मैच (8)
ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज़ (1)
पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड (1)
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (1)
वेस्टइंडीज़ बनाम इंग्लैंड (1)
ऑस्ट्रेलिया बनाम साउथ अफ़्रीका (1)
बांग्लादेश ए बनाम इंडिया ए (1)
एलपीएल (1)
विश्व कप लीग 2 (1)
ख़बरें

राजपूत : 2007 विश्व कप टीम के लिए कुछ करने का जज़्बा ही सबसे बड़ी प्रेरणा साबित हुई

पूर्व भारतीय कोच का मानना है कि आगामी विश्व कप में सही संयोजन बिठाना ज़रूरी है

कुणाल किशोर
24-Sep-2022
India's dramatic win against Pakistan in the 2007 World T20 final gave the format a massive boost in popularity, Final, India v Pakistan, World Twenty20, Johannesburg, Sep 24, 2007

24 सितंबर 2007 को भारत ने पहला टी20 विश्व कप ख़िताब अपने नाम किया था  •  Getty Images

24 सितंबर।
इस तारीख़ को सुनते ही 1990 के दशक में जन्मे हर भारतीय के ज़हन में दो यादें ताज़ा हो जाती हैं। पहली जब आज ही के दिन 2007 में साउथ अफ़्रीका के जोहैनेसबर्ग में भारत ने पाकिस्तान को हराकर पहला टी20 विश्व कप (तब आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी20) अपने नाम किया था। और दूसरी इसके ठीक सात साल बाद इसी तारीख़ को भारत ने अपने अंतरिक्ष यान को पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करके इतिहास रच दिया था।
घबराइए मत, हम अंतरिक्ष विज्ञान की बात नहीं करेंगे। आपको वापस जोहैनेसबर्ग लिए चलते हैं, जहां सांसें रोक देने वाले फ़ाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया था।
दरअसल, टी20 विश्व कप के लिए टीम चुने जाने से पहले कई दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों ने युवाओं को मौक़ा देने के लिए इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से मना कर दिया था। जिस कारण चयनकर्ताओं को एक युवा टीम चुननी पड़ी और कमान दी गई युवा महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में और कोच बनाए गए पूर्व भारतीय क्रिकेटर लालचंद राजपूत
हालिया समय में ज़िम्बाब्वे के पुरुष टीम के कोच रह चुके राजपूत आजकल लेजेंड्स लीग क्रिकेट (एलएलसी) में भीलवाड़ा किंग्स के कोच हैं। लीग के दिल्ली पड़ाव के पहले मैच से एक दिन पहले उन्होंने ईएसपीएनक्रिइंफ़ो हिंदी से बात करते हुए कहा कि उस 2007 की टीम के लिए किसी भी विशेषज्ञ का कोई उम्मीद नहीं रखना ही उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा साबित हुई।
राजपूत ने डेढ़ दशक बाद उन पलों को याद करते हुए कहा, "ये यादें हमेशा रहेंगी, क्योंकि हमने इतिहास बनाया था। कोई हमसे उम्मीद नहीं कर रहा था कि हम जीतेंगे। (साउथ अफ़्रीका) जाने के पहले भी सब बोल रहे थे कि युवा टीम है नया कप्तान, नया कोच। धोनी पहली बार कप्तानी कर रहा था और मैं पहली बार कोच बना था। लेकिन टीम में एक मोटिवेशन फ़ैक्टर था कि नहीं कुछ करके आना है। और विश्व कप जीतकर हमने इतिहास बनाया।"
भारत की 2007 विश्व कप विजेता टीम और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आगामी टी20 विश्व कप के लिए चुने गए भारतीय दल की तुलना करते हुए पूर्व भारतीय कोच ने पहले विश्व कप टीम के इस प्रारूप में अनुभवहीनता की बात की।
उन्होंने कहा, "पहला विश्व कप हुआ था तो किसी को पता नहीं था कि ये क्या है। किसी को अनुभव नहीं था। विश्व कप से पहले भारतीय टीम सिर्फ़ एक टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेली थी। अभी हमारी टीम काफ़ी टी20 खेल चुकी है। 2008 से आईपीएल शुरू हुआ तो खिलाड़ियों में परिपक्वता बहुत है। कई खिलाड़ियों के पास गेम टाइम काफ़ी ज़्यादा है। भारतीय विश्व कप टीम में काफ़ी एक्स फ़ैक्टर्स हैं। उस समय हमारे पास युवराज [सिंह] और [वीरेंद्र] सहवाग थे। अभी हार्दिक पंड्या, [ऋषभ] पंत और सूर्यकुमार [यादव] हैं।"
साथ ही उन्होंने टीम इंडिया को टी20 विश्व कप में 2007 की विश्व विजेता टीम जैसी टीम संयोजन खिलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "भारत को पांच गेंदबाज़ों के साथ खेलना चाहिए और पंड्या के साथ छठे गेंदबाज़ के रूप में जाना चाहिए। क्योंकि किसी गेंदबाज़ का ख़राब दिन रहता है तो आपके पास विकल्प होना चाहिए। तीन मिडियम पेसर और दो स्पिनर, मैं इसी कॉम्बिनेशन के साथ जाना चाहूंगा। क्योंकि जब हम 2007 जीते तब हम तीन तेज़ गेंदबाज़ों के साथ गए और भज्जी [हरभजन सिंह] और युवी स्पिन गेंदबाज़ी करते थे। (मौजूदा) टीम कॉम्बिनेशन अच्छा है, लेकिन यह निर्भर करता है आप उस दिन कैसा खेलते हैं। क्योंकि इस फ़ॉर्मेट में एक गेंदबाज़ या एक बल्लेबाज़ मैच की तस्वीर बदल सकता है। इसलिए हमें अपना गेम हर समय शिखर पर रखना है।"
भुवनेश्वर कुमार ने एशिया कप में सुपर 4 में लगातार दो मुक़ाबलों में 19वां ओवर डाला जो काफ़ी महंगा साबित हुआ और मैच भारत का हाथ से फिसल गया। मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक बार फिर भुवी ने 19वां ओवर डाला और महंगे साबित हुए। राजपूत के अनुसार भुवनेश्वर के 16वें ओवर से पहले ख़त्म करा लेना ही उचित होगा।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है भुवी को पहले तीन ओवर करा लेने चाहिए और बीच में 16 ओवर से पहले उनका कोटा पूरा करवा सकते हैं। क्योंकि डेथ में [जसप्रीत] बुमराह, अर्शदीप [सिंह] और हर्षल [पटेल] अच्छा डालेंगे। भुवी अच्छे गेंदबाज़ हैं लेकिन आख़िरी ओवरों में बल्लेबाज़ उनको निशाना बनाते हैं। बुमराह के आने से भारत की डेथ ओवरों की समस्या दूर हो जाएगी। अर्शदीप अच्छा डाल ही रहा है और तीसरा विकल्प है हर्षल पटेल।"
एलएलसी में आज पठान बंधुओं और मैट प्रायर जैसे खिलाड़ियों से लैस भिलवाड़ा किंग्स का मुक़ाबला इंडिया कैपिटल्स से है, जिनकी टीम में गौतम गंभीर, जैक कैलिस और रॉस टेलर जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं।

कुणाल किशोर ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर हैं।