए 15 रनों की आवश्यकता थी और बोल्ट की शानदार गेंदबाज़ी के सामने कोलकाता के बल्लेबाज़ धराशाई हो गए। अंत में मुंबई मैच जीत गई।

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।