स्‍टंप्‍स न्‍यूज़ीलैंड 62 और 140 पर 5 (मिचेल 60, निकल्स 36*, अश्विन 3-27) को भारत 325 और 276 पर 7 घोषित (अग्रवाल 62, पुजारा 47, एजाज़ 4-106) को हराने के लिए 400 रनों की ज़रूरत

मुंबई टेस्ट में एजाज़ पटेल ने भारत के 17 विकेट में से 14 विकेट हासिल किए, लेकिन मेज़बान टीम इस मैच में हावी हो चुकी है। उन्होंने मैच के तीसरे दिन अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 276 रनों पर घोषित करके न्यूज़ीलैंड को जीत के लिए 540 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य दिया। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन ने मेहमान टीम के शीर्ष क्रम को उखाड़ दिया। दिन का खेल ख़त्म होने तक मेहमान टीम ने 140 रनों पर अपने पांच विकेट खो दिए हैं।

एजाज़ ने इस मैच में 225 रन देकर कुल 14 विकेट लिए। यह भारत के ख़िलाफ़ टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन है और दूसरी पारी में आख़िरकार उन्हें रचिन रविंद्र का साथ मिला, जिन्होंने तीन विकेट लिए।

हालांकि दूसरी पारी में 92 गेंद में 60 रन बनाने वाले डैरिल मिचेल को अन्य बल्लेबाज़ों का साथ नहीं मिला। केन विलियमसन के चोटिल होने के बाद नंबर तीन पर खेलते हुए मिचेल ने भारतीय स्पिन तिकड़ी का शानदार तरीक़े से सामना किया। वह कई बार मयंक अग्रवाल की तरह आगे निकलकर भी खेले और स्पिनरों की लेंथ को ख़राब किया।

मिचेल ने विकेट पर जूझ रहे हेनरी निकल्स के साथ चौथे विकेट के लिए 73 रन जोड़े। 26वें ओवर में एक इन स्विंग पर वह चूक गए और एलबीडब्ल्यू से बच गए क्योंकि भारत ने मैदानी अंपायर के नॉट आउट फ़ैसले के ख़िलाफ़ रिव्यू लिया था और गेंद विकेट पर नहीं लग रही थी। तीन ओवर के बाद ​ऋद्धिमान साहा ने स्टंपिंग का मौक़ा गंवा दिया, लेकिन इसके कोई मायने नहीं रहे क्योंकि जयंत यादव की यह गेंद नो बॉल थी। इसके तुरंत बाद अश्विन ने निकल्स को लगातार तीन गेंदों पर फ़्लाइट, डिप, टर्न और कोण से छकाया।

अश्विन नई गेंद से भी कमाल की लय में दिखे। उन्होंने टॉम लेथम को पगबाधा किया और विल यंग को शॉर्ट लेग पर टी से पहले कैच कराया। रॉस टेलर हर गेंद पर बल्ला चला रहे थे और आख़िरकार वह अश्विन की गेंद पर स्लॉग स्वीप कर कैच आउट हुए। गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेती हुई हवा में उठी और शॉर्ट स्क्वेयर लेग पर पुजारा ने आगे भागकर कैच लपक लिया। वह आठ गेंद में केवल छह ही रन बना सके।

इसके बाद अक्षर पटेल सीन में आए और उन्‍होंने पकड़ बना रहे मिचेल को डीप कवर पर कैच आउट करा दिया। दो ओवरों के बाद रन लेने की उलझन में टॉम ब्लंडल भी शून्य पर रन आउट हो गए। अश्विन और अक्षर अंत तक बल्लेबाज़ों को परेशान करते रहे ​लेकिन निकल्स और रविंद्र ने बिना और कोई विकेट गिरने दिए दिन का अंत करा दिया।

इससे पहले तीसरे दिन की सुबह अग्रवाल और चेतेश्वर पुजारा ने आक्रामक रूख अपनाया। दोनों ने पहले पांच ओवरों में 30 रन जुटाए। दोपर के सत्र में भारतीय बल्लेबाज़ तेज़ी से रन बनाने के मूड में दिखे। भारतीय टीम ने जयंत का विकेट गिरने के बाद पारी घोषित करने से पहले 21.1 ओवर में 126 रन जुटाए। अक्षर 26 गेंद में 41 रन बनाकर नाबाद लौटे, जिसमें उन्होंने चार छक्के लगाए। अक्षर ने एजाज़ को लांग ऑन पर छक्का जड़ते हुए भारत को 500 से ज़्यादा रनों की बढ़त दिलाई।

अक्षर की ही तरह श्रेयस अय्यर (14) और गिल (47) ने भी स्पिनरों पर जमकर आक्रामक शॉट लगाए। उन्होंने रिवर्स स्वीप लगाई और आगे निकलकर शॉट खेले। यह सब अग्रवाल और पुजारा की 107 रनों की ओपनिंग साझेदारी की वजह से हो पाया।

अग्रवाल एक और शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन एजाज़ पर लांग ऑफ़ के बायीं ओर से उठाकर खेलने के चक्कर में वह लपके गए। पुजारा भी एजाज़ की एक अच्छी टर्न पर स्लिप में कैच दे बैठे और तीन रनों से अर्धशतक से चूक गए।

एजाज़ के विकेट लेने से पहले टिम साउदी ने नील वैगनर का रोल अपनाया और उन्होंने दोनों ओपनरों को लेग साइड पर फ़ील्डिंग सजाकर लगातार बाउंसर की। साउदी ने पुजारा के एल्बो गार्ड पर गेंद मारी तो अग्रवाल को भी कलाई पर गेंद लगी।

वहीं रविंद्र को टी के बाद अपने टेस्ट करियर का पहला विकेट मिला जब उन्होंने गिल को आउट किया। इसके बाद उन्होंने विराट कोहली और साहा के भी विकेट निकाले।

एजाज़ और काइल जेमीसन के अच्छे स्पेल खेलने के बाद कोहली ने ऑफ़ स्पिनर समरविल को निशाना बनाया और मिडविकेट की दिशा में लंबा छक्का लगाया। इसके बाद उन्होंने रविंद्र पर भी उसी दिशा में चौका लगाया, लेकिन रविंद्र की धीमी टर्न और बाउंस से वह गच्चा खा गए और गेंद बल्ले से लगकर स्टंप्स पर जा लगी। उन्होंने 84 गेंद में 36 रन बनाए।

न्यूज़ीलैंड को अगर यह टेस्ट बचाना है तो उन्हें रविंद्र से अब बल्लेबाज़ी में भी कमाल की उम्मीद करनी होगी।

देवारायन मुथु ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।