दिल्ली कैपिटल्स 167/3 (धवन 69*, शॉ 39) ने पंजाब किंग्स को 166/ 6 (अग्रवाल 99*, रबाडा 3-36) 7 विकेट से हराया

एक कप्तान के तौर पर अपना पहला मैच खेल रहे मयंक अग्रवालने अपने टीम के कुल स्कोर का 60 फीसदी रन खुद बनाया। उन्होंने 58 गेंदों में 99 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इसके बावजूद मयंक अपने टीम के स्कोर को उस मुकाम तक नहीं पहुंचा पाए जहां से दिल्ली के बल्लेबाज़ों को इस लक्ष्य को हासिल करने में किसी तरीके की कठिनाई का सामना करना पड़ता। पृथ्वी शॉ और शिखर धवन ने दिल्ली कैपिटल्स की पारी की जबरदस्त शुरुआत करते हुए लक्ष्य को काफी आसान बना दिया। धवन अंत तक जमे रहे और अपनी टीम को जीत दिलाने के साथ-साथ ऑरेंज कैप पर एक बार फिर से कब्जा जमा लिया। पिछले 8 मैचों में से 6 मैच जीत कर दिल्ली प्वाइंट टेबल के शिखर पर है।

मध्यक्रम के खस्ताहाल से परेशान पंजाब किंग्स की टीम

अपेंडिसाइटिस के दर्द के कारण टीम से बाहर चल रहे राहुल की जगह पर कप्तान बने मयंक को भी ठीक उन्हीं परिस्थितियों का सामना करना पड़ा जैसा कि अब तक के आईपीएल में राहुल करते आए थे। दूसरी तरफ से लगातार विकेटों के पतन के कारण मयंक को काफी संभल कर खेलना पड़ा। पहले तो 34 गेंदों में संयम के साथ खेलते हुए मयंक ने 40 रन बनाए लेकिन अंत में अपनी पारी का आक्रामक अंत करते हुए, उन्होंने जम के बल्ला चलाया और अगले 24 गेंदों में 59 रन बटोरे। हालांकि एक बड़े स्कोर को प्राप्त करने के लिए पंजाब के किसी भी बल्लेबाज ने मयंक का साथ नहीं दिया। आईपीएल में अपना मैच खेल रहे डेविड मलान ने ही सिर्फ 26 गेंदों में 26 रन बना कर कुछ वक्त के लिए पिच पर मयंक के साथ टिके रहे।

इशांत ने बनाया प्रेशर, रबाडा ने दिया झटका

दिल्ली की तरफ से गेंदबाज़ी की कमान संभालते हुए इशांत शर्मा ने प्रभसिमरन सिंह को एक भी रन बनाने का मौका नहीं दिया। इन स्विंग और आउट स्विंग के शानदार मिश्रण के साथ गेंदबाज़ी करते हुए दिल्ली के गेंदबाज़ों ने पंजाब किंग्स के बल्लेबाज़ों को पहले 3 ओवर में सिर्फ 15 रन बनाने का मौका दिया। इसके बाद दिल्ली के टीम को पता था कि अब विकेट लेने का मौका है और ठीक वैसा ही हुआ कगिसो रबाडा नहीं पावरप्ले में पहली बार 2 विकेट झटक कर पंजाब किंग्स के बल्लेबाज़ों को किसी भी तरीके से रन बनाने का मौका नहीं दिया। प्रभसिमरन मिड ऑफ पर कैच आउट हो गए और गेम एक स्विंगिंग फुलटॉस पर बोल्ड हो गए। पावरप्ले के अंत में पंजाब किंग्स का स्कोर 2 विकेट खोकर 39 रन था।

स्पिनरों के सामने रन बटोरने में फेल हुए मयंक और मलान

दो फिंगर स्पिनरों का सामना करते हुए मयंक और मलान तेजी से रन नहीं बना पाए, जिसके कारण पंजाब किंग्स पर लगातार दबाव बढ़ता गया। पावरप्ले के बाद अगले 5 ओवरों में पंजाब की तरफ से सिर्फ एक बाउंड्री आई। इस दौरान गेंदबाज़ लगातार बढ़िया लाइन पर बोलिंग करते रहे और पंजाब के बल्लेबाज उन गेंदों पर रिश्क भी नहीं लिया।

12वें ओवर की शुरुआत में मलान 17 गेंदों पर 11 रन बना कर खेल रहे थे लेकिन जब दिल्ली के कप्तान ने गेंदबाज़ी में बदलाव करते हुए तेज गेंदबाज़ो को कमान सौंपी तो मलान ने अपना हाथ खोलने का निर्णय लिया। हालांकि इसके बाद फिर से अक्षर पटेल गेंदबाजी करने वापस आए और मलान को बोल्ड करने में कामयाब हो गए। इसके बाद दीपक हुड्डा रन आउट हो गए और 14 ओवरों के बाद पंजाब का स्कोर 2 विकेट खोकर मात्र 88 रन था।

अग्रवाल ने आक्रामक रुख अपनाया

मैच के इस मोड़ पर अग्रवाल ने अब तक सिर्फ 29 गेंदों का सामना किया था और 35 रन बनाने में कामयाब हुए थे। इसके बाद अग्रवाल ने अपने आप को ज्यादा स्ट्राइक पर रखा और रन बनाने की गति को भी बढ़ाने का प्रयास किया। अंतिम के 39 गेंदों में से अग्रवाल ने 29 गेंदों का सामना किया और 9 गेंदों को सीमा रेखा से बाहर भेजने में सफल होते हुए 64 रन बनाया। बाकी के 10 गेंदों पर पंजाब के अन्य बल्लेबाज़ों ने 10 रन बनाया और 2 विकेट खोए। मयंक जिस तरीके गेंदों को सीमारेखा के बाहर भेज रहे थे उससे एक बात स्पष्ट हो चुकी थी कि इस पिच पर बल्लेबाज़ी काफी आसान है और गेंदों को आसानी से थ्रू द लाइन खेलते हुए तेजी से रन बटोरा जा सकता है।

धवन और पृथ्वी ने की शानदार शुरूआत

कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज़ों की फॉर्म इस आईपीएल में काफी बढ़िया रही है। मौजूदा आईपीएल में पावरप्ले में 4 सबसे ज्यादा स्कोर में से 3 दिल्ली के टीम ने बनाया है। पृथ्वी और शिखर धवन ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए 63 रन बनाए इन दोनों बल्लेबाज़ों के द्वारा बनाए गए इस आईपीएल के 5 सबसे बड़े पावरप्ले स्कोर में से एक है। रायली मेरेडिथ ने अपने पहले 2 ओवरों में दिल्ली के बल्लेबाज़ों को काफी परेशान किया। इसके बावजूद दिल्ली की टीम पहले 6 ओवरों में 63 रन बनाने में कामयाब हुए। मेरेडिथ के अलावा जो भी गेंदबाज़ आया पृथ्वी ने उन पर जम कर हल्ला बोला और उसके बाद धवन ने अपना बल्ला चलाना शुरू किया। पृथ्वी ने पावरप्ले के दौरान 3 छक्के और 3 चौके लगाने में कामयाब रहे और वहीं धवन ने 4 चौके लगाए। इसमें रवि बिश्नोई के पहले ही ओवर के पहले गेंद पर लगाया गया छक्का भी शामिल था।

धवन का मास्टारक्लास रहा जारी

आउट होने से पहले पृथ्वी लगभग सभी गेंदबाज़ों पर हावी होने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वो हरप्रीत बरार की पहली गेंद पर ही बोल्ड हो गए। हालांकि आगे की पारी को बढ़ाने के लिए पृथ्वी ने ऐसे व्यक्ति के हाथ में काम सौंपा था जो अभी अपने जीवन के सबसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। हालांकि दिल्ली को जिस तरीके का स्टार्ट मिला था, उसके कारण स्मिथ और शिखर थोड़ा ठहर कर संयम के साथ खेल सकते थे। पहले 5 ओवरों पार्टनरशिप में स्मिथ और धवन ने मात्र 34 रन बटोरे। इसके बाद धवन ने बिश्नोई के ओवर में कई स्लॉग स्वीप लगाकर डगआउट में बैठे दिल्ली के खिलाड़ियों का थोड़ा हौसला अफजाई किया। धवन ने 12वें और 14 वें ओवर से 25 रन बटोरा। इसके बाद अंतिम के 6 ओवर में दिल्ली को सिर्फ 41 रन बनाना था। हालांकि इस दौरान स्मिथ आउट हो चुके थे। इसके बाद अगर मैच दिल्ली की पाले में चली गई है, इस बात की पुष्टि शिमरॉन हेटमायर ने 18वें ओवर में 2 छक्के और 1 चौका लगाकर कर दिया और दिल्ली मैच जीत गई।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में ऐसिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।