2013 की शुरुआत से अब तक भारत ने घरेलू पिचों पर 19 टॉस जीते हैं। मौसम से प्रभावित दो टेस्ट मैचों के ड्रॉ होने के अलावा, उन्होंने 16 मैच जीते हैं, और केवल एक मैच ऐसा रहा है जिसमें जीत की मार्जिन 100 से कम रही है। भारत में भारत के ख़िलाफ़ खेलना और टॉस हार जाना टेस्ट क्रिकेट के सबसे चुनौतीपूर्ण कामों में से एक है। जो इन आंकड़ों में साफ़ झलकता है।

कानपुर टेस्ट के पांचवें दिन उनकी टीम का प्रदर्शन केन विलियमसन के लिए काफ़ी संतोषजनक रहा होगा। "उस अंतिम परिणाम को प्राप्त करने के लिए हमें काफ़ी मेहनत करनी पड़ी। पूरे मैचो को अगर हम देखें तो इसमें हमारे पक्ष के खिलाड़ियों के द्वारा अलग-अलग समय पर काफ़ी महत्वपूर्ण योगदान दिए गए। यह हमारी टीम के लिए काफ़ी कारगर रहा। ऋद्धिमान साहा ने भारत के लिए दूसरी पारी में एक अहम पारी खेली और उन्होंने अक्षर पटेल के साथ बढ़िया साझेदारी निभाई। उस पार्टनरशिप के कारण भारत अपनी पारी घोषित करने के बाद मैच जीतने के रवैये से आगे बढ़ पाया।"

हमारे लिए अपर्याप्त तैयारियों के साथ मैदान पर जाना, बल्लेबाज़ो का पिच पर थोड़ा समय बिताना, गेंदबाज़ो के द्वारा इस तरीक़े से बढ़िया गेंदबाज़ी करना एक बेहतरीन अनुभव था। हमारे लिए यह ज़रूरी है कि जब हम नए मैदान पर जाएं तो उसके अनुसार अनुकूलित हो जाएं।"

काइल जेमीसन और टीम साउदी ने 14 विकेट लेकर न्यूज़ीलैंड को लगातार मैच में बनाए रखा। ख़ास कर के कीवी तेज़ गेंदबाज़ो ने उस पिच पर ऐसा प्रदर्शन किया जहां उनकी विपक्षी टीम पूरी तरह से अपने स्पिनर्स पर निर्भर थी।

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हां या ना ? भारतीय गेंदबाज़ों के लिए टॉम लेथम ऑउट ऑफ़ सिलेबस निकले
हां या ना ? भारतीय गेंदबाज़ों के लिए टॉम लेथम ऑउट ऑफ़ सिलेबस निकले

हालांकि न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ो के इस प्रदर्शन के बाद इस प्रश्न का उठना भी लाज़िमी भी है कि क्या न्यूज़ीलैंड को तीसरे सीमर के साथ मैदान पर उतरना चाहिए था। इस संदर्भ में विलियमसन ने कहा ,"हम लगातार परिस्थितियों के अनुकूल होने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे स्पिनर्स कई बार इस तरह की परिस्थितियों में हमारे लिए उत्कृष्ट रहे हैं। मुझे लगता है कि मुंबई की परिस्थितियों में काफ़ी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। समरविल और एजाज़ ने बल्ले से भी बेहतर प्रदर्शन किया।"

"टिम और काइल के प्रयासों ने हमें खेल में बनाए रखा और उन्होंने हमें मैच में लड़ने का मौक़ा दिया। पिच पर ज़्यादा गति नहीं थी। टिम अपने गेंदबाज़ी के कोण को बदलने में सक्षम थे और निश्चित रूप से अपनी लाइन और लेंथ के साथ वह काफ़ी सटीक थे।"

न्यूज़ीलैंड को दिन की शुरुआत में 280 रनों की ज़रूरत थी और उनके हाथ में नौ विकेट थे। उन्हें नाइटवॉचमैन विलियम समरविल ने उम्मीद दी और वह पूरे सत्र के लिए सलामी बल्लेबाज़ टॉम लेथम के साथ जमे रहे। हालांकि विलियमसन ने कहा कि भारत की गेंदबाज़ी इतनी अच्छी थी कि वह कभी भी जीत के बारे में सोच भी नहीं पाए।

विलियमसन ने कहा, "हम पांचवें दिन जब खेलने आए तो हमें पता था कि मैच में तीनों परिणाम संभव थे।हालांकि भारत दूसरे और तीसरे सत्र में हमें दबाव में रखने में सक्षम था। यहां रन बनाना मुश्किल था और पिच पर बहुत कम उछाल था। अगर सभी चीज़े सही रहती तो हम एक बार के लिए लक्ष्य तर पहुंचने का प्रयास ज़रूर करते। हालांकि जिस तरीक़े से आख़िरी विकेट के लिए साझेदारी हुई और हमारे बल्लेबाज़ो ने मैच को ड्रॉ करवाने के लिए लड़ा, वह देखना बेहतरीन अनुभव था।"

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo के अस्सिटेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।