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साधारण दृष्टिकोण से घरेलू परिस्थतियों में चहल ने दोबारा से पाया आत्मविश्वास

मूल नियंत्रण और दिमाग से गेंदबाजी करके चहल ने मैच बदल देने वाला प्रदर्शन किया

चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लेकर चहल ने संतुलन प्रदान किया  •  ISHARA S. KODIKARA/AFP/Getty Images

चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लेकर चहल ने संतुलन प्रदान किया  •  ISHARA S. KODIKARA/AFP/Getty Images

साल 2017 के दूसरे हॉफ से भारतीय टीम ने सफेद गेंद प्रारूप में कलाईयों के स्पिनरों को खिलाना शुरू किया, तब से ही युजवेंद्र चहल वनडे और टी20 अंतर्राष्ट्रीय में लगातार प्लेयिंग इलेवन का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, 2019 विश्व कप के बाद चहल और उनके साथी कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव दोनों एक साथ प्लेयिंग इलेवन में एक साथ खेलने की पहली पसंद नहीं रहे।
कोविड-19 महामारी की वजह से भारतीय टीम विभाजित हो गई और चहल श्रीलंका में सीमित ओवर क्रिकेट की टीम में सबसे विश्वसनीय खिलाड़ी बने। यह श्रीलंका ही था जहां उन्होंने खुद को प्लेयिंग इलेवन में स्थापित किया था और वहां लौटकर उन्होंने अपनी पुरानी वापसी की फॉर्म ही दिखाई है।
चहल पहले दो वनडे में पूरी तरह से लय में थे, तीसरे में उन्हें आराम दिया गया, क्योंकि भारत सीरीज जीत चुका था और रविवार को पहले टी20 अंतर्राष्ट्रीय में उन्होंने एक कदम ऊपर जाकर प्रदर्शन किया। वनडे में उन्‍होंने श्रीलंका की एक अच्‍छी शुरुआत के बाद गेंदबाजी की और भारत की मैच में पकड़ बनवाई। उन्होंने पहले टी20 में भी वही चीज की, लेकिन इस बार पहले से भी ज्यादा अच्छी। श्रीलंका के स्कोर एक विकेट पर 46 रन था और पावरप्ले के तुरंत बाद ही उन्हें गेंदबाजी पर लगाया गया। चहल ने धनंजय डीसिल्वा को एक ऐसी गेंद पर बोल्ड किया जो हर लेग स्पिनर का सपना होती है। एक दीवाना बना देने वाली गेंद जो बहुत सटीक थी, जिसमें संतुलन, चिढ़ाने वाला बहाव, लेग स्टंप पर सटीक टप्पा था और जो जाकर सीधा ऑफ स्टंप से टकरा गई।
यह चाहर का इस मैच में इकलौता विकेट था, लेकिन उन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लिया। यह आंकड़े ही काफी प्रभावशाली हैं, लेकिन स्मार्ट इकॉनमी के लिहाज से पहले मैच में चहल की स्मार्ट इकॉनमी 2.69 की रही. मैच की वर्तमान स्थिति में गेंद का सामना कर रहे बल्लेबाज़ को ध्यान में रखकर निकाली जाने वाली इस स्मार्ट इकॉनमी की सूची में चहल नंबर एक गेंदबाज़ साबित हुए।
चहल ने श्रीलंका को सिर्फ अपने कौशल ही नहीं अपने दिमाग से भी मात दी। वह दायें हाथ के बल्लेबाजों तब गेंदबाजी कर रहे थे जब लेग साइड पर छोटी बाउंड्री थी, तो उन्होंने एक भी गुगली नहीं की। यही नहीं, उन्होंने अपनी लाइन पर विशुद्धता के साथ कंट्रोल किया। ईएसपीएनक्रिकइंफो के गेंद दर गेंद डाटा के अनुसार, चहल ने 13 गेंद दायें हाथ के बल्लेबाजों को की, तीन स्टंप्स में थी और 10 ऑफ स्टंप के बाहर। उन्होंने एक भी गेंद लेग साइड पर नहीं की। वहीं बायें हाथ के बल्लेबाजों को उन्होंने 11 गेंद की, सात स्टंप्स में थी, जिससे उन्हें ऑफ साइड में रन बनाने के लिए रूम नहीं मिला, जहां बाउंड्री छोटी थी।
चहल ने मैच के बाद कहा, "जिस एंड से मैं गेंदबाजी कर रहा था वहां पर लेग साइड में छोटी बाउंड्री थी और वे उस ओर मारने की सोच रहे थे। यही वजह है कि मैंने दायें हाथ के बल्लेबाजों को गुगली नहीं की। मैं उन्हें आत्मविश्वास नहीं देना चाहता था। मैंने सोचा कि अगर मैंने उन्हें ज्यादा से ज्यादा डॉट बॉल की तो उन पर दबाव बढ़ेगा। तो अगर मुझे विकेट नहीं भी मिलते हैं, दूसरे एंड से मेरा साथी फ्री होकर गेंदबाजी कर सकता है। अगर मैं विकेट के लिए कोशिश करता और कुछ ज्यादा करने की सोचता तो वे छक्के या चौके लगा सकते थे और दबाव अपने आप हम पर आ जाता, क्योंकि हमारा स्कोर ज्यादा नहीं था। तो ऐसे में मैंने बायें हाथ के बल्लेबाजों को ज्यादा गुगली की, मैं यही मिश्रण करता रहा।"
चहल ने अपने पहले दो ओवरों में सात रन दिए और उनके आने से पहले जरूरी रेट 7.66 था, जो बाद में 10.00 हो गया, क्योंकि श्रीलंका ने तीन ओवरों के अंदर ही दो विकेट गंवा दिए। उनके आखिरी ओवर से पहले चरिथ असलंका ने डेब्यू कर रहे वरुण चक्रवर्ती के ओवर में 14 रन बनाए और इससे श्रीलंका को आखिरी ओवरों में आक्रमण करने के लिए नींव मिली। चहल 15वें ओवर में गेंदबाजी करने आए और उन्होंने तीन ही रन दिए। उन्होंने गति में परिवर्तन किया, लेंथ में बदलाव किए ताकि यदि बल्लेबाज चहलकदमी भी करता है तो गेंद को उसके हिटिंग एरिया से दूर रखा जा सके। चहल के आखिरी ओवर से पहले ईएसपीएनक्रिकइंफो के स्मार्ट स्टैट्स पर श्रीलंका की जीत की संभावना 40.47% थी। उनके गेंदबाजी करने के बाद यह 22.92 पर आ गई। उन्होंने कहा कि उनका काम मध्य ओवरों को संभालना था, ऐसा ही उन्होंने भारत के लिए इस मुकाबले में किया।
उनकी गेंदबाजी में चमक लॉकडाउन के दौरान कोच और हरियाणा की टीम में उनके साथी जयंत यादव के साथ समय बिताने से आई, जिनके साथ उन्होंने आइडिया शेयर किए।
चहल ने कहा, "जब मैं नहीं खेल रहा था तो मैंने अपने गेंदबाजी कोच के साथ काम किया कि मुझे कहां गेंदबाजी करनी चाहिए, क्यों मैं पिछले कुछ मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था। लॉकडाउन के दौरान मैंने अपने दोस्तों के साथ सिंगल विकेट पर गेंदबाजी की।"
चहल ने कहा, "मैं ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहता था। मैंने सोचा कि मुझे किस लाइन पर गेंदबाजी करने के लिए फोकस करना चाहिए, मुझे स्टंप टू स्टंप गेंदबाजी करनी चाहिए या ऑफ स्‍टंप के बाहर। मैं भरत अरुण सर के साथ बैठा, यहां पर पारस महांब्रे सर और राहुल द्रविड़ सर के साथ बैठा। मैंने वीडियोज में देखा कि क्या कमी है? मैं अच्छा कर रहा हूं लेकिन पिछले कुछ मैचों से ऐसा नहीं हो रहा था। इस दौरे से पहले लॉकडाउन के दौरान, मैं कोविड-19 से लगे प्रतिबंध के कारण ज्यादा क्रिकेट मैदान पर नहीं जा सका, लेकिन अपने गृहनगर में मैंने तीन से चार सत्र किए, जहां मैं अभ्यास के लिए गया। जयंत वहां थे, मैं उनके साथ बचपन से खेल रहा हूं। हमने साथ अभ्यास किया। मैंने उनसे भी बात की और चीजें वहां से शुरू हुई। मुख्य चीज गेंदबाजी करते वक्त अधिक आत्मविश्वास का मौजूद होना था, अगर यह आता तो मैं अच्छी गेंदबाजी कर सकूंगा।"
चहल के लिए इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी था, क्योंकि इस दौरे पर भारतीय टीम में विशुद्ध स्पिनरों के तौर पर राहुल चाहर हैं, जो एक और अच्छे लेग स्पिनर हैं, जबकि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती भी हैं।
चहल ने कहा, "बिल्कुल जब आपकी बेंच स्ट्रेंथ अच्छी हो तो आपके पास 30 खिलाड़ियों का पूल होता है, तो इससे प्रोत्साहन मिलता है और आपको वहां पर क्वालिटी मिलती है। सभी स्पिनर अच्छा कर रहे हैं। आप जानते हैं कि आपकी जगह के लिए वहां पर दो लोग तैयार हैं, जो खुद को आईपीएल में साबित कर चुके हैं। जब मैं खेलता हूं तो मेरा फोकस यही रहता है कि मैं प्रदर्शन करूं। अगर आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपको खेलने को मिलता है। आप टीम में ​केवल प्रदर्शन करके ही रह सकते हें। मैं जब गेंदबाजी करता हूं तो अपना दिमाग साफ रखता हूं, मैं यह नहीं सोचता हूं कि इस इंसान ने ऐसा किया, उस इंसान ने वैसा किया। मेरा दिमाग में बस यही रहता है कि गेंद मेरे पास है और मुझे वह करना है जो मुझे करने की जरूरत है।"
चहल को इस टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज के बाद और कड़ी चुनौतियों का सामना करना है, जहां आईपीएल और टी20 विश्व कप होंगे। अगर वह इसी कौशल के साथ गेंदबाजी करना जारी रखते हैं जैसा उन्होंने श्रीलंका में की है तो उनके ​और टीम के लिए और अच्छे दिन आने वाले हैं।

सौरभ सोमानी में ESPNcricinfo असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में एसोसिएट सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।