बाहरी दबाव के आधार पर अजिंक्य रहाणे के भविष्य पर कोई भी फ़ैसला जल्दबाज़ी में नहीं लिया जाएगा, यह कहना था भारतीय कप्तान विराट कोहली का। भारत ने दमदार प्रदर्शन करते हुए घर पर लगातार 14वीं टेस्ट सीरीज़ में जीत हासिल की। हालांकि इन सबके बीच टीम के दो अनुभवी बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा और रहाणे का ख़राब फ़ॉर्म चिंता का विषय बन गया है, ख़ासकर तब जब नए खिलाड़ी टीम में आकर बड़ी पारियां खेल रहे हैं। ऐसे में उन युवा खिलाड़ियों को टीम से बाहर करना और भी मुश्किल हो जाता है।

पिछले 16 टेस्ट मैचों में रहाणे की औसत गिरकर 24.39 पर जा पहुंचा है। इस दौरान उन्होंने मेलबर्न में एक दमदार शतक ज़रूर लगाया था लेकिन उस बात को भी अब एक साल हो गया है। कानपुर टेस्ट मैच में क्रमशः 35 और चार रनों की पारियां खेलने के बाद अब उनके करियर की औसत भी 40 से कम हो गई है।

कानपुर में कोहली की ग़ैरमौजूदगी में एकादश में शामिल किए गए श्रेयस अय्यर ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में एक शतक और एक अर्धशतक बनाया। चर्चा हो रही थी कि शायद मुंबई में जब कोहली वापसी करेंगे तो मयंक अग्रवाल को बाहर बैठना पड़ेगा लेकिन रहाणे की हैमस्ट्रिंग चोट ने काम आसान कर दिया। अग्रवाल ने इस मौक़े को बुनाया और एक मुश्किल पिच पर पहले 150 और फिर 62 रन बनाए। कोच राहुल द्रविड़ ने इसे एक सुखद सिरदर्द बताया। उन्होंने यह भी कहा कि कोच के तौर पर उनके सामने एक चुनौती सर्वश्रेष्ठ एकादश चुनने की भी है, ख़ासकर विदेशी टेस्ट मैचों में, जहां कुछ कठिन फ़ैसले लेने पड़ सकते हैं।

अपनी टेस्ट कप्तानी के पहले भाग में कठिन और बेरहम निर्णयों के लिए जाने जाने वाले कोहली ने अतीत में पुजारा और रहाणे के प्रदर्शनों पर काफ़ी ज़ोर दिया है और उन्होंने कहा कि वह आगे भी ऐसा करेंगे।

कोहली ने कहा, "मैं अजिंक्य के फ़ॉर्म को नहीं आंक सकता। वैसे देखा जाए तो कोई भी, किसी के फ़ॉर्म को नहीं आंक सकता हूं, क्योंकि एक खिलाड़ी ही जानता है कि उसे अपने खेल के किस हिस्से पर काम करना है, लेकिन जैसा कि मैंने पहले भी कहा है उन खिलाड़ियों का समर्थन करना ज़रूरी है जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों और कठिन मैचों में अहम योगदान दिया है। हम टीम में ऐसा माहौल नहीं चाहते जहां खिलाड़ी दबाव आने पर चिंता करने लगे कि आगे क्या होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "हां, हम बाहर से इस तरह के संतुलन की उम्मीद नहीं कर सकते हैं, जहां जो लोग प्रशंसा के गीत गाते हैं, वे दो महीनों में उसी खिलाड़ी के ख़ून के प्यासे हो जाएंगे। हमारी प्रतिक्रिया वैसी नहीं होती है और ना ही भविष्य में कभी होगी क्योंकि हम जानते हैं कि सकारात्मक मानसिकता में आने के लिए खिलाड़ियों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है। हम उनका समर्थन करेंगे, फिर चाहे वह अजिंक्य हो या कोई और। हम कभी भी बाहरी माहौल के आधार पर फ़ैसले नहीं लेंगे।"

हालांकि कोहली ने कहा कि महत्वपूर्ण फ़ैसले लेने की आवश्यकता है और वह होटल पहुंचने के तुरंत बाद द्रविड़ और चयनकर्ताओं के साथ चर्चा शुरू करेंगे। कोहली ने कहा, "वह चर्चा चयनकर्ताओं के साथ की जाएगी। यह एक अच्छा सिरदर्द है लेकिन आप हमेशा इन चीज़ों में स्पष्टता चाहते हैं। और तो और साउथ अफ़्रीका सीरीज़ से पहले यह जान लेना महत्वपूर्ण है कि आप आख़िर करना क्या चाहते हैं। उन चीज़ों को संबोधित करना महत्वपूर्ण है, और हम होटल पहुंचते ही यह बातचीत शुरू कर देंगे।"

विचार करने वाली चीज़ों में से एक थी शुभमन गिल की प्रतिभा का बेहतर उपयोग करने के लिए उन्हें मध्य क्रम में आज़माना। लेकिन टीम ऐसा कर नहीं पाई क्योंकि चोटिल केएल राहुल समय पर फ़िट नहीं हुए। और अब अय्यर ने मध्य क्रम के दावेदारों की सूची में अपना नाम शामिल कर दिया है। क्या टीम साउथ अफ़्रीका में गिल को मध्‍य क्रम में खिलाएगी?

कोहली ने कहा, "यह चर्चा की जानी चाहिए कि हमारे अनुसार कौन अलग अलग भूमिकाएं निभाने वाले विशेषज्ञ हैं। मैं यहां प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बैठकर इसका जवाब नहीं दे सकता हूं। आपको इन विषयों पर बातचीत करनी पड़ती है, यह विशलेषण करना पड़ता है कि टीम और खिलाड़ियों के लिए क्या सही है और एक सामूहिक फ़ैसला लेना पड़ता है। हम आने वाले समय में भी इसी प्रक्रिया का पालन करेंगेा"

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।