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इंग्लैंड की जीत से बढ़कर पाकिस्तान में 17 साल बाद सहभागिता बना जश्न का कारण

6,117 दिन बाद पाकिस्तान में खेलते हुए इंग्लैंड ने आसानी से मैच जीत लिया लेकिन मंगलवार की शाम किसी और ही वजह से ख़ास थी

पाकिस्तानी दर्शकों ने 17 सालों के बाद पाकिस्तान आने के लिए इंग्लैंड की टीम का शुक्रिया अदा किया  •  AFP/Getty Images

पाकिस्तानी दर्शकों ने 17 सालों के बाद पाकिस्तान आने के लिए इंग्लैंड की टीम का शुक्रिया अदा किया  •  AFP/Getty Images

देर आए दुरुस्त आए।
डेविड विली की एक गुड लेंथ गेंद को मोहम्मद रिज़वान ने डीप बैकवर्ड प्वॉइंट की तरफ़ खेला और कराची के नेशनल स्टेडियम में ख़ुशी और उत्तेजना की लहर सी दौड़ गई। मेहमान टीम इंग्लैंड ठीक 6,117 दिनों के बाद पाकिस्तान में फिर से खेल रहा था।
ल्यूक वुड के शानदार पदार्पण पर गेंदबाज़ी और ऐलेक्स हेल्स के कमबैक पर अर्धशतक के ज़रिए इंग्लैंड ने इस मैच में आसान जीत दर्ज कर सात मैचों के सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बनाई। हालांकि मंगलवार की रात जीत और हार के परिणाम से कहीं बढ़कर थी और ऐसे में पाकिस्तान केवल एक हार से निराश नहीं होने वाला था।
पिछले गुरुवार पाकिस्तान में लैंड करने के बाद से सुरक्षा कारणों से इंग्लैंड की टीम मैदान के अलावा सिर्फ़ अपने टीम होटल तक ही सीमित रही है लेकिन उनका स्वागत कराची ने बढ़िया अंदाज़ में किया। समर्थकों में "स्वागतम" और "धन्यवाद" कहते हुए कई पोस्टर तो थे ही, वहीं एक समर्थक तो पाकिस्तान की जर्सी पहना था लेकिन उनके हाथों में पोस्टर के अनुसार वह "सिर्फ़ इंग्लैंड को सपोर्ट" करने आए थे।
इंग्लैंड की टीम को वीवीआईपी का दर्जा दिया गया है और उनके लिए सुरक्षा प्रबंध किसी राष्ट्रपति के लिए दी जाने वाली सुरक्षा से कम नहीं है। उनके साथ आम कपड़ों में अंगरक्षक हैं, उनके बुलेटप्रूफ़ बस के ऊपर एक हेलीकॉप्टर का भी साया रहता है और जहां से भी उनका काफ़िला निकलता है वहां के आसपास के इमारतों पर स्नाइपर भी तैनात हैं। इस पूरे प्रबंध का खर्चा लगभग 40 करोड़ रुपये के क़रीब बताया जा रहा है। युवा खिलाड़ी हैरी ब्रुक ने 'स्काई' पर मैच के बाद मज़ाक़िया अंदाज़ में कहा, "मैं जब शौचालय भी जाता हूं तो कोई मेरे साथ रहता है। ऐसा पहले तो कभी नहीं हुआ है लेकिन इससे हम सुरक्षित महसूस ज़रूर करते हैं।"
संयोग से इस गेम का आयोजन ठीक उसी तारीक़ को हुआ जब पिछले साल टी20 विश्व कप से पहले इंग्लैंड ने अपना पाकिस्तान दौरा अचानक से स्थगित कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष रमीज़ राजा ने पाकिस्तान के "प्रयोग किए जाने और उसके बाद फेंक दिए जाने" की बात की थी। हालांकि ब्रिटेन के राजदूत क्रिस्टियन टर्नर ने बताया था कि यह फ़ैसला सरकार का नहीं बल्कि बोर्ड का था और उन्हें पाकिस्तान के समर्थकों के "पीड़ा" का पूरा अंदाज़ा था और सहानुभूति भी। पाकिस्तान को तब लगा था कि लगातार न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड के दौरे रद्द हो जाने से भविष्य में टीमों का पाकिस्तान आना और मुश्किल हो जाएगा। बजाय इसके, मार्च-अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया के आने के बाद अब पाकिस्तान अपने सबसे व्यस्त सीज़न के बीच है, जिसमें टी20 विश्व कप के बाद और भी काफ़ी सारा क्रिकेट पाकिस्तान में खेला जाना है।
हालांकि इतने कड़े सुरक्षा प्रबंध को देखकर कुछ खिलाड़ी भी पिघल गए हैं। पहले मैच में कप्तानी कर रहे मोईन अली का परिवार मूलतया पाकिस्तान से है और उन्होंने रविवार को कहा था, "आपको कभी कभी बुरा लगता है। आप यहां दौरे पर हैं, क्रिकेट खेल रहे हैं और वहीं कई लोग रोज़ की ज़िंदगी में संघर्ष कर रहे हैं।"
दोनों टीमों ने हालिया बाढ़ और उससे उत्पन्न तबाही के बारे में जागरूकता फैलाने और पीड़ित नागरिकों के लिए धन राशि इकठ्ठा करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जितनी राशि दी है उनके बोर्ड ने भी उतना ही पैसा बाढ़ कोष को डोनेशन के रूप में दिया है। पीसीबी ने बुधवार को टिकट से मिले पैसे भी बाढ़ राहत के लिए दिए। पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने ख़ास जर्सी पहनी जिसमें उनके पीठ पर नाम और नंबर आधे विलुप्त दिखे।
मैच से पहले रानी एलिज़ाबेथ तथा बाढ़ से पीड़ित परिवारों के लिए एक मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद पाकिस्तान का राष्ट्रगान मैदान में गूंज उठा, और जब पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज़ मैदान पर उतरे तो कप्तान बाबर आज़म के लिए "बाबर, बाबर, बाबर" का शोर मैदान के चारों तरफ़ सुनाई दिया। जब बाबर ने अपनी पहली गेंद को शॉर्ट मिडविकेट के पार चौके के लिए पहुंचाया तो समर्थक फिर से आंदोलित हुए। इसके बाद उन्हें शोर मचने का मौक़ा रिज़वान ने लगातार कट और पुल पर चौके लगाते हुए दिया। वैसे उनका समर्थन किसी भी तरह एकतरफ़ा नहीं था - उन्होंने ब्रुक को भी कवर पर एक अच्छे स्टॉप के लिए शाबाशी दी।
यूं तो इंग्लैंड के खिलाड़ी बड़े क्राउड के समक्ष खेलने के आदी हैं लेकिन एक खचाखच भरा मैदान, शाम को फ़्लडलाइट की रोशनी और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से काफ़ी समय तक वंचित रहे दर्शकों के बीच यह अनुभव अद्वितीय रहा होगा। हेल्स एक समय मिडविकेट पर खड़े वुड के पास से गुज़रे। मैच के बाद हेल्स ने कहा, "उन्होंने (वुड) ने कहा कि उन्हें माहौल और शोर गुल का अंदाज़ा ही नहीं था। मैं यहां कराची में फुल हाउस के सामने खेल चुका हूं और यह एक बहुत ख़ास अनुभव रहता है। इस जगह मैंने काफ़ी समय बिताया है और यह मेरे दिल के क़रीब है। इतने अरसे के बाद पाकिस्तान के दौरे पर आई इंग्लैंड के टीम का हिस्सा होना मेरे लिए गर्व की बात है।"
पहली पारी के 12 ओवर के बाद मेज़बान समर्थकों का जोश थोड़ा फीका ज़रूर पड़ गया। पाकिस्तान ने आख़िरी आठ ओवरों में छह विकेट के नुक़सान पर केवल 54 रन बनाए। इंग्लैंड के चेज़ में कुछ समय के लिए कांटे की टक्कर की उम्मीदें जगी ज़रूर थीं लेकिन नसीम शाह ने अपनी पहली ही गेंद पर फ़िल सॉल्ट को एक हाफ़-वॉली थमाई जिसपर उन्होंने करारा शॉट लगाया और इंग्लैंड के इरादे स्पष्ट किए।
जब इंग्लैंड पिछली बार पाकिस्तान आई थी तो ब्रुक छह साल के थे और इस दिन उन्हें बाउंड्री लगाकर जीत सुनिस करने का अवसर मिला। आधी क्राउड तब तक घर के लिए रवाना हो चुकी थी लेकिन जितने भी दर्शक थे उन्होंने इस शॉट पर तालियां बजाईं। आख़िर 17 सालों के बाद इंग्लैंड का पाकिस्तान आना कोई छोटी बात भी तो नहीं।

मैट रोलर ESPNcricinfo के अस्सिटेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड देबायन सेन ने किया है।